अब हर 15 मिनट में महाराज जी आपको याद दिलाएंगे नाम जप करना
अब हर 15 मिनट में महाराज जी आपको याद दिलाएंगे नाम जप करना महाराज जी हमेशा अपने भक्तों को कहते है कि सभी समस्याओं का समाधान नाम जप है. आपको…
अब हर 15 मिनट में महाराज जी आपको याद दिलाएंगे नाम जप करना महाराज जी हमेशा अपने भक्तों को कहते है कि सभी समस्याओं का समाधान नाम जप है. आपको…
अब हर 15 मिनट में महाराज जी आपको याद दिलाएंगे नाम जप करना महाराज जी हमेशा अपने भक्तों को कहते है कि सभी समस्याओं का समाधान नाम जप है. आपको…
पहला नम्बर वीर महान का, आगे आगे देखो और कितने सेलेब्रिटी महाराज जी के लिए बनेंगे साधू डब्लूडब्लूई रेसलिंग स्टार वीर महान उर्फ़ रिंकू सिंह राजपूत महाराज Vrindavan Rasik Sant…
पहला नम्बर वीर महान का, आगे आगे देखो और कितने सेलेब्रिटी महाराज जी के लिए बनेंगे साधू डब्लूडब्लूई रेसलिंग स्टार वीर महान उर्फ़ रिंकू सिंह राजपूत महाराज Vrindavan Rasik Sant…
वृन्दावन जाने से पहले यह पढ़ ले परेशान होने से बच सकते हैं इस समय वृन्दावन धार्मिक आस्था का हॉट स्पॉट बना हुआ है. हर रोज लाखों भक्त वृन्दावन में…
वृन्दावन जाने से पहले यह पढ़ ले परेशान होने से बच सकते हैं इस समय वृन्दावन धार्मिक आस्था का हॉट स्पॉट बना हुआ है. हर रोज लाखों भक्त वृन्दावन में…
सारे साधनोंका प्राण है- भगवान्का नाम ४१-सारे साधनोंका प्राण है- भगवान्का नाम । ‘नाम रामको अंक है, सब साधन हैं सून।’ खूब भजन करो और दूसरोंसे करवाओ। ४२-मनुष्य सदा डरता…
सारे साधनोंका प्राण है- भगवान्का नाम ४१-सारे साधनोंका प्राण है- भगवान्का नाम । ‘नाम रामको अंक है, सब साधन हैं सून।’ खूब भजन करो और दूसरोंसे करवाओ। ४२-मनुष्य सदा डरता…
प्रश्न- खुद और अपने बच्चों को भगवान के मार्ग में कैसे चलाएं ? पांच बातें स्वीकार कर लो 1.सुमिरन- किसी भी एक नाम का सुमिरन 2. सेवा- माता-पिता की सेवा,…
प्रश्न- खुद और अपने बच्चों को भगवान के मार्ग में कैसे चलाएं ? पांच बातें स्वीकार कर लो 1.सुमिरन- किसी भी एक नाम का सुमिरन 2. सेवा- माता-पिता की सेवा,…
मनुष्य भूल करता है, सुख एवं सुविधाएँ चाहता है, पर चाहता है भगवान् की ओर पीठ देकर, चतुर्थ माला १-जबतक भगवान्की ओर मुख नहीं हो जाता, तबतक यथार्थ में सुख…
मनुष्य भूल करता है, सुख एवं सुविधाएँ चाहता है, पर चाहता है भगवान् की ओर पीठ देकर, चतुर्थ माला १-जबतक भगवान्की ओर मुख नहीं हो जाता, तबतक यथार्थ में सुख…
भगवान् प्रेमके वश होकर क्या नहीं करते- सब कुछ करते हैं ८८-भगवत्प्रेमके लिये साधना करनी चाहिये, जैसे भी हो इसकी उपलब्धि करनी चाहिये। ८९-जिस दिन मनुष्य सब भूतों में अपने-आपको…
भगवान् प्रेमके वश होकर क्या नहीं करते- सब कुछ करते हैं ८८-भगवत्प्रेमके लिये साधना करनी चाहिये, जैसे भी हो इसकी उपलब्धि करनी चाहिये। ८९-जिस दिन मनुष्य सब भूतों में अपने-आपको…
जब जीवन में बहुत दुखी हों, परेशान हों, विपत्ति मे हों, हार गये हों तो ये सुनो !! देखो सबसे पहली बात की हमारी कमजोरी क्या है. हम परेशान हो…
जब जीवन में बहुत दुखी हों, परेशान हों, विपत्ति मे हों, हार गये हों तो ये सुनो !! देखो सबसे पहली बात की हमारी कमजोरी क्या है. हम परेशान हो…
बुढ़ापे के कष्ट भोग कर बुरी मौत मरने से डर लगता है, महाराज जी क्या बोले ? एक वृद्ध महिला ने महाराज जी से पुछा, महाराज जी बुढापे को भोगने…
बुढ़ापे के कष्ट भोग कर बुरी मौत मरने से डर लगता है, महाराज जी क्या बोले ? एक वृद्ध महिला ने महाराज जी से पुछा, महाराज जी बुढापे को भोगने…
भगवान् प्रेम है और प्रेम ही भगवान् है, , तृतीय माला ४३-जहाँ देखता है, वहीं श्याम – एक तो यह अवस्था होती है। दूसरे प्रकारकी अवस्था यह है कि श्यामके…
भगवान् प्रेम है और प्रेम ही भगवान् है, , तृतीय माला ४३-जहाँ देखता है, वहीं श्याम – एक तो यह अवस्था होती है। दूसरे प्रकारकी अवस्था यह है कि श्यामके…
जो सोचते है पढ़ाई करना कठिन है और बाबा बनना आसान है इसलिए बाबा बन जाए, पढ़ना नहीं पड़ेगा, उन्हें महाराज जी ने क्या बोला जब एक बच्चे ने बोला…
जो सोचते है पढ़ाई करना कठिन है और बाबा बनना आसान है इसलिए बाबा बन जाए, पढ़ना नहीं पड़ेगा, उन्हें महाराज जी ने क्या बोला जब एक बच्चे ने बोला…
शरणागति के लिए जीव को किन बातों की आवश्यकता होती है ? असल बात शरणागति तभी होती है जब हम अपने को किसी योग्य नहीं समझते, जब अर्जुन जी आज्ञा…
शरणागति के लिए जीव को किन बातों की आवश्यकता होती है ? असल बात शरणागति तभी होती है जब हम अपने को किसी योग्य नहीं समझते, जब अर्जुन जी आज्ञा…
प्रेम एकमें ही होता है और वह भगवान्में ही होना सम्भव है, तृतीय माला आदरणीय परम पूज्य श्री हनुमानप्रसाद पोद्दार जी की लाभदायक पुस्तक ‘सत्संग के बिखरे मोती ‘ १-यह…
प्रेम एकमें ही होता है और वह भगवान्में ही होना सम्भव है, तृतीय माला आदरणीय परम पूज्य श्री हनुमानप्रसाद पोद्दार जी की लाभदायक पुस्तक ‘सत्संग के बिखरे मोती ‘ १-यह…
पत्नी से हमेशा ही प्रतिकूलता मिलती है, जिससे मन बहुत परेशान है हम क्यों अनुकूलता पत्नी से मांगे, हम अनुकूलता उसको देंगे. हम पति है. हम अनुकूलता देंगे, अपने आप…
पत्नी से हमेशा ही प्रतिकूलता मिलती है, जिससे मन बहुत परेशान है हम क्यों अनुकूलता पत्नी से मांगे, हम अनुकूलता उसको देंगे. हम पति है. हम अनुकूलता देंगे, अपने आप…
इन कारणों से हो रहा है बच्चों का दिमाग खराब शहरों और महानगरों में बच्चों का दिमाग सिर्फ मौज मस्ती में ही लगा रहता है। मां बाप भी अपने बच्चों…
इन कारणों से हो रहा है बच्चों का दिमाग खराब शहरों और महानगरों में बच्चों का दिमाग सिर्फ मौज मस्ती में ही लगा रहता है। मां बाप भी अपने बच्चों…
प्रेम दोमें नहीं होता। वह एक ही में होता है ४३-जहाँ देखता है, वहीं श्याम एक तो यह अवस्था होती है। दूसरे प्रकारकी अवस्था यह है कि श्यामके सिवा और…
प्रेम दोमें नहीं होता। वह एक ही में होता है ४३-जहाँ देखता है, वहीं श्याम एक तो यह अवस्था होती है। दूसरे प्रकारकी अवस्था यह है कि श्यामके सिवा और…
क्यों रे मन तू इतना गन्दा क्यों है…… यह मन दूसरों की कमियां भर भर करके गिनाता है, जबकि अपनी कमी पर सोचता तक नहीं. दूसरों को भाषण तो बहुत…
क्यों रे मन तू इतना गन्दा क्यों है…… यह मन दूसरों की कमियां भर भर करके गिनाता है, जबकि अपनी कमी पर सोचता तक नहीं. दूसरों को भाषण तो बहुत…
क्या धन की चाह, लोभ, और लालच से नाम जप कर सकता हूँ? बहुत बढ़िया है, इसी से मंगल हो जाएगा. हम तुम्हे बताये हमने धन की इच्छा नहीं की…
क्या धन की चाह, लोभ, और लालच से नाम जप कर सकता हूँ? बहुत बढ़िया है, इसी से मंगल हो जाएगा. हम तुम्हे बताये हमने धन की इच्छा नहीं की…
क्या हम में हिम्मत है ऐसा करने की ? सुबह ठीक 4 बजे या 4 बजे से पहले उठना. उठते साथ ही अपने आराध्य का नाम जाप उठते, बैठे, खाते…
क्या हम में हिम्मत है ऐसा करने की ? सुबह ठीक 4 बजे या 4 बजे से पहले उठना. उठते साथ ही अपने आराध्य का नाम जाप उठते, बैठे, खाते…
महाराज जी से दीक्षा कैसे प्राप्त करें महाराज जी से दीक्षा प्राप्त करने हेतु आपको पहले महाराज जी द्वारा प्रदत्त दिनचर्या का नियमित रूप से पालन करना होगा. उसके पश्चात…
महाराज जी से दीक्षा कैसे प्राप्त करें महाराज जी से दीक्षा प्राप्त करने हेतु आपको पहले महाराज जी द्वारा प्रदत्त दिनचर्या का नियमित रूप से पालन करना होगा. उसके पश्चात…
पूज्य महाराज जी के दर्शन कब और कैसे प्राप्त होंगे ? पूज्य महाराज जी के दर्शन आप प्रात: कालीन सत्संग, श्रृंगार कीर्तन / वाणी पाठ या एकान्तिक वार्तालाप के टोकन…
पूज्य महाराज जी के दर्शन कब और कैसे प्राप्त होंगे ? पूज्य महाराज जी के दर्शन आप प्रात: कालीन सत्संग, श्रृंगार कीर्तन / वाणी पाठ या एकान्तिक वार्तालाप के टोकन…
वृन्दावन की इस गली में भीड़ बढती जा रही है और भक्तों का विश्वाश बढ़ता जा रहा है. दरअसल #Param Pujya Vrindavan Rasik Sant Shri Hit Premanand Govind Sharan Ji…
वृन्दावन की इस गली में भीड़ बढती जा रही है और भक्तों का विश्वाश बढ़ता जा रहा है. दरअसल #Param Pujya Vrindavan Rasik Sant Shri Hit Premanand Govind Sharan Ji…
तृतीय माला १-यह विचार होना चाहिये कि हमारा असली कर्तव्य क्या है। फिर तो काम हो जायगा। २-कर्मोंका फल भगवान्के हाथोंमें है और भगवान्के विधानसे जो भी फल प्राप्त होता…
तृतीय माला १-यह विचार होना चाहिये कि हमारा असली कर्तव्य क्या है। फिर तो काम हो जायगा। २-कर्मोंका फल भगवान्के हाथोंमें है और भगवान्के विधानसे जो भी फल प्राप्त होता…
घर घर में कीर्तन कीजिये, फिर अमंगल दूर हो जायेगा ९४-अर्जुनने प्रण किया, सूर्यास्त होनेके पहले-पहले जयद्रथको मार दूँगा, नहीं मारूँगा तो आगमें जलकर मर जाऊँगा। लोगोंने देखा-सूर्य अस्त हो…
घर घर में कीर्तन कीजिये, फिर अमंगल दूर हो जायेगा ९४-अर्जुनने प्रण किया, सूर्यास्त होनेके पहले-पहले जयद्रथको मार दूँगा, नहीं मारूँगा तो आगमें जलकर मर जाऊँगा। लोगोंने देखा-सूर्य अस्त हो…
६७-भगवान्के मार्गपर आना ही कठिन है। मार्ग पर आ जानेपर तो सभी विघ्न नष्ट हो जाते हैं। ६८-भगवान्की ओर मुख किया कि सारे पाप कट जायेंगे। ६९-भगवान्की ओर मुँह फेरते…
६७-भगवान्के मार्गपर आना ही कठिन है। मार्ग पर आ जानेपर तो सभी विघ्न नष्ट हो जाते हैं। ६८-भगवान्की ओर मुख किया कि सारे पाप कट जायेंगे। ६९-भगवान्की ओर मुँह फेरते…
जैसे बड़े खेलते हैं ग्रुप में जुआ, वैसे बच्चे दोस्तों के साथ मिलकर खेलते हैं ऑनलाइन गेम हर माँ बाप के लिए मोबाइल फ़ोन की दुनिया में बच्चे पालना बहुत…
जैसे बड़े खेलते हैं ग्रुप में जुआ, वैसे बच्चे दोस्तों के साथ मिलकर खेलते हैं ऑनलाइन गेम हर माँ बाप के लिए मोबाइल फ़ोन की दुनिया में बच्चे पालना बहुत…
३०-सन्तके हृदयमें आकर भगवान् निवास करते हैं, सन्तका हृदय भगवान्का घर है। ३१-भगवान्ने कहा- ‘साधुजन मेरे हृदयस्थानीय हैं और मैं साधुओंका हृदय हूँ।’ ऐसे साधु सन्तोंकी महिमा अकथनीय है। ३२-तनसे,…
३०-सन्तके हृदयमें आकर भगवान् निवास करते हैं, सन्तका हृदय भगवान्का घर है। ३१-भगवान्ने कहा- ‘साधुजन मेरे हृदयस्थानीय हैं और मैं साधुओंका हृदय हूँ।’ ऐसे साधु सन्तोंकी महिमा अकथनीय है। ३२-तनसे,…
आदरणीय परम पूज्य श्री हनुमानप्रसाद पोद्दार जी की लाभदायक पुस्तक ‘सत्संग के बिखरे मोती ‘ १५-भगवान्ने कहा- सुहृदं सर्वभूतानां ज्ञात्वा मां शान्तिमृच्छति ।। ‘जिसने मुझे सुहृद् जान लिया, बस, उसे…
आदरणीय परम पूज्य श्री हनुमानप्रसाद पोद्दार जी की लाभदायक पुस्तक ‘सत्संग के बिखरे मोती ‘ १५-भगवान्ने कहा- सुहृदं सर्वभूतानां ज्ञात्वा मां शान्तिमृच्छति ।। ‘जिसने मुझे सुहृद् जान लिया, बस, उसे…
द्वितीय माला १-सन्त सबकी भलाई करें, केवल इतनी ही बात नहीं है। सन्तों में ऐसी शक्ति होती है कि उस शक्तिके संस्पर्शमें जो भी आ गया, उसका परम कल्याण हो…
द्वितीय माला १-सन्त सबकी भलाई करें, केवल इतनी ही बात नहीं है। सन्तों में ऐसी शक्ति होती है कि उस शक्तिके संस्पर्शमें जो भी आ गया, उसका परम कल्याण हो…
भगवान् ने कहा, ‘अर्जुन ! युद्ध करो, पर विजय के लिए नहीं आशारहित होकर, ममतारहित होकर (निराशीर्निर्ममो भूत्वा ) युद्ध करो, केवल निमित्तमात्र बनो, मैं कराऊँ वैसे करते जाओ।’ ऐसी…
भगवान् ने कहा, ‘अर्जुन ! युद्ध करो, पर विजय के लिए नहीं आशारहित होकर, ममतारहित होकर (निराशीर्निर्ममो भूत्वा ) युद्ध करो, केवल निमित्तमात्र बनो, मैं कराऊँ वैसे करते जाओ।’ ऐसी…
आदरणीय परम पूज्य श्री हनुमानप्रसाद पोद्दार जी की लाभदायक पुस्तक ‘सत्संग के बिखरे मोती ‘ ९१-मनुष्य विषयोंको समीप बुलाता है और चाहता है कि अमर रहूँ, यह कैसे सम्भव है?…
आदरणीय परम पूज्य श्री हनुमानप्रसाद पोद्दार जी की लाभदायक पुस्तक ‘सत्संग के बिखरे मोती ‘ ९१-मनुष्य विषयोंको समीप बुलाता है और चाहता है कि अमर रहूँ, यह कैसे सम्भव है?…
७९-जब भगवत्प्रेम जाग्रत् होता है, तब मालूम पड़ता है-ओह! मेरी कितनी मूर्खता थी, भ्रमसे मैं वहाँ उन विषयोंमें सुख ढूँढ़ता था जहाँ सुखका लेश भी नहीं है। ८०-प्रेम उत्पन्न होते…
७९-जब भगवत्प्रेम जाग्रत् होता है, तब मालूम पड़ता है-ओह! मेरी कितनी मूर्खता थी, भ्रमसे मैं वहाँ उन विषयोंमें सुख ढूँढ़ता था जहाँ सुखका लेश भी नहीं है। ८०-प्रेम उत्पन्न होते…
सबसे बड़ी मूर्खता, सबसे बड़ा मोह यह है कि हम विषयोंसे सुखकी आशा करते हैं ६९ सबसे बड़ी मूर्खता, सबसे बड़ा मोह यह है कि हम विषयोंसे सुखकी आशा करते…
सबसे बड़ी मूर्खता, सबसे बड़ा मोह यह है कि हम विषयोंसे सुखकी आशा करते हैं ६९ सबसे बड़ी मूर्खता, सबसे बड़ा मोह यह है कि हम विषयोंसे सुखकी आशा करते…
यदि सभी मनुष्य अपने- आपको अलग-अलग सुधार लें तो सभी सुधर जायँ आदरणीय परम पूज्य श्री हनुमानप्रसाद पोद्दार जी की लाभदायक पुस्तक ‘सत्संग के बिखरे मोती ‘ ६०-व्यष्टिके समूहका नाम…
यदि सभी मनुष्य अपने- आपको अलग-अलग सुधार लें तो सभी सुधर जायँ आदरणीय परम पूज्य श्री हनुमानप्रसाद पोद्दार जी की लाभदायक पुस्तक ‘सत्संग के बिखरे मोती ‘ ६०-व्यष्टिके समूहका नाम…
हम चाहे कैसे भी क्यों न हों; भगवान्की कृपा, भगवान् का सौहार्द हमें छोड़ ही नहीं सकता आदरणीय परम पूज्य श्री हनुमानप्रसाद पोद्दार जी की लाभदायक पुस्तक ‘सत्संग के बिखरे…
हम चाहे कैसे भी क्यों न हों; भगवान्की कृपा, भगवान् का सौहार्द हमें छोड़ ही नहीं सकता आदरणीय परम पूज्य श्री हनुमानप्रसाद पोद्दार जी की लाभदायक पुस्तक ‘सत्संग के बिखरे…
भगवान् पापी, नीच के भी उद्धारक हैं आदरणीय परम पूज्य श्री हनुमानप्रसाद पोद्दार जी की लाभदायक पुस्तक ‘सत्संग के बिखरे मोती ‘ ४१-भगवान् पापी, नीचके भी उद्धारक हैं, यह विश्वास…
भगवान् पापी, नीच के भी उद्धारक हैं आदरणीय परम पूज्य श्री हनुमानप्रसाद पोद्दार जी की लाभदायक पुस्तक ‘सत्संग के बिखरे मोती ‘ ४१-भगवान् पापी, नीचके भी उद्धारक हैं, यह विश्वास…
भगवत्प्राप्ति का बड़ा सीधा रास्ता है हमने संत श्रीभाई जी (हनुमान प्रसादजी पोद्दार) की पुस्तक सत्संग के बिखरे मोती पुस्तक से बेहद कीमती अंश को यहाँ लिखने का सिलसिला शुरू…
भगवत्प्राप्ति का बड़ा सीधा रास्ता है हमने संत श्रीभाई जी (हनुमान प्रसादजी पोद्दार) की पुस्तक सत्संग के बिखरे मोती पुस्तक से बेहद कीमती अंश को यहाँ लिखने का सिलसिला शुरू…
अध्यात्म को अपनाकर हो जाते है खर्चे कम, कमाई हो जाती है ज्यादा जीवन में अध्यात्म भगवान् का नाम जप, सत्संग, भजन कीर्तन और भक्तों के चरित्र को सुनने और…
अध्यात्म को अपनाकर हो जाते है खर्चे कम, कमाई हो जाती है ज्यादा जीवन में अध्यात्म भगवान् का नाम जप, सत्संग, भजन कीर्तन और भक्तों के चरित्र को सुनने और…
प्रश्न- परिवार में प्रेम और सुख-शान्ति कैसे रहे? उत्तर- मनुष्य अपने उद्देश्य को जाग्रत रखे जब मनुष्य अपने उद्देश्यको भूल जाता है, तभी सब बाधाएँ, आफतें आती हैं। अगर वह…
प्रश्न- परिवार में प्रेम और सुख-शान्ति कैसे रहे? उत्तर- मनुष्य अपने उद्देश्य को जाग्रत रखे जब मनुष्य अपने उद्देश्यको भूल जाता है, तभी सब बाधाएँ, आफतें आती हैं। अगर वह…
प्रश्न-सास पुत्रका पक्ष लेकर तंग करे तो बहूको क्या करना चाहिये ? उत्तर-बहूको यही समझना चाहिये कि ये तो घरके मालिक हैं। मैं तो दूसरे घरसे आयी हूँ। अतः ये…
प्रश्न-सास पुत्रका पक्ष लेकर तंग करे तो बहूको क्या करना चाहिये ? उत्तर-बहूको यही समझना चाहिये कि ये तो घरके मालिक हैं। मैं तो दूसरे घरसे आयी हूँ। अतः ये…
भगवान् भाव के भूखे हैं (ब्रह्मलीन श्रद्धेय स्वामी श्रीरामसुखदासजी महाराज) गीताप्रेस गोरखपुर की प्रसिद्ध मासिक पत्रिका कल्याण के फरवरी अंक से गृहस्थमें रहनेवाले एक बड़े अच्छे त्यागी पण्डित थे। त्याग…
भगवान् भाव के भूखे हैं (ब्रह्मलीन श्रद्धेय स्वामी श्रीरामसुखदासजी महाराज) गीताप्रेस गोरखपुर की प्रसिद्ध मासिक पत्रिका कल्याण के फरवरी अंक से गृहस्थमें रहनेवाले एक बड़े अच्छे त्यागी पण्डित थे। त्याग…
प्रश्न-पिता और माता आपसमें लड़ें तो पुत्रका क्या कर्तव्य है? उत्तर- पुत्र का कर्तव्य जहाँतक बने, पुत्र को माँ क पक्ष लेना चाहिये; परन्तु पिताको इस बातका पता नहीं लगना…
प्रश्न-पिता और माता आपसमें लड़ें तो पुत्रका क्या कर्तव्य है? उत्तर- पुत्र का कर्तव्य जहाँतक बने, पुत्र को माँ क पक्ष लेना चाहिये; परन्तु पिताको इस बातका पता नहीं लगना…
पत्नी और पुत्रवधू आपस में झगड़े तो पति (ससुर) को क्या करना चाहिए ? उत्तर– ससुर का बहु के प्रति कर्तव्य पति को चाहिए कि वह अपनी पत्नी को धमकाये…
पत्नी और पुत्रवधू आपस में झगड़े तो पति (ससुर) को क्या करना चाहिए ? उत्तर– ससुर का बहु के प्रति कर्तव्य पति को चाहिए कि वह अपनी पत्नी को धमकाये…
प्रश्न- माँ और पत्नी (सास और बहू) आपसमें लड़ें तो पुत्रका क्या कर्तव्य होता है? उत्तर-ऐसी स्थितिमें पुत्रके लिये बड़ी आफत होती है! वह अगर माँका पक्ष ले तो स्त्री…
प्रश्न- माँ और पत्नी (सास और बहू) आपसमें लड़ें तो पुत्रका क्या कर्तव्य होता है? उत्तर-ऐसी स्थितिमें पुत्रके लिये बड़ी आफत होती है! वह अगर माँका पक्ष ले तो स्त्री…
प्रश्न – पुत्र आपसमें लड़ें तो भाइयोंको क्या करना चाहिये ? उत्तर- जहाँ तक बने, अपने पुत्रका पक्ष न लें, भाई के पुत्रका पक्ष लें। यदि भाईके पुत्रका अन्याय हो…
प्रश्न – पुत्र आपसमें लड़ें तो भाइयोंको क्या करना चाहिये ? उत्तर- जहाँ तक बने, अपने पुत्रका पक्ष न लें, भाई के पुत्रका पक्ष लें। यदि भाईके पुत्रका अन्याय हो…
प्रश्न- जेठानी और देवरानी आपसमें लड़ें तो भाइयों को क्या करना चाहिये ? उत्तर- वे अपनी-अपनी स्त्री को समझायें। छोटा भाई अपनी स्त्री को समझाये कि ‘देखो! तुम्हें मेरे बड़े…
प्रश्न- जेठानी और देवरानी आपसमें लड़ें तो भाइयों को क्या करना चाहिये ? उत्तर- वे अपनी-अपनी स्त्री को समझायें। छोटा भाई अपनी स्त्री को समझाये कि ‘देखो! तुम्हें मेरे बड़े…
प्रश्न – छोटा भाई भौजाईसे लड़े तो बड़े भाईका क्या कर्तव्य है? उत्तर-बड़ा भाई छोटे भाईको धमकाये कि ‘तुम क्या कर रहे हो ? शास्त्रकी दृष्टिसे बड़े भाईकी स्त्री माँके…
प्रश्न – छोटा भाई भौजाईसे लड़े तो बड़े भाईका क्या कर्तव्य है? उत्तर-बड़ा भाई छोटे भाईको धमकाये कि ‘तुम क्या कर रहे हो ? शास्त्रकी दृष्टिसे बड़े भाईकी स्त्री माँके…
प्रश्न- बहन माता-पितासे लड़े तो भाईका क्या कर्तव्य है ? उत्तर – भाई न्याय देखे और न्यायमें भी वह बहनका पक्ष ले और माता-पितासे कहे कि यह तो अतिथिकी तरह…
प्रश्न- बहन माता-पितासे लड़े तो भाईका क्या कर्तव्य है ? उत्तर – भाई न्याय देखे और न्यायमें भी वह बहनका पक्ष ले और माता-पितासे कहे कि यह तो अतिथिकी तरह…
प्रश्न- छोटे भाई माता-पितासे लड़ें तो बड़े भाईका क्या कर्तव्य है? उत्तर-बड़ा भाई छोटे भाइयोंको समझाये कि ‘देखो भाई ! मैं और आप सब बालक हैं। माता-पिता हमारे लिये सर्वथा…
प्रश्न- छोटे भाई माता-पितासे लड़ें तो बड़े भाईका क्या कर्तव्य है? उत्तर-बड़ा भाई छोटे भाइयोंको समझाये कि ‘देखो भाई ! मैं और आप सब बालक हैं। माता-पिता हमारे लिये सर्वथा…
प्रश्न-बड़ा भाई माता-पितासे लड़े तो छोटे भाइयोंका क्या कर्तव्य है ? उत्तर-छोटे भाई बड़े भाईके चरणोंमें प्रणाम करके प्रार्थना करें कि ‘भाई साहब! आप ऐसा बर्ताव करोगे तो हमलोग किसको…
प्रश्न-बड़ा भाई माता-पितासे लड़े तो छोटे भाइयोंका क्या कर्तव्य है ? उत्तर-छोटे भाई बड़े भाईके चरणोंमें प्रणाम करके प्रार्थना करें कि ‘भाई साहब! आप ऐसा बर्ताव करोगे तो हमलोग किसको…