Latest Story
GIFT City में निवेश कैसे करें? पूरी जानकारी, फायदे, टैक्स और स्टेप‑बाय‑स्टेप गाइडLPG गैस की कमी से भागते मजदूर: क्या सच में वे खुद जिम्मेदार हैं या सिस्टम?Blinkit, Zepto, Zomato, Swiggy: क्या ये ऐप हमें आलसी और कंगाल बना रहे हैं?दुनियाभर में नौकरियों पर संकट: हर महीने बढ़ती फायरिंग, निकाले गए कर्मचारियों और बचे हुए जॉब वालों के लिए ज़रूरी चेतावनीनेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में रिटर्न कैसे बढ़ाएँ? पूरी गाइड से सीखें स्मार्ट स्ट्रेटेजीक्यों ज़रूरी है EPF HEALTH चेक‑अप? PF बैलेंस, पेंशन और इंश्योरेंस की पूरी गाइडकरोड़पति भी करते हैं सादी शादी — लेकिन आम लोग दिखावे में सब गँवा देते हैं!सीवर की दुर्गंध से रसोई की सुगंध तक: क्या गटर गैस से फिर से खाना बनाना संभव है?क्यों बनिये को बिज़नेस में हराना लगभग नामुमकिन माना जाता है?Instagram, YouTube, Facebook पर बिज़नेस फेमस करना इतना मुश्किल क्यों है और क्या करें?बच्चों को मोबाइल दिखाकर खाना खिलाने की गंदी आदत कैसे छुड़ाएँ? समझिए पूरे आसान तरीके सेनिजी स्कूलों की मनमानी फीस : परेशान अभिभावकों के लिए अब क्या हैं कारगर रास्ते ?होम स्कूलिंग: क्या सच में बच्चों के लिए स्कूल से बेहतर विकल्प है?धोखेबाज़ ज्योतिषी से सावधान: अशोक खारात केस से सीख, प्रेमानंद जी महाराज का सच्चा अध्यात्मिक मार्गबाइक टैक्सी: सस्ती सफर की सुविधा या बढ़ता खतरा?कमाई सिर्फ़ 10 से 15 हज़ार? इन छुपी सरकारी योजनाओं से बदलिए अपना जीवनमेटा पर जुर्माना, लेकिन ट्विटर–यूट्यूब पर गंदी वीडियो की बाढ़ क्यों?गैस की कमी से कितना राहत दे सकता है इंडक्शन चूल्हा? फायदे, बिजली खर्च, वॉट कितने हों और कीमत की पूरी जानकारीPNG गैस पर भी संकट? जानिए क्या सप्लाई सच में बंद हो सकती हैकंचक का दिनबचपन सड़कों पर, मैदान माफ़िया के कब्ज़े में: बच्चों से उनका खेलता आकाश किसने छीना?पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: न्यूज़ और यूट्यूब चैनलों पर जनता क्या कह रही है? ज़मीन से आई चौंकाने वाली रायबच्चों के भड़काऊ वेस्टर्न कपड़े: कैसे हम अनजाने में गलत छूट दे रहे हैं?पैकेट फूड से नैचुरल फूड की ओर: छोटे बदलाव से बड़ा स्वास्थ्य लाभघर में शराब का शोकेस क्यों? शांति और संस्कार पर गहरा असरगालियों का ज़हर और अध्यात्म से उसका इलाज: एक सच्ची बातसुबह पेट साफ़ न होना: शरीर और आत्मा दोनों के लिए एक गंभीर चेतावनीकपड़े आपकी बचत कैसे खा रहे हैं?नोएडा में 1500 sq ft का अपना घर – 15 साल में, बिना लोन, सिर्फ़ म्यूचुअल फंड्स और MFD की मदद से“क्या वाकई म्यूचुअल फंड में पैसा नहीं बनता? सच, आँकड़े और हकीकत”म्यूचुअल फंड में नुकसान हुआ है? घबराइए नहीं, समझिए टैक्स लॉस हार्वेस्टिंगस्टॉक मार्केट से खुद पैसा कमाना बहुत मुश्किल, कोर्स सिखाने वालों का गंदा खेलइस निवेश में बने रहने से रियल एस्टेट से बहुत ज्यादा बनती है रकमईरान युद्ध के बीच एक आम भारतीय को क्या करना चाहिएक्षमा करना कमजोरी का नहीं, बल्कि बहुत बड़े बल का प्रतीक हैसेविंग अकाउंट में लाखों रखकर पैसा सड़ाने वालो सुन लोलैंड बैंक क्या है? ज़मीन में निवेश से मजबूत फाइनेंशियल प्लान कैसे बनाएंकिराए पर रहकर भी बार‑बार घर बदलने की टेंशन कैसे खत्म करें?गुरुदेव की इच्छा को अपनी इच्छा बना लेना ही दीक्षा हैस्कूलों में आखिर क्यों 3 साल के बच्चे को एडमिशन देने का नियम है?इष्ट से भी अधिक, इष्ट के नाम में प्रेम होना चाहिएपिछले 3 साल में किसने ज़्यादा कमाया – डायरेक्ट शेयर निवेशक या म्यूचुअल फंड करने वाले?किराये के घर में रहना क्या धर्म के विरुद्ध है? सनातन धर्म की दृष्टि से सही समझ“वर्तमान में नाम जप करो; भूत और भविष्य की चिंता मत करो”कम आय वाले मजदूरों के लिए सस्ता हेल्थ और टर्म इंश्योरेंस गाइड | Low Income Workers Insurance Guideचित्त में उठने वाली इच्छा ही बंधन है: श्रीहित प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज₹3,000 की SIP – 15 साल बाद आपकी ज़िंदगी कहाँ हो सकती है?अमीर लोग कम टैक्स क्यों देते हैं और सैलरी पाने वाले ज़्यादा — एक ही कानून, अलग रणनीतिबच्चे के नाम पर म्यूचुअल फंड निवेश: पूरा प्रोसेस, नियम और टैक्स समझेंबैंक लॉकर में रखा सोना कितना सुरक्षित है? सच जान लीजिएभगवान के भजन को कल के लिए टालना, प्रमाद की स्थिति हैयूएस और यूके में बच्चों को डांटना: माता‑पिता की परेशानियाँ और सख़्त कानून“ब्रह्मचर्य पर महाराज जी की नई पुस्तक: बच्चों, युवाओं और गृहस्थों के जीवन बदलने वाली गाइड”AI से नए रोज़गार कैसे मिलेंगे?घर खरीदना समझदारी है या सबसे बड़ी भूल?अमेरिका, यूके और कनाडा के बच्चों का पूरा रोज़ाना रूटीन – सुबह उठने से रात सोने तकतुरंत घर ख़रीदे म्यूच्यूअल फण्ड संभाल लेगाब्रह्मचर्य पर प्रेमानंद महाराज जी के 20 अमूल्य उपदेश: जीवन बदल देने वाला मार्गदर्शक ब्लॉगसाधक के लिए अनिवार्य 6 शुद्धियाँ: मन, वाणी, अन्न और जीवन को पवित्र बनाने वाले सूत्रबच्चों की शॉर्टकट आदत: गाइड और चैटGPT पर निर्भरता का सचSIP पर 0% टैक्स कैसे दें? यह बड़ा टैक्स रूल 99% लोगों को नहीं पतापत्रकार अंशुमन तिवारी ने बताया देश की अर्थव्यवस्था का सच जो कोई नहीं बताएगायूट्यूब फिनफ्लुएंसर बनाम असली वित्तीय सलाहकार: अपने पैसों को नकली गुरुओं से कैसे बचाएंबीच कथा में महाराज जी बच्चों पर क्यों गुस्सा हुए? श्री देवकीनंदन ठाकुर जी की डांट में छिपा गहरा मर्मNaukri Se Nafrat Kyu Ho Jati Hai? Job Se Khush Kaise Rahein – Complete Guide in Hindiपैसा आपका दोस्त है: उसे काम पर कैसे लगाएँक्या सच में ये “जीत” है?जो लोग आज सेंसेक्स देख कर खुश हैं वो ज़्यादा पैसे नहीं कमा पाएंगेसोने‑चांदी की बढ़ती कीमतों से पागल हुआ आम आदमी: जनता क्या सोच रही है, आगे क्या करेगी?क्या हम धन की तरह ही नाम रूपी धन से भी सब कुछ खरीद सकते हैं? Bhajan MargBudget 2026 में बढ़ा STT: आम निवेशक, F&O ट्रेडर और सरकार पर क्या असर पड़ेगा?जब राजा ने चोर नहीं, मंत्री को दी सजा ! Shri Devkinandan Thakur Jiगोल्ड बनाम इक्विटी: लंबी अवधि में कौन देता है असली दौलत? एक्सपर्ट कृष्ण शर्मा समझाएंगेपैसा बनाना आसान हैभारत में 1000 करोड़ का ब्रांड कैसे बनता है? शिव शिवकुमार से स्टार्टअप फाउंडर्स के लिए सीखपति–पत्नी की जबरदस्त नोकझोंक से सीखें नशा छोड़ने का तरीका | अनिरुद्धाचार्य जी महाराज की दिल छू लेने वाली प्रश्नोत्तरी1 करोड़ रुपये डूब गए… अब परिवार से नज़र नहीं मिला पा रहा हूँ 😢 | देखिए महाराज जी ने क्या कहा 🥹भगवान शिव तो वैरागी हैं, तो क्या मैं उनसे धन-वैभव मांगूं तो गलत तो नहीं?40k SIP से 12 करोड़ : एकांश का real life सफरजीवन में गुरु का होना कितना महत्वपूर्ण है? Bhajan Margहम जिनको गुरु मानते हों, अगर उनके इष्ट अलग हों तो ऐसे में हम क्या करें? Bhajan Margम्यूच्यूअल फण्ड : 30-35 साल में हजारो से बने करोड़ोचिंताओं से मुक्त कैसे हों?इस साल का वेल्थ ब्लूप्रिंट: खाली हाथ से अमीरी तक, Coach BSRCoach की स्टेप‑बाय‑स्टेप गाइडइस2026 में रियल एस्टेट करियर: सच, जोखिम और हकीकतआपको नाम जप पर अटूट विश्वास कब और कैसे हुआ?SIP – सिर्फ निवेश नहीं, एक जीवन‑शैलीपूर्व की बुरी आदतें छोड़कर नई दैवी आदतें कैसे अपनाएं? | श्री हित प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज का मार्गदर्शनभारत में रियल एस्टेट से अमीर कैसे बनें? आसान भाषा में एक्सपर्ट की पूरी प्लेबुकमांस बिक्री पर रोक: शास्त्र, अहिंसा और राष्ट्रीय चेतना की ओर लौटता भारतक्या SIP से अमीर बनने की बात झूठ है ?2026 में भारत में पैसा कमाने के सच्चे बिज़नेस लेसन: अटेंशन, ब्रांडिंग और प्राइसिंग की पूरी गाइडज़हरीले ब्यूटी प्रोडक्ट छोड़ें: नेल पॉलिश से फेयरनेस क्रीम तक 7 चीज़ें और उनके नेचुरल विकल्पमोह रहित हो जाएंगे तो बच्चों का पालन-पोषण कैसे करेंगे?मोबाइल पर महाराज जी की फोटो लगाएं या नहीं? जानिए सही तरीका और जरूरी सावधानियांBhajan Clubbing से क्या सचमुच यूथ कुछ सुधरेगा?मैं आपके जैसे चेहरे की चमक चाहता हूं महाराज जी, क्या करूंभगवान कहते हैं कर्तव्य करते हुए नाम जप करो पर नाम जप करेंगे तो कर्तव्य कैसे होगा? Bhajan Margऐसी कौन-सी तपस्या करूँ कि जब चाहूँ सूरज उगे और जब चाहूँ सूरज डलेप्रॉपर्टी में तेजी का फायदा REITs के जरिये रेगुलर इनकम का मौका
‘जैसे हो वैसे ही शरण हो जाओ।’ जैसे हैं उनके हैं-ऐसा विश्वासकर सचमुच ही अपने-आपको भगवान्‌की शरणमें अर्पण कर दो, फिर तुम्हारी शुद्धि स्वयं भगवान् करेंगे।

२४-शरणागतिके दो स्वरूप हैं। (१) शुद्ध होकर भगवान्‌की शरणमें जाना। इसमें शुद्धिके लिये अपना बल लगाना पड़ता है; अपने बलपर शुद्धि करनी पड़ती है। (२) ‘जैसे हो वैसे ही शरण…

Continue reading
‘जैसे हो वैसे ही शरण हो जाओ।’ जैसे हैं उनके हैं-ऐसा विश्वासकर सचमुच ही अपने-आपको भगवान्‌की शरणमें अर्पण कर दो, फिर तुम्हारी शुद्धि स्वयं भगवान् करेंगे। (EN)

२४-शरणागतिके दो स्वरूप हैं। (१) शुद्ध होकर भगवान्‌की शरणमें जाना। इसमें शुद्धिके लिये अपना बल लगाना पड़ता है; अपने बलपर शुद्धि करनी पड़ती है। (२) ‘जैसे हो वैसे ही शरण…

Continue reading
भक्त यदि कुछ करता है तो सोचता है-‘बहुत थोड़ा हुआ।’ वह तो निरन्तर यही सोचता है कि मुझसे कुछ नहीं होता।

१- ऋषि जगत्‌कें बड़े उपकारक हैं। वे मन्त्रद्रष्टा हैं एवं उनके प्रचारक हैं। वैदिक, तान्त्रिक आदि जितने मन्त्र हैं, उनकी साधना कैसे करनी चाहिये-यह जगत्ने जाना है इन ऋषियोंकी कृपासे…

Continue reading
भक्त यदि कुछ करता है तो सोचता है-‘बहुत थोड़ा हुआ।’ वह तो निरन्तर यही सोचता है कि मुझसे कुछ नहीं होता। (EN)

१- ऋषि जगत्‌कें बड़े उपकारक हैं। वे मन्त्रद्रष्टा हैं एवं उनके प्रचारक हैं। वैदिक, तान्त्रिक आदि जितने मन्त्र हैं, उनकी साधना कैसे करनी चाहिये-यह जगत्ने जाना है इन ऋषियोंकी कृपासे…

Continue reading
भगवान्‌के प्रेम-रहस्य को प्रेमी भक्त खोलना नहीं चाहते और न खुलवाना ही चाहते हैं।

भगवान्‌के प्रेम-रहस्य को प्रेमी भक्त खोलना नहीं चाहते और न खुलवाना ही चाहते हैं। ८६- श्रीयशोदाजीके हृदयमें अपने सुत श्रीकृष्णके सिवा और कुछ रहता ही नहीं। प्रेम भावमय होता है।…

Continue reading
भगवान्‌के प्रेम-रहस्य को प्रेमी भक्त खोलना नहीं चाहते और न खुलवाना ही चाहते हैं। (EN)

भगवान्‌के प्रेम-रहस्य को प्रेमी भक्त खोलना नहीं चाहते और न खुलवाना ही चाहते हैं। ८६- श्रीयशोदाजीके हृदयमें अपने सुत श्रीकृष्णके सिवा और कुछ रहता ही नहीं। प्रेम भावमय होता है।…

Continue reading
बड़भागी वे नहीं, जिनके पास प्रचुर मात्रा में धन है बड़भागी वे हैं जिनका भगवान में प्रेम है।

६२-बड़भागी वे नहीं, जिनके पास प्रचुर मात्रामें धन है या जिनका विषयोंमें बहुत प्रेम है। बडभागी वे हैं जिनका भगवानमें प्रेम है। बारह गुणोंसे युक्त ब्राह्मणसे, जो भगवानसे प्रेम नहीं…

Continue reading
बड़भागी वे नहीं, जिनके पास प्रचुर मात्रा में धन है बड़भागी वे हैं जिनका भगवान में प्रेम है। (EN)

६२-बड़भागी वे नहीं, जिनके पास प्रचुर मात्रामें धन है या जिनका विषयोंमें बहुत प्रेम है। बडभागी वे हैं जिनका भगवानमें प्रेम है। बारह गुणोंसे युक्त ब्राह्मणसे, जो भगवानसे प्रेम नहीं…

Continue reading
भगवान् प्रकृतिसे अतीत हैं। अतः उनके गुण नाशवान् नहीं- दिव्य हैं, नित्य हैं

३६-भगवान् प्रकृतिसे अतीत हैं। अतः उनके गुण नाशवान् नहीं- दिव्य हैं, नित्य हैं। भगवान्में प्राकृत गुणोंका संस्पर्श-लेश भी नहीं है, इसीलिये भगवान् निर्गुण हैं। भगवान्‌के जो गुण हैं, वे गुणीसे…

Continue reading
भगवान् प्रकृतिसे अतीत हैं। अतः उनके गुण नाशवान् नहीं- दिव्य हैं, नित्य हैं (EN)

३६-भगवान् प्रकृतिसे अतीत हैं। अतः उनके गुण नाशवान् नहीं- दिव्य हैं, नित्य हैं। भगवान्में प्राकृत गुणोंका संस्पर्श-लेश भी नहीं है, इसीलिये भगवान् निर्गुण हैं। भगवान्‌के जो गुण हैं, वे गुणीसे…

Continue reading
जो भुक्ति , मुक्ति तथा सिद्धिके लिये भगवान्के पास आना चाहते हैं, वे निकट होते हुए भी अत्यन्त दूर हैं

१७-जीवकी तुच्छशक्तिके काँटेपर जब हम भगवान्की क्रियाओं तौलने जाते हैं, तब विफल ही होते हैं। पर यदि अपनी शक्तिको भूलकर श्रीकृष्णकी अचिन्त्य शक्तिकी ओर ध्यान दें तो हमें मालूम होगा…

Continue reading
जो भुक्ति , मुक्ति तथा सिद्धिके लिये भगवान्के पास आना चाहते हैं, वे निकट होते हुए भी अत्यन्त दूर हैं (EN)

१७-जीवकी तुच्छशक्तिके काँटेपर जब हम भगवान्की क्रियाओं तौलने जाते हैं, तब विफल ही होते हैं। पर यदि अपनी शक्तिको भूलकर श्रीकृष्णकी अचिन्त्य शक्तिकी ओर ध्यान दें तो हमें मालूम होगा…

Continue reading
सप्तम माला – तीर्थ इसीलिये पतितपावन हैं कि उनमें भगवान्‌ के प्यारे संतोंने निवास किया है

सप्तम माला १-वेद-शास्त्र इसीलिये जगत्का कल्याण करते हैं कि उनमें भगवान्‌के गुण, महत्त्व, तत्त्व, रहस्य, स्वरूप, लीला, धाम और नाम आदिका विशद विवेचन है। २-तीर्थ इसीलिये पतितपावन हैं कि उनमें…

Continue reading
सप्तम माला – तीर्थ इसीलिये पतितपावन हैं कि उनमें भगवान्‌ के प्यारे संतोंने निवास किया है (EN)

सप्तम माला १-वेद-शास्त्र इसीलिये जगत्का कल्याण करते हैं कि उनमें भगवान्‌के गुण, महत्त्व, तत्त्व, रहस्य, स्वरूप, लीला, धाम और नाम आदिका विशद विवेचन है। २-तीर्थ इसीलिये पतितपावन हैं कि उनमें…

Continue reading
एक भगवान्‌ की उपासना से सबकी उपासना सम्पन्न हो जाती है।

९४-जैसे वृक्षकी जड़में जल सींचनेसे सारे पेड़में रस पहुँच जाता है, इसी प्रकार एक भगवान्‌की उपासनासे सबकी उपासना सम्पन्न हो जाती है। ९५-जैसे सरकारकी शक्तिसे, सरकारकी यथायोग्य शक्तिको पाये हुए…

Continue reading
एक भगवान्‌ की उपासना से सबकी उपासना सम्पन्न हो जाती है। (EN)

९४-जैसे वृक्षकी जड़में जल सींचनेसे सारे पेड़में रस पहुँच जाता है, इसी प्रकार एक भगवान्‌की उपासनासे सबकी उपासना सम्पन्न हो जाती है। ९५-जैसे सरकारकी शक्तिसे, सरकारकी यथायोग्य शक्तिको पाये हुए…

Continue reading
मनको पवित्र और संयत करने का एक बड़ा सुन्दर और सफल साधन

६२-मनको पवित्र और संयत करनेका एक बड़ा सुन्दर और सफल साधन है-सत्संगमें रहकर निरन्तर भगवान्‌की अतुलनीय महिमा और पवित्र लीला-कथाओंका सुनना और फिर उनका भलीभाँति मनन करते रहना। ६३-भगवान्की महिमा…

Continue reading
मनको पवित्र और संयत करने का एक बड़ा सुन्दर और सफल साधन (EN)

६२-मनको पवित्र और संयत करनेका एक बड़ा सुन्दर और सफल साधन है-सत्संगमें रहकर निरन्तर भगवान्‌की अतुलनीय महिमा और पवित्र लीला-कथाओंका सुनना और फिर उनका भलीभाँति मनन करते रहना। ६३-भगवान्की महिमा…

Continue reading
किसी पाप का सच्चा प्रायश्चित्त कब होता है

३६-किसी पापका सच्चा प्रायश्चित्त तब होता है, जब १. उसके लिये मनमें भयानक पीड़ा – घोर पश्चात्ताप हो, २. भविष्यमें वैसा न करनेका दृढ़ निश्चय हो, ३. अपने पापको प्रकट…

Continue reading
किसी पाप का सच्चा प्रायश्चित्त कब होता है (EN)

३६-किसी पापका सच्चा प्रायश्चित्त तब होता है, जब १. उसके लिये मनमें भयानक पीड़ा – घोर पश्चात्ताप हो, २. भविष्यमें वैसा न करनेका दृढ़ निश्चय हो, ३. अपने पापको प्रकट…

Continue reading
षष्ठ माला – जहाँ प्रेम प्रेम के लिये ही होता है-बिना किये ही होता है

१-जहाँ प्रेम प्रेमके लिये ही होता है-बिना किये ही होता है, किसी चाहकी जहाँ कल्पना भी नहीं है, वहीं निर्मल अहैतुक प्रेम प्रकट होता है। २-यथार्थ सुन्दर और मधुर वही…

Continue reading
षष्ठ माला – जहाँ प्रेम प्रेम के लिये ही होता है-बिना किये ही होता है (EN)

१-जहाँ प्रेम प्रेमके लिये ही होता है-बिना किये ही होता है, किसी चाहकी जहाँ कल्पना भी नहीं है, वहीं निर्मल अहैतुक प्रेम प्रकट होता है। २-यथार्थ सुन्दर और मधुर वही…

Continue reading
अज्ञानी मनुष्य ही अभिमान का गुलाम है; बुद्धिमान् तो विनयी होता है।

६०-अज्ञानी मनुष्य ही अभिमान का गुलाम है; बुद्धिमान् तो विनयी होता है। ६१-अहंकार प्रचण्ड निदाघका मध्याह्न है और विनय वसन्तकी संध्या ! ६२-जो कुछ करना चाहते हो, पहलेसे ही उसका…

Continue reading
अज्ञानी मनुष्य ही अभिमान का गुलाम है; बुद्धिमान् तो विनयी होता है। (EN)

६०-अज्ञानी मनुष्य ही अभिमान का गुलाम है; बुद्धिमान् तो विनयी होता है। ६१-अहंकार प्रचण्ड निदाघका मध्याह्न है और विनय वसन्तकी संध्या ! ६२-जो कुछ करना चाहते हो, पहलेसे ही उसका…

Continue reading
जब सुखकी चाह कम होती है, तब उतनी ही चिन्ता भी कम होती है

२७-जब सुखकी चाह कम होती है, तब उतनी ही चिन्ता भी कम होती है। जहाँ भोग-विलासरूप सुखकी स्पृहा आयी कि चारों ओरसे फंदे पड़ने लगे। २८-मनुष्य स्वयं ही अपनी मूर्खतासे…

Continue reading
जब सुखकी चाह कम होती है, तब उतनी ही चिन्ता भी कम होती है (EN)

२७-जब सुखकी चाह कम होती है, तब उतनी ही चिन्ता भी कम होती है। जहाँ भोग-विलासरूप सुखकी स्पृहा आयी कि चारों ओरसे फंदे पड़ने लगे। २८-मनुष्य स्वयं ही अपनी मूर्खतासे…

Continue reading
पंचम माला – तुम पिछले अनन्त जन्मोंमें न मालूम कितने माता-पिताओंकी स्नेहभरी गोदमें खेले हो…..

पंचम माला तुम पिछले अनन्त जन्मोंमें न मालूम कितने माता-पिताओंकी स्नेहभरी गोदमें खेले हो….. १-तुम पिछले अनन्त जन्मोंमें न मालूम कितने माता-पिताओंकी स्नेहभरी गोदमें खेले हो, कितनी पतिप्राणा प्रेमिकाओंके प्रेमरसमें…

Continue reading
पंचम माला – तुम पिछले अनन्त जन्मोंमें न मालूम कितने माता-पिताओंकी स्नेहभरी गोदमें खेले हो….. (EN)

पंचम माला तुम पिछले अनन्त जन्मोंमें न मालूम कितने माता-पिताओंकी स्नेहभरी गोदमें खेले हो….. १-तुम पिछले अनन्त जन्मोंमें न मालूम कितने माता-पिताओंकी स्नेहभरी गोदमें खेले हो, कितनी पतिप्राणा प्रेमिकाओंके प्रेमरसमें…

Continue reading
मनुष्य हर चीज पर अधिकार मानता है. पर मरने पर कफनके लिये कपड़े के एक टुकड़े पर भी उसका अधिकार नहीं है! वह भी बाजार से आता है।

७७. मनुष्य घर की एक एक चीज पर अपना अधिकार मानता है. पर मरने पर क्या होता है? कफनके लिये कपड़ेके एक टुकड़ेपर भी उसका अधिकार नहीं है! वह भी…

Continue reading
मनुष्य हर चीज पर अधिकार मानता है. पर मरने पर कफनके लिये कपड़े के एक टुकड़े पर भी उसका अधिकार नहीं है! वह भी बाजार से आता है। (EN)

७७. मनुष्य घर की एक एक चीज पर अपना अधिकार मानता है. पर मरने पर क्या होता है? कफनके लिये कपड़ेके एक टुकड़ेपर भी उसका अधिकार नहीं है! वह भी…

Continue reading
School-College में बोलते हैं माँ-बहन की गाली देने से दोस्ती गहरी होगी

School-College में बोलते हैं माँ-बहन की गाली देने से दोस्ती गहरी होगी महाराज जी से एक युवा भक्त ने पूछा कि महाराज जी School-College में बोलते हैं माँ-बहन की गाली…

Continue reading
School-College में बोलते हैं माँ-बहन की गाली देने से दोस्ती गहरी होगी (EN)

School-College में बोलते हैं माँ-बहन की गाली देने से दोस्ती गहरी होगी महाराज जी से एक युवा भक्त ने पूछा कि महाराज जी School-College में बोलते हैं माँ-बहन की गाली…

Continue reading
महाराज जी की मोदी जी और योगी जी से मुलाकात है बहुप्रत्याक्षित

महाराज जी की मोदी जी और योगी जी से मुलाकात है बहुप्रत्याक्षित महाराज जी की बढती लोकप्रियता को देखते हुए संभावना है कि प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी जी और उत्तर प्रदेश…

Continue reading
महाराज जी की मोदी जी और योगी जी से मुलाकात है बहुप्रत्याक्षित (EN)

महाराज जी की मोदी जी और योगी जी से मुलाकात है बहुप्रत्याक्षित महाराज जी की बढती लोकप्रियता को देखते हुए संभावना है कि प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी जी और उत्तर प्रदेश…

Continue reading
अब हर 15 मिनट में महाराज जी आपको याद दिलाएंगे नाम जप करना

अब हर 15 मिनट में महाराज जी आपको याद दिलाएंगे नाम जप करना महाराज जी हमेशा अपने भक्तों को कहते है कि सभी समस्याओं का समाधान नाम जप है. आपको…

Continue reading
अब हर 15 मिनट में महाराज जी आपको याद दिलाएंगे नाम जप करना (EN)

अब हर 15 मिनट में महाराज जी आपको याद दिलाएंगे नाम जप करना महाराज जी हमेशा अपने भक्तों को कहते है कि सभी समस्याओं का समाधान नाम जप है. आपको…

Continue reading
पहला नम्बर वीर महान का, आगे आगे देखो और कितने सेलेब्रिटी महाराज जी के लिए बनेंगे साधू

पहला नम्बर वीर महान का, आगे आगे देखो और कितने सेलेब्रिटी महाराज जी के लिए बनेंगे साधू डब्लूडब्लूई रेसलिंग स्टार वीर महान उर्फ़ रिंकू सिंह राजपूत महाराज Vrindavan Rasik Sant…

Continue reading
पहला नम्बर वीर महान का, आगे आगे देखो और कितने सेलेब्रिटी महाराज जी के लिए बनेंगे साधू (EN)

पहला नम्बर वीर महान का, आगे आगे देखो और कितने सेलेब्रिटी महाराज जी के लिए बनेंगे साधू डब्लूडब्लूई रेसलिंग स्टार वीर महान उर्फ़ रिंकू सिंह राजपूत महाराज Vrindavan Rasik Sant…

Continue reading
वृन्दावन जाने से पहले यह पढ़ ले परेशान होने से बच सकते हैं

वृन्दावन जाने से पहले यह पढ़ ले परेशान होने से बच सकते हैं इस समय वृन्दावन धार्मिक आस्था का हॉट स्पॉट बना हुआ है. हर रोज लाखों भक्त वृन्दावन में…

Continue reading
वृन्दावन जाने से पहले यह पढ़ ले परेशान होने से बच सकते हैं (EN)

वृन्दावन जाने से पहले यह पढ़ ले परेशान होने से बच सकते हैं इस समय वृन्दावन धार्मिक आस्था का हॉट स्पॉट बना हुआ है. हर रोज लाखों भक्त वृन्दावन में…

Continue reading
सारे साधनों का प्राण है- भगवान्‌का नाम -चतुर्थ माला

सारे साधनोंका प्राण है- भगवान्‌का नाम ४१-सारे साधनोंका प्राण है- भगवान्‌का नाम । ‘नाम रामको अंक है, सब साधन हैं सून।’ खूब भजन करो और दूसरोंसे करवाओ। ४२-मनुष्य सदा डरता…

Continue reading
सारे साधनों का प्राण है- भगवान्‌का नाम -चतुर्थ माला (EN)

सारे साधनोंका प्राण है- भगवान्‌का नाम ४१-सारे साधनोंका प्राण है- भगवान्‌का नाम । ‘नाम रामको अंक है, सब साधन हैं सून।’ खूब भजन करो और दूसरोंसे करवाओ। ४२-मनुष्य सदा डरता…

Continue reading
खुद और अपने बच्चों को भगवान के मार्ग में कैसे चलाएं ?

प्रश्न- खुद और अपने बच्चों को भगवान के मार्ग में कैसे चलाएं ? पांच बातें स्वीकार कर लो 1.सुमिरन- किसी भी एक नाम का सुमिरन 2. सेवा- माता-पिता की सेवा,…

Continue reading
खुद और अपने बच्चों को भगवान के मार्ग में कैसे चलाएं ? (EN)

प्रश्न- खुद और अपने बच्चों को भगवान के मार्ग में कैसे चलाएं ? पांच बातें स्वीकार कर लो 1.सुमिरन- किसी भी एक नाम का सुमिरन 2. सेवा- माता-पिता की सेवा,…

Continue reading
मनुष्य भूल करता है, सुख एवं सुविधाएँ चाहता है, पर चाहता है भगवान्‌ की ओर पीठ देकर

मनुष्य भूल करता है, सुख एवं सुविधाएँ चाहता है, पर चाहता है भगवान्‌ की ओर पीठ देकर, चतुर्थ माला १-जबतक भगवान्‌की ओर मुख नहीं हो जाता, तबतक यथार्थ में सुख…

Continue reading
मनुष्य भूल करता है, सुख एवं सुविधाएँ चाहता है, पर चाहता है भगवान्‌ की ओर पीठ देकर (EN)

मनुष्य भूल करता है, सुख एवं सुविधाएँ चाहता है, पर चाहता है भगवान्‌ की ओर पीठ देकर, चतुर्थ माला १-जबतक भगवान्‌की ओर मुख नहीं हो जाता, तबतक यथार्थ में सुख…

Continue reading
भगवान् प्रेम के वश होकर क्या नहीं करते- सब कुछ करते हैं

भगवान् प्रेमके वश होकर क्या नहीं करते- सब कुछ करते हैं ८८-भगवत्प्रेमके लिये साधना करनी चाहिये, जैसे भी हो इसकी उपलब्धि करनी चाहिये। ८९-जिस दिन मनुष्य सब भूतों में अपने-आपको…

Continue reading
भगवान् प्रेम के वश होकर क्या नहीं करते- सब कुछ करते हैं (EN)

भगवान् प्रेमके वश होकर क्या नहीं करते- सब कुछ करते हैं ८८-भगवत्प्रेमके लिये साधना करनी चाहिये, जैसे भी हो इसकी उपलब्धि करनी चाहिये। ८९-जिस दिन मनुष्य सब भूतों में अपने-आपको…

Continue reading
जब जीवन में बहुत दुखी हों, परेशान हों, विपत्ति मे हों, हार गये हों तो ये सुनो !!

जब जीवन में बहुत दुखी हों, परेशान हों, विपत्ति मे हों, हार गये हों तो ये सुनो !! देखो सबसे पहली बात की हमारी कमजोरी क्या है. हम परेशान हो…

Continue reading
जब जीवन में बहुत दुखी हों, परेशान हों, विपत्ति मे हों, हार गये हों तो ये सुनो !! (EN)

जब जीवन में बहुत दुखी हों, परेशान हों, विपत्ति मे हों, हार गये हों तो ये सुनो !! देखो सबसे पहली बात की हमारी कमजोरी क्या है. हम परेशान हो…

Continue reading
बुढ़ापे के कष्ट भोग कर बुरी मौत मरने से डर लगता है, महाराज जी क्या बोले ?

बुढ़ापे के कष्ट भोग कर बुरी मौत मरने से डर लगता है, महाराज जी क्या बोले ? एक वृद्ध महिला ने महाराज जी से पुछा, महाराज जी बुढापे को भोगने…

Continue reading
बुढ़ापे के कष्ट भोग कर बुरी मौत मरने से डर लगता है, महाराज जी क्या बोले ? (EN)

बुढ़ापे के कष्ट भोग कर बुरी मौत मरने से डर लगता है, महाराज जी क्या बोले ? एक वृद्ध महिला ने महाराज जी से पुछा, महाराज जी बुढापे को भोगने…

Continue reading
भगवान् प्रेम है और प्रेम ही भगवान् है, , तृतीय माला

भगवान् प्रेम है और प्रेम ही भगवान् है, , तृतीय माला ४३-जहाँ देखता है, वहीं श्याम – एक तो यह अवस्था होती है। दूसरे प्रकारकी अवस्था यह है कि श्यामके…

Continue reading
भगवान् प्रेम है और प्रेम ही भगवान् है, , तृतीय माला (EN)

भगवान् प्रेम है और प्रेम ही भगवान् है, , तृतीय माला ४३-जहाँ देखता है, वहीं श्याम – एक तो यह अवस्था होती है। दूसरे प्रकारकी अवस्था यह है कि श्यामके…

Continue reading
जो सोचते है पढ़ाई करना कठिन है और बाबा बनना आसान है इसलिए बाबा बन जाए, पढ़ना नहीं पड़ेगा, उन्हें महाराज जी ने क्या बोला

जो सोचते है पढ़ाई करना कठिन है और बाबा बनना आसान है इसलिए बाबा बन जाए, पढ़ना नहीं पड़ेगा, उन्हें महाराज जी ने क्या बोला जब एक बच्चे ने बोला…

Continue reading
जो सोचते है पढ़ाई करना कठिन है और बाबा बनना आसान है इसलिए बाबा बन जाए, पढ़ना नहीं पड़ेगा, उन्हें महाराज जी ने क्या बोला (EN)

जो सोचते है पढ़ाई करना कठिन है और बाबा बनना आसान है इसलिए बाबा बन जाए, पढ़ना नहीं पड़ेगा, उन्हें महाराज जी ने क्या बोला जब एक बच्चे ने बोला…

Continue reading
शरणागति के लिए जीव को किन बातों की आवश्यकता होती है ?

शरणागति के लिए जीव को किन बातों की आवश्यकता होती है ? असल बात शरणागति तभी होती है जब हम अपने को किसी योग्य नहीं समझते, जब अर्जुन जी आज्ञा…

Continue reading
शरणागति के लिए जीव को किन बातों की आवश्यकता होती है ? (EN)

शरणागति के लिए जीव को किन बातों की आवश्यकता होती है ? असल बात शरणागति तभी होती है जब हम अपने को किसी योग्य नहीं समझते, जब अर्जुन जी आज्ञा…

Continue reading
प्रेम एकमें ही होता है और वह भगवान्में ही होना सम्भव है, तृतीय माला

प्रेम एकमें ही होता है और वह भगवान्में ही होना सम्भव है, तृतीय माला आदरणीय परम पूज्य श्री हनुमानप्रसाद पोद्दार जी की लाभदायक पुस्तक ‘सत्संग के बिखरे मोती ‘ १-यह…

Continue reading
प्रेम एकमें ही होता है और वह भगवान्में ही होना सम्भव है, तृतीय माला (EN)

प्रेम एकमें ही होता है और वह भगवान्में ही होना सम्भव है, तृतीय माला आदरणीय परम पूज्य श्री हनुमानप्रसाद पोद्दार जी की लाभदायक पुस्तक ‘सत्संग के बिखरे मोती ‘ १-यह…

Continue reading
पत्नी से हमेशा ही प्रतिकूलता मिलती है, जिससे मन बहुत परेशान है

पत्नी से हमेशा ही प्रतिकूलता मिलती है, जिससे मन बहुत परेशान है हम क्यों अनुकूलता पत्नी से मांगे, हम अनुकूलता उसको देंगे. हम पति है. हम अनुकूलता देंगे, अपने आप…

Continue reading
पत्नी से हमेशा ही प्रतिकूलता मिलती है, जिससे मन बहुत परेशान है (EN)

पत्नी से हमेशा ही प्रतिकूलता मिलती है, जिससे मन बहुत परेशान है हम क्यों अनुकूलता पत्नी से मांगे, हम अनुकूलता उसको देंगे. हम पति है. हम अनुकूलता देंगे, अपने आप…

Continue reading
इन कारणों से हो रहा है बच्चों का दिमाग खराब (EN)

इन कारणों से हो रहा है बच्चों का दिमाग खराब शहरों और महानगरों में बच्चों का दिमाग सिर्फ मौज मस्ती में ही लगा रहता है। मां बाप भी अपने बच्चों…

Continue reading
तृतीय माला -प्रेम दोमें नहीं होता। वह एक ही में होता है

प्रेम दोमें नहीं होता। वह एक ही में होता है ४३-जहाँ देखता है, वहीं श्याम एक तो यह अवस्था होती है। दूसरे प्रकारकी अवस्था यह है कि श्यामके सिवा और…

Continue reading
तृतीय माला -प्रेम दोमें नहीं होता। वह एक ही में होता है (EN)

प्रेम दोमें नहीं होता। वह एक ही में होता है ४३-जहाँ देखता है, वहीं श्याम एक तो यह अवस्था होती है। दूसरे प्रकारकी अवस्था यह है कि श्यामके सिवा और…

Continue reading
महाराज जी से दीक्षा कैसे प्राप्त करें ?

महाराज जी से दीक्षा कैसे प्राप्त करें महाराज जी से दीक्षा प्राप्त करने हेतु आपको पहले महाराज जी द्वारा प्रदत्त दिनचर्या का नियमित रूप से पालन करना होगा. उसके पश्चात…

Continue reading
महाराज जी से दीक्षा कैसे प्राप्त करें ? (EN)

महाराज जी से दीक्षा कैसे प्राप्त करें महाराज जी से दीक्षा प्राप्त करने हेतु आपको पहले महाराज जी द्वारा प्रदत्त दिनचर्या का नियमित रूप से पालन करना होगा. उसके पश्चात…

Continue reading
पूज्य महाराज जी के दर्शन कब और कैसे प्राप्त होंगे ?

पूज्य महाराज जी के दर्शन कब और कैसे प्राप्त होंगे ? पूज्य महाराज जी के दर्शन आप प्रात: कालीन सत्संग, श्रृंगार कीर्तन / वाणी पाठ या एकान्तिक वार्तालाप के टोकन…

Continue reading
पूज्य महाराज जी के दर्शन कब और कैसे प्राप्त होंगे ? (EN)

पूज्य महाराज जी के दर्शन कब और कैसे प्राप्त होंगे ? पूज्य महाराज जी के दर्शन आप प्रात: कालीन सत्संग, श्रृंगार कीर्तन / वाणी पाठ या एकान्तिक वार्तालाप के टोकन…

Continue reading
वृन्दावन की इस गली में भीड़ बढती जा रही है और भक्तों का विश्वाश बढ़ता जा रहा है.

वृन्दावन की इस गली में भीड़ बढती जा रही है और भक्तों का विश्वाश बढ़ता जा रहा है. दरअसल #Param Pujya Vrindavan Rasik Sant Shri Hit Premanand Govind Sharan Ji…

Continue reading
वृन्दावन की इस गली में भीड़ बढती जा रही है और भक्तों का विश्वाश बढ़ता जा रहा है. (EN)

वृन्दावन की इस गली में भीड़ बढती जा रही है और भक्तों का विश्वाश बढ़ता जा रहा है. दरअसल #Param Pujya Vrindavan Rasik Sant Shri Hit Premanand Govind Sharan Ji…

Continue reading
तृतीय माला -यह विचार होना चाहिये कि हमारा असली कर्तव्य क्या है। फिर तो काम हो जायगा।

तृतीय माला १-यह विचार होना चाहिये कि हमारा असली कर्तव्य क्या है। फिर तो काम हो जायगा। २-कर्मोंका फल भगवान्‌के हाथोंमें है और भगवान्‌के विधानसे जो भी फल प्राप्त होता…

Continue reading
तृतीय माला -यह विचार होना चाहिये कि हमारा असली कर्तव्य क्या है। फिर तो काम हो जायगा। (EN)

तृतीय माला १-यह विचार होना चाहिये कि हमारा असली कर्तव्य क्या है। फिर तो काम हो जायगा। २-कर्मोंका फल भगवान्‌के हाथोंमें है और भगवान्‌के विधानसे जो भी फल प्राप्त होता…

Continue reading
घर घर में कीर्तन कीजिये, फिर अमंगल दूर हो जायेगा-द्वितीय माला

घर घर में कीर्तन कीजिये, फिर अमंगल दूर हो जायेगा ९४-अर्जुनने प्रण किया, सूर्यास्त होनेके पहले-पहले जयद्रथको मार दूँगा, नहीं मारूँगा तो आगमें जलकर मर जाऊँगा। लोगोंने देखा-सूर्य अस्त हो…

Continue reading
घर घर में कीर्तन कीजिये, फिर अमंगल दूर हो जायेगा-द्वितीय माला (EN)

घर घर में कीर्तन कीजिये, फिर अमंगल दूर हो जायेगा ९४-अर्जुनने प्रण किया, सूर्यास्त होनेके पहले-पहले जयद्रथको मार दूँगा, नहीं मारूँगा तो आगमें जलकर मर जाऊँगा। लोगोंने देखा-सूर्य अस्त हो…

Continue reading
भगवान्‌ के मार्ग पर आना ही कठिन है, मार्ग पर आ जाने पर तो सभी विघ्न नष्ट हो जाते हैं -द्वितीय माला

६७-भगवान्‌के मार्गपर आना ही कठिन है। मार्ग पर आ जानेपर तो सभी विघ्न नष्ट हो जाते हैं। ६८-भगवान्‌की ओर मुख किया कि सारे पाप कट जायेंगे। ६९-भगवान्‌की ओर मुँह फेरते…

Continue reading
भगवान्‌ के मार्ग पर आना ही कठिन है, मार्ग पर आ जाने पर तो सभी विघ्न नष्ट हो जाते हैं -द्वितीय माला (EN)

६७-भगवान्‌के मार्गपर आना ही कठिन है। मार्ग पर आ जानेपर तो सभी विघ्न नष्ट हो जाते हैं। ६८-भगवान्‌की ओर मुख किया कि सारे पाप कट जायेंगे। ६९-भगवान्‌की ओर मुँह फेरते…

Continue reading
बच्चे पेरेंट्स से कर रहे हैं डिजिटल फ्रॉड,कहीं आपके बच्चे तो यह नहीं कर रहे, आर्टिकल को पढ़ के चेक करे

जैसे बड़े खेलते हैं ग्रुप में जुआ, वैसे बच्चे दोस्तों के साथ मिलकर खेलते हैं ऑनलाइन गेम  हर माँ बाप के लिए मोबाइल फ़ोन की दुनिया में बच्चे पालना बहुत…

Continue reading
बच्चे पेरेंट्स से कर रहे हैं डिजिटल फ्रॉड,कहीं आपके बच्चे तो यह नहीं कर रहे, आर्टिकल को पढ़ के चेक करे (EN)

जैसे बड़े खेलते हैं ग्रुप में जुआ, वैसे बच्चे दोस्तों के साथ मिलकर खेलते हैं ऑनलाइन गेम  हर माँ बाप के लिए मोबाइल फ़ोन की दुनिया में बच्चे पालना बहुत…

Continue reading
यदि मनमें डर न हो तो डरका हेतु होनेपर भी डर नहीं लगता -द्वितीय माला

३०-सन्तके हृदयमें आकर भगवान् निवास करते हैं, सन्तका हृदय भगवान्‌का घर है। ३१-भगवान्ने कहा- ‘साधुजन मेरे हृदयस्थानीय हैं और मैं साधुओंका हृदय हूँ।’ ऐसे साधु सन्तोंकी महिमा अकथनीय है। ३२-तनसे,…

Continue reading
यदि मनमें डर न हो तो डरका हेतु होनेपर भी डर नहीं लगता -द्वितीय माला (EN)

३०-सन्तके हृदयमें आकर भगवान् निवास करते हैं, सन्तका हृदय भगवान्‌का घर है। ३१-भगवान्ने कहा- ‘साधुजन मेरे हृदयस्थानीय हैं और मैं साधुओंका हृदय हूँ।’ ऐसे साधु सन्तोंकी महिमा अकथनीय है। ३२-तनसे,…

Continue reading
कृपा और प्रेम में क्या अन्तर है ? -द्वितीय माला

आदरणीय परम पूज्य श्री हनुमानप्रसाद पोद्दार जी की लाभदायक पुस्तक ‘सत्संग के बिखरे मोती ‘ १५-भगवान्ने कहा- सुहृदं सर्वभूतानां ज्ञात्वा मां शान्तिमृच्छति ।। ‘जिसने मुझे सुहृद् जान लिया, बस, उसे…

Continue reading
कृपा और प्रेम में क्या अन्तर है ? -द्वितीय माला (EN)

आदरणीय परम पूज्य श्री हनुमानप्रसाद पोद्दार जी की लाभदायक पुस्तक ‘सत्संग के बिखरे मोती ‘ १५-भगवान्ने कहा- सुहृदं सर्वभूतानां ज्ञात्वा मां शान्तिमृच्छति ।। ‘जिसने मुझे सुहृद् जान लिया, बस, उसे…

Continue reading
सन्तका मिलना ही बड़ा दुर्लभ है, पर वे यदि मिल गये तो काम बन गया-द्वितीय माला

द्वितीय माला १-सन्त सबकी भलाई करें, केवल इतनी ही बात नहीं है। सन्तों में ऐसी शक्ति होती है कि उस शक्तिके संस्पर्शमें जो भी आ गया, उसका परम कल्याण हो…

Continue reading
सन्तका मिलना ही बड़ा दुर्लभ है, पर वे यदि मिल गये तो काम बन गया-द्वितीय माला (EN)

द्वितीय माला १-सन्त सबकी भलाई करें, केवल इतनी ही बात नहीं है। सन्तों में ऐसी शक्ति होती है कि उस शक्तिके संस्पर्शमें जो भी आ गया, उसका परम कल्याण हो…

Continue reading
जिसके मन, बुद्धि, शरीर एवं इन्द्रियों पर भगवान्‌ का पूर्ण अधिकार हो गया, वही मुक्त है-प्रथम माला

भगवान् ने कहा, ‘अर्जुन ! युद्ध करो, पर विजय के लिए नहीं आशारहित होकर, ममतारहित होकर (निराशीर्निर्ममो भूत्वा ) युद्ध करो, केवल निमित्तमात्र बनो, मैं कराऊँ वैसे करते जाओ।’ ऐसी…

Continue reading
जिसके मन, बुद्धि, शरीर एवं इन्द्रियों पर भगवान्‌ का पूर्ण अधिकार हो गया, वही मुक्त है-प्रथम माला (EN)

भगवान् ने कहा, ‘अर्जुन ! युद्ध करो, पर विजय के लिए नहीं आशारहित होकर, ममतारहित होकर (निराशीर्निर्ममो भूत्वा ) युद्ध करो, केवल निमित्तमात्र बनो, मैं कराऊँ वैसे करते जाओ।’ ऐसी…

Continue reading
मनुष्य विषयोंको समीप बुलाता है और चाहता है कि अमर रहूँ, यह कैसे सम्भव है?-प्रथम माला

आदरणीय परम पूज्य श्री हनुमानप्रसाद पोद्दार जी की लाभदायक पुस्तक ‘सत्संग के बिखरे मोती ‘ ९१-मनुष्य विषयोंको समीप बुलाता है और चाहता है कि अमर रहूँ, यह कैसे सम्भव है?…

Continue reading
मनुष्य विषयोंको समीप बुलाता है और चाहता है कि अमर रहूँ, यह कैसे सम्भव है?-प्रथम माला (EN)

आदरणीय परम पूज्य श्री हनुमानप्रसाद पोद्दार जी की लाभदायक पुस्तक ‘सत्संग के बिखरे मोती ‘ ९१-मनुष्य विषयोंको समीप बुलाता है और चाहता है कि अमर रहूँ, यह कैसे सम्भव है?…

Continue reading
जब भगवत्प्रेम जाग्रत् होता है, तब मालूम पड़ता है-ओह! मेरी कितनी मूर्खता थी, भ्रमसे मैं वहाँ उन विषयोंमें सुख ढूँढ़ता था जहाँ सुखका लेश भी नहीं-प्रथम माला

७९-जब भगवत्प्रेम जाग्रत् होता है, तब मालूम पड़ता है-ओह! मेरी कितनी मूर्खता थी, भ्रमसे मैं वहाँ उन विषयोंमें सुख ढूँढ़ता था जहाँ सुखका लेश भी नहीं है। ८०-प्रेम उत्पन्न होते…

Continue reading
जब भगवत्प्रेम जाग्रत् होता है, तब मालूम पड़ता है-ओह! मेरी कितनी मूर्खता थी, भ्रमसे मैं वहाँ उन विषयोंमें सुख ढूँढ़ता था जहाँ सुखका लेश भी नहीं-प्रथम माला (EN)

७९-जब भगवत्प्रेम जाग्रत् होता है, तब मालूम पड़ता है-ओह! मेरी कितनी मूर्खता थी, भ्रमसे मैं वहाँ उन विषयोंमें सुख ढूँढ़ता था जहाँ सुखका लेश भी नहीं है। ८०-प्रेम उत्पन्न होते…

Continue reading
सबसे बड़ी मूर्खता, सबसे बड़ा मोह यह है कि हम विषयोंसे सुखकी आशा करते हैं-प्रथम माला

सबसे बड़ी मूर्खता, सबसे बड़ा मोह यह है कि हम विषयोंसे सुखकी आशा करते हैं ६९ सबसे बड़ी मूर्खता, सबसे बड़ा मोह यह है कि हम विषयोंसे सुखकी आशा करते…

Continue reading
सबसे बड़ी मूर्खता, सबसे बड़ा मोह यह है कि हम विषयोंसे सुखकी आशा करते हैं-प्रथम माला (EN)

सबसे बड़ी मूर्खता, सबसे बड़ा मोह यह है कि हम विषयोंसे सुखकी आशा करते हैं ६९ सबसे बड़ी मूर्खता, सबसे बड़ा मोह यह है कि हम विषयोंसे सुखकी आशा करते…

Continue reading

You Missed

GIFT City में निवेश कैसे करें? पूरी जानकारी, फायदे, टैक्स और स्टेप‑बाय‑स्टेप गाइड
LPG गैस की कमी से भागते मजदूर: क्या सच में वे खुद जिम्मेदार हैं या सिस्टम?
Blinkit, Zepto, Zomato, Swiggy: क्या ये ऐप हमें आलसी और कंगाल बना रहे हैं?
दुनियाभर में नौकरियों पर संकट: हर महीने बढ़ती फायरिंग, निकाले गए कर्मचारियों और बचे हुए जॉब वालों के लिए ज़रूरी चेतावनी
नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में रिटर्न कैसे बढ़ाएँ? पूरी गाइड से सीखें स्मार्ट स्ट्रेटेजी
क्यों ज़रूरी है EPF HEALTH चेक‑अप? PF बैलेंस, पेंशन और इंश्योरेंस की पूरी गाइड