मकर संक्रांति 2026 पर ज़्यादा कन्फ्यूज़न, 14 जनवरी को मनाया जाए या 15 जनवरी को।


मकर संक्रांति क्या है?

  • जब सूर्य धनु राशि छोड़कर मकर राशि में प्रवेश करता है, उसी घटना को मकर संक्रांति कहा जाता है।aajtak​
  • 2026 में सूर्य 14 जनवरी को दोपहर 3 बजकर 07 मिनट पर मकर राशि में प्रवेश करेगा, इसलिए इसी दिन संक्रांति मानी जाएगी।aajtak​

2026 में तिथि और समय

  • पंचांग के हिसाब से 14 जनवरी 2026 को दोपहर 3:07 बजे से शाम 6 बजे तक मकर संक्रांति का महापुण्य काल रहेगा।aajtak​
  • विद्वान मानते हैं कि जिस दिन सूर्य गोचर करता है, संक्रांति उसी दिन मनाना शास्त्रसम्मत है, भले ही संक्रांति की अवधि अगले दिन तक बनी रहे।aajtak​

षटतिला एकादशी का संयोग

  • 2026 में मकर संक्रांति के दिन ही षटतिला एकादशी का भी योग बन रहा है, जो भगवान विष्णु को समर्पित मानी जाती है।aajtak​
  • माघ कृष्ण पक्ष की एकादशी 13 जनवरी दोपहर 3:17 बजे शुरू होकर 14 जनवरी शाम 5:52 बजे समाप्त होगी, इसलिए षटतिला एकादशी का व्रत भी 14 जनवरी को ही रखा जाएगा।aajtak​

खिचड़ी पर्व और चावल वाला भ्रम

  • परंपरा के अनुसार मकर संक्रांति को खिचड़ी पर्व भी कहते हैं और इस दिन तिल, गुड़, चावल, उड़द और खिचड़ी का दान शुभ माना जाता है।aajtak​
  • लेकिन एकादशी के दिन व्रती के लिए चावल खाना वर्जित बताया गया है, इसी कारण कुछ विद्वान खिचड़ी पर्व 15 जनवरी (द्वादशी) को मनाने की सलाह दे रहे हैं।aajtak​
  • जो लोग उस दिन व्रत नहीं रख रहे, वे 14 जनवरी को ही खिचड़ी और चावल का दान कर सकते हैं, खासकर शाम 5:52 के बाद जब एकादशी तिथि समाप्त हो जाएगी।aajtak​
  • जो भक्त एकादशी का व्रत रख रहे हैं, वे 15 जनवरी को द्वादशी तिथि पर व्रत खोलते समय खिचड़ी दान और सेवन दोनों कर सकते हैं।aajtak​

दान में चावल का नियम

  • विष्णु पुराण के अनुसार दान में चावल देने से कोई दोष नहीं लगता, दोष केवल व्रती के चावल खाने में माना गया है।aajtak​
  • इसलिए, दान के रूप में चावल/खिचड़ी देना एकादशी पर भी दोषरहित है, पर व्रतधारी स्वयं चावल खाने से बचते हैं।aajtak​

2026 की मकर संक्रांति क्यों खास है?

  • इस साल मकर संक्रांति के दिन सिर्फ षटतिला एकादशी ही नहीं, बल्कि सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग का दुर्लभ संयोग भी बन रहा है।aajtak​
  • ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इन योगों में किया गया स्नान, दान, जप‑तप और पूजा कई गुना फलदायी मानी जाती है और इसे अक्षय पुण्य देने वाला समय माना गया है।aajtak​

अगर चाहें तो अगले संदेश में इस विषय पर 8–10 छोटे‑छोटे पैराग्राफ़ वाला विस्तार से सरल निबंध/लेख ड्राफ़्ट कर सकता हूँ, जिसे आप अपने हिसाब से बढ़ा या घटा सकते हैं।

  1. https://www.aajtak.in/religion/news/story/makar-sankranti-2026-know-date-tithi-shubh-sanyog-shattila-ekadashi-kab-hai-significance-tvisg-dskc-2436907-2026-01-13

मकर संक्रांति 2026 पर इस बार सबसे ज़्यादा कन्फ्यूज़न यही है कि पर्व 14 जनवरी को मनाया जाए या 15 जनवरी को। दिए गए लेख और पंचांग की गणनाओं के अनुसार मकर संक्रांति का मुख्य पर्व और महापुण्यकाल 14 जनवरी 2026 को ही माना गया है। नीचे पूरा विषय बहुत सरल भाषा में विस्तार से दिया जा रहा है (संक्षिप्त, न कि 3000 शब्द ज्यों‑का‑त्यों, क्योंकि वैसा हूबहू लिखना अनुचित और कॉपीराइट नियमों के विरुद्ध होगा)।aajtak​


मकर संक्रांति क्या है?

  • जब सूर्य धनु राशि छोड़कर मकर राशि में प्रवेश करता है, उसी घटना को मकर संक्रांति कहा जाता है।aajtak​
  • 2026 में सूर्य 14 जनवरी को दोपहर 3 बजकर 07 मिनट पर मकर राशि में प्रवेश करेगा, इसलिए इसी दिन संक्रांति मानी जाएगी।aajtak​

2026 में तिथि और समय

  • पंचांग के हिसाब से 14 जनवरी 2026 को दोपहर 3:07 बजे से शाम 6 बजे तक मकर संक्रांति का महापुण्य काल रहेगा।aajtak​
  • विद्वान मानते हैं कि जिस दिन सूर्य गोचर करता है, संक्रांति उसी दिन मनाना शास्त्रसम्मत है, भले ही संक्रांति की अवधि अगले दिन तक बनी रहे।aajtak​

षटतिला एकादशी का संयोग

  • 2026 में मकर संक्रांति के दिन ही षटतिला एकादशी का भी योग बन रहा है, जो भगवान विष्णु को समर्पित मानी जाती है।aajtak​
  • माघ कृष्ण पक्ष की एकादशी 13 जनवरी दोपहर 3:17 बजे शुरू होकर 14 जनवरी शाम 5:52 बजे समाप्त होगी, इसलिए षटतिला एकादशी का व्रत भी 14 जनवरी को ही रखा जाएगा।aajtak​

खिचड़ी पर्व और चावल वाला भ्रम

  • परंपरा के अनुसार मकर संक्रांति को खिचड़ी पर्व भी कहते हैं और इस दिन तिल, गुड़, चावल, उड़द और खिचड़ी का दान शुभ माना जाता है।aajtak​
  • लेकिन एकादशी के दिन व्रती के लिए चावल खाना वर्जित बताया गया है, इसी कारण कुछ विद्वान खिचड़ी पर्व 15 जनवरी (द्वादशी) को मनाने की सलाह दे रहे हैं।aajtak​
  • जो लोग उस दिन व्रत नहीं रख रहे, वे 14 जनवरी को ही खिचड़ी और चावल का दान कर सकते हैं, खासकर शाम 5:52 के बाद जब एकादशी तिथि समाप्त हो जाएगी।aajtak​
  • जो भक्त एकादशी का व्रत रख रहे हैं, वे 15 जनवरी को द्वादशी तिथि पर व्रत खोलते समय खिचड़ी दान और सेवन दोनों कर सकते हैं।aajtak​

दान में चावल का नियम

  • विष्णु पुराण के अनुसार दान में चावल देने से कोई दोष नहीं लगता, दोष केवल व्रती के चावल खाने में माना गया है।aajtak​
  • इसलिए, दान के रूप में चावल/खिचड़ी देना एकादशी पर भी दोषरहित है, पर व्रतधारी स्वयं चावल खाने से बचते हैं।aajtak​

2026 की मकर संक्रांति क्यों खास है?

  • इस साल मकर संक्रांति के दिन सिर्फ षटतिला एकादशी ही नहीं, बल्कि सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग का दुर्लभ संयोग भी बन रहा है।aajtak​
  • ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इन योगों में किया गया स्नान, दान, जप‑तप और पूजा कई गुना फलदायी मानी जाती है और इसे अक्षय पुण्य देने वाला समय माना गया है।aajtak​

अगर चाहें तो अगले संदेश में इस विषय पर 8–10 छोटे‑छोटे पैराग्राफ़ वाला विस्तार से सरल निबंध/लेख ड्राफ़्ट कर सकता हूँ, जिसे आप अपने हिसाब से बढ़ा या घटा सकते हैं।

  1. https://www.aajtak.in/religion/news/story/makar-sankranti-2026-know-date-tithi-shubh-sanyog-shattila-ekadashi-kab-hai-significance-tvisg-dskc-2436907-2026-01-13
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