मार्केट क्रैश: म्यूच्यूअल फण्ड में क्या मेरा पैसा जीरो हो सकता है?

म्यूच्यूअल फण्ड में आपका निवेश सैद्धान्तिक रूप से जीरो हो सकता है, लेकिन व्यावहारिक तौर पर ऐसा होना लगभग असंभव है, जब तक कि पूरे देश की अर्थव्यवस्था ही ध्वस्त न हो जाए। सामान्य उतार‑चढ़ाव, गिरावट या किसी एक–दो कम्पनी के डूबने से आपका पूरा पोर्टफोलियो शून्य नहीं होता, बस अस्थायी या आंशिक नुकसान होता है।


म्यूच्यूअल फण्ड का पैसा जीरो कब हो सकता है?

  • म्यूच्यूअल फण्ड की वैल्यू तब जीरो होगी जब उसकी पूरी स्कीम के भीतर मौजूद सभी शेयर, बॉन्ड और बाकी एसेट्स की वैल्यू जीरो हो जाए।
  • उदाहरण के लिए अगर किसी इक्विटी फण्ड में 80% पैसा अलग‑अलग कंपनियों के शेयरों में और 20% बॉन्ड में लगा है, तो शून्य होने के लिये सभी कंपनियों का दिवालिया होना और सभी बॉन्ड का बेकार हो जाना ज़रूरी होगा।[scripbox]​
  • विशेषज्ञ इसे केवल “थियरेटिकली पॉसिबल” मानते हैं और कहते हैं कि ऐसा तभी हो सकता है जब पूरे देश की अर्थव्यवस्था ध्वस्त हो जाए, जो अत्यन्त दुर्लभ स्थिति है।

AMC भाग गई तो क्या होगा?

  • भारत में म्यूच्यूअल फण्ड्स SEBI (Mutual Funds) Regulations, 1996 के तहत कड़ाई से रेगुलेट होते हैं; हर स्कीम का पैसा एक अलग कस्टोडियन बैंक में ट्रस्ट की तरह रखा जाता है, AMC के अपने अकाउंट में नहीं।[icici.bank]​
  • अगर किसी AMC को बंद करना पड़े तो भी फण्ड की अंडरलाइंग होल्डिंग (शेयर, बॉन्ड आदि) बेचकर या ट्रांसफर करके इन्कैश की जाती हैं और नियत प्रक्रिया के अनुसार निवेशकों को पैसा लौटाया जाता है; सहारा म्यूच्यूअल फण्ड जैसे मामलों में भी निवेशकों को रिडेम्प्शन का मौका मिला।[tatamutualfund]​
  • यानी “कंपनी भाग गई तो पैसा गायब” जैसा डर म्यूच्यूअल फण्ड स्ट्रक्चर में practically लागू नहीं होता, क्योंकि इन्वेस्टर्स का पैसा स्कीम के ट्रस्ट और कस्टोडियन के तहत अलग‑थलग सुरक्षित रहता है।[icici.bank]​

  • म्यूच्यूअल फण्ड की यूनिट की कीमत NAV होती है, जो रोज़ बदलती है; मार्केट गिरने पर NAV कम होता है, बढ़ने पर NAV बढ़ता है।
  • NAV के गिरने का मतलब अस्थायी वैल्यू लॉस है, जबकि “पैसा जीरो होना” मतलब NAV शून्य; यह तभी होगा जब फण्ड की सभी होल्डिंग्स बेकार हो जाएँ, जो डाइवर्सिफाइड स्कीम में लगभग नामुमकिन है।
  • सामान्य क्रैश (जैसे 20–40% गिरावट) से आपका पोर्टफोलियो डाउन हो सकता है, लेकिन समय और सही एसेट अलोकेशन के साथ यह फिर से रिकवर भी हो सकता है, बशर्ते आपने घबराकर नीचे के स्तर पर रिडीम न कर दिया हो।

म्यूच्यूअल फण्ड स्ट्रक्चर की सुरक्षा

  • मोबाइल, ईमेल, OTP चोरी हो जाए तब भी म्यूच्यूअल फण्ड से पैसा सीधे आपके रजिस्टर्ड बैंक अकाउंट में ही आता है; सिर्फ डिजिटल डेटा चोरी से आपका फण्ड “जीरो” या किसी और के नाम ट्रांसफर नहीं हो जाता।
  • AMC, कस्टोडियन, रजिस्ट्रार आदि के कारण धोखे से पैसा उठा ले जाना बेहद कठिन है; फण्ड मैनेजर के पास केवल “इंस्ट्रक्शन” की शक्ति होती है, पैसा कस्टोडियन बैंक के पास रहता है।


    व्यावहारिक निवेशक के लिए सीख

    • सामान्य निवेशक के लिए ज़्यादा बड़ा जोखिम यह नहीं है कि फण्ड जीरो हो जाएगा, बल्कि यह है कि:
      • गलत स्कीम (बहुत ज़्यादा हाई‑रिस्क, कंसन्ट्रेटेड) चुन ली जाए।
      • मार्केट गिरने पर घबराहट में बेच दिया जाए, जिससे “पेपर लॉस” असली लॉस बन जाए.
      • लक्ष्य, समयावधि और रिस्क प्रोफाइल के हिसाब से पोर्टफोलियो न बनाया जाए।
    • लम्बी अवधि के लिए विवेकपूर्ण तरीके से चुने गए डाइवर्सिफाइड इक्विटी, बैलेंस्ड या इंडेक्स फण्ड में, और उचित SIP/स्टेप‑अप प्लान के साथ, पैसा “जीरो” होने की संभावना नगण्य मानी जा सकती है, जबकि महँगाई से ऊपर असली वेल्थ बनाने की संभावना बहुत मजबूत रहती है।
    • अगर फिर भी मन में यह डर बार‑बार उठता है कि “कहीं सब कुछ डूब न जाए”, तो:
      • 100% पैसा इक्विटी में न रखें; कुछ हिस्सा डेट फण्ड, फिक्स्ड इनकम और इमरजेंसी फण्ड में रखें।
      • सिर्फ 2–3 फण्ड हाउस पर निर्भर न रहकर, अच्छी क्वालिटी AMC और स्कीम में उचित डाइवर्सिफिकेशन रखें।
      • अपने लक्ष्यों (बच्चों की पढ़ाई, रिटायरमेंट आदि) के हिसाब से गोल‑बेस्ड प्लानिंग करें, ताकि मार्केट की अस्थायी गिरावट आपको मानसिक रूप से विचलित न करे.

    Related Posts

    14 साल की SIP से 5 करोड़ का सफर: राहुल जैन की कम्पाउंडिंग वाली सफलता की कहानी

    यह वीडियो INDmoney के यूट्यूब चैनल पर निकिता और राहुल जैन के बीच एक पॉडकास्ट है, जिसमें राहुल बताते हैं कि कैसे एक साधारण सैलरी से शुरुआत करके उन्होंने 36…

    Continue reading
    अगर ITR लेट भरे तो आपका मार्केट लॉस बेकार हो जाएगा

    आज के समय में शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड में निवेश करने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। लेकिन निवेश के साथ‑साथ टैक्स नियमों को समझना भी उतना…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    14 साल की SIP से 5 करोड़ का सफर: राहुल जैन की कम्पाउंडिंग वाली सफलता की कहानी

    14 साल की SIP से 5 करोड़ का सफर: राहुल जैन की कम्पाउंडिंग वाली सफलता की कहानी

    मैं youtube वीडियो देखकर क्या सोचता हूँ

    मैं youtube वीडियो देखकर क्या सोचता हूँ

    भारत में एक से ज़्यादा शादी: आमिर खान की तीसरी शादी और बिगैमी कानून की पूरी सच्चाई

    भारत में एक से ज़्यादा शादी: आमिर खान की तीसरी शादी और बिगैमी कानून की पूरी सच्चाई

    प्रेमी, प्रेमिका और मंगेतर का मर्डर: क्या अध्यात्म से दूर होता इंसान सच में राक्षस बनता जा रहा है?

    प्रेमी, प्रेमिका और मंगेतर का मर्डर: क्या अध्यात्म से दूर होता इंसान सच में राक्षस बनता जा रहा है?

    क्यों फ्लैट के प्रॉफिट पर हम झूमते हैं, लेकिन म्यूचुअल फंड और SIP से दूर भागते हैं?

    क्यों फ्लैट के प्रॉफिट पर हम झूमते हैं, लेकिन म्यूचुअल फंड और SIP से दूर भागते हैं?

    लखनऊ कोचिंग सेंटर हादसा: अब हर माता–पिता को अपने बच्चे की सुरक्षा के लिए क्या करना चाहिए

    लखनऊ कोचिंग सेंटर हादसा: अब हर माता–पिता को अपने बच्चे की सुरक्षा के लिए क्या करना चाहिए