वृन्दावन की इस गली में भीड़ बढती जा रही है और भक्तों का विश्वाश बढ़ता जा रहा है.

वृन्दावन की इस गली में भीड़ बढती जा रही है और भक्तों का विश्वाश बढ़ता जा रहा है.

दरअसल #Param Pujya Vrindavan Rasik Sant Shri Hit Premanand Govind Sharan Ji परम पूज्य वृन्दावन रसिक संत श्री हित प्रेमानंद गोविन्द शरण महाराज जी के राधा केलि कुञ्ज के दरवाजे के बाहर साफ़ लिखा है कि यहाँ कोई भी व्यक्ति धन, कारोबार या अन्य किसी मांग या आशीर्वाद के लिए ना आये. यहाँ भाग्वातिक चर्चा और भगवत्प्राप्ति जैसे विषयों पर बात आती है.

भक्तों को भी पता है कि यहाँ शुद्ध रूप से परमार्थ के रास्ते पर बढ़ने के लिए प्रेरित किया जाता है और उसके लिए भी कड़ी शर्तें है. फिर भी भक्तों का प्यार बढता जा रहा है. रात के १२ से सुबह ११ बजे तक वराह घाट रमण रेती मार्ग पर बहुत ज्यादा भीड़ होती है.

महाराज जी हमेशा अपने सत्संग और एकान्तिक वार्तालाप में प्याज लहसुन, मीट मांस, शराब सिगरेट आदि नशा छोड़ने, सुबह ४ बजे उठने, श्री जी लाल जू की सेवा करने और हित चौरासी जी समेत परम पवित्र ग्रन्थ पढने को कहते है. यह सब नियम दीक्षा लेने से पहले के है. दीक्षा लेने के बाद के नियम अलग है. हम लोगो को बिलकुल नहीं कह रहे कि यह नियम बहुत सख्त है, हजारों भक्त महाराज जी को गुरु मान कर और वरण कर उनकी बात मान रहे है.

बाहर सड़क पर एक पूछताछ डेस्क बना है, जहाँ उनके परिकर भक्तों के सवाल जवाब देते हैं. मैं वहां कुछ देर खड़ा हुआ. ज्यादातर भक्त महाराज जी के दर्शन को लेकर सवाल पूछ रहे थे, जबकि कई खुद में सुधार यानि पर्सनल डेवलपमेंट पर भी बात कर रहे थे. एक भक्त में पुछा मुझे काम सताता है. परिकर ने कहा इस विषय को लेकर महाराज जी कई वीडियो यू टयूब पर है, देख लीजिये. परिकर ने महाराज जी के सुझाव भक्तो को दिए. जैसे जब काम सताए, तो आप नाम जाप जैसे राधा राधा करो. सत्संग सुनने लग जाओ, कीर्तन करने लगो, अपना ध्यान मन से हटाओ.

एक भक्त ने कहा, गुरु मानने और वरण करने में क्या अंतर है, परिकर ने कहा, मानने में भी फायदा है, लेकिन ज्यादा फायदा वरण करने में ज्यादा है. वरण करने से मतलब दीक्षा लेना है.

  • Related Posts

    मेटा पर जुर्माना, लेकिन ट्विटर–यूट्यूब पर गंदी वीडियो की बाढ़ क्यों?

    नीचे इस पूरे मुद्दे को अलग-अलग एंगल से समझने की कोशिश की है। 1. मामला आखिर है क्या? सबसे पहले तस्वीर साफ कर लें।एक तरफ तो मेटा (फेसबुक–इंस्टाग्राम की कंपनी)…

    Continue reading
    सुबह पेट साफ़ न होना: शरीर और आत्मा दोनों के लिए एक गंभीर चेतावनी

    प्रस्तावना भारतीय परंपरा में सुबह का समय ब्रह्ममुहूर्त कहा जाता है — यह केवल योग या ध्यान के लिए ही नहीं, बल्कि शरीर के शुद्धिकरण और आत्म-शुद्धि का भी समय…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    14 साल की SIP से 5 करोड़ का सफर: राहुल जैन की कम्पाउंडिंग वाली सफलता की कहानी

    14 साल की SIP से 5 करोड़ का सफर: राहुल जैन की कम्पाउंडिंग वाली सफलता की कहानी

    मैं youtube वीडियो देखकर क्या सोचता हूँ

    मैं youtube वीडियो देखकर क्या सोचता हूँ

    भारत में एक से ज़्यादा शादी: आमिर खान की तीसरी शादी और बिगैमी कानून की पूरी सच्चाई

    भारत में एक से ज़्यादा शादी: आमिर खान की तीसरी शादी और बिगैमी कानून की पूरी सच्चाई

    प्रेमी, प्रेमिका और मंगेतर का मर्डर: क्या अध्यात्म से दूर होता इंसान सच में राक्षस बनता जा रहा है?

    प्रेमी, प्रेमिका और मंगेतर का मर्डर: क्या अध्यात्म से दूर होता इंसान सच में राक्षस बनता जा रहा है?

    क्यों फ्लैट के प्रॉफिट पर हम झूमते हैं, लेकिन म्यूचुअल फंड और SIP से दूर भागते हैं?

    क्यों फ्लैट के प्रॉफिट पर हम झूमते हैं, लेकिन म्यूचुअल फंड और SIP से दूर भागते हैं?

    लखनऊ कोचिंग सेंटर हादसा: अब हर माता–पिता को अपने बच्चे की सुरक्षा के लिए क्या करना चाहिए

    लखनऊ कोचिंग सेंटर हादसा: अब हर माता–पिता को अपने बच्चे की सुरक्षा के लिए क्या करना चाहिए