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Shri Hit Premanand Govind Sharan Ji Maharajन सोना, न क्रिप्टो न सोना, न क्रिप्टो – फाइनेंशियल प्लानर के साथ जीतिए इस असली बाजीगर सेक्टर में“शादी करने का मन नहीं, पर घरवाले डरते हैं कि बुढ़ापे में कौन संभालेगा?”संत भगवान ने पूज्य महाराज जी से सूतक आदि विषय पर क्या प्रश्न किया ?क्या भगवान के अनेक विग्रहों की पूजा करने पर अधिक फल मिलता है?हिमाचल की महिलाओं ने बलि को लेकर किया सवाल Shri Devkinandan Thakur Jiआज मौन की पवित्र तपस्या: मौनी अमावस्या 2026गीता प्रेस की पुस्तकें इतनी सस्ती कैसे हैं? – एक अनुभव और खोजIndresh जी ने सुनाई विवाह से पूर्व गिरिधर लाल जी की लीला और महाराज जी द्वारा सुंदर चर्चा!ड्यूटी पर मोबाइल का धमाल: एम्प्लोई की आदत, मालिक की परेशानी और समाधान का रास्ताविदेशों में गीता प्रेस की किताबें इतनी महंगी क्यों?Mobile में सामने गलत दृश्य आता है तो ना चाहते हुए भी देख लेती हूँ !मकर संक्रांति 2026 पर ज़्यादा कन्फ्यूज़न, 14 जनवरी को मनाया जाए या 15 जनवरी को।लोहड़ी में कब करे पूजा? दूल्हा भट्टी वाला कौन है ?दिल्ली के आली गाँव में चले बुलडोजर से सीखने और म्यूच्यूअल फंड को समझने की जरुरतमकर संक्रांति 2026 और षटतिला एकादशी एक ही दिन: खिचड़ी दान करें या नहीं?क्रिप्टो में फंसे पैसे: क्या कभी वापस मिलेंगे और अब क्या करें?मिडिल क्लास बैंक को अमीर और खुद को गरीब क्यों बना रहा है?10वीं और 12वीं के प्री-बोर्ड: बच्चों और माता-पिता को किन बातों का रखना चाहिए ख़ास ध्यानजब मैंने बनाई यह आलू मटर की सब्जी तो पत्नी ने क्या कहानए साल में उधारियों के नए बहाने, कहीं आप तो नहीं बन रहे बकरेवेस्टर्न मीडिया इस भारत को नहीं दिखाता, जहाँ मेहमान सचमुच भगवान होता हैअपराधों के युग में अध्यात्म का सहारा: क्यों महाराज जी का मार्ग ही मानवता की सच्ची दिशा हैभगवान कृष्ण बहुत कठिन परीक्षाएँ लेते हैं और परिवार तथा आर्थिक संपत्ति भी छीन लेते हैं!गूगल, ज़ोमैटो, अमेज़न, फ्लिपकार्ट पर रिव्यू का नया जुगाड़: तारीफ या ठगी?क्या हम सच में समझदार खरीददार हैं?मन ने जीना हराम कर दिया है, क्या करूँ?जिन्हें खाना बनाना नहीं आता वो यह बिरयानी चुटकी में बनाकर पत्नी को कर सकता है खुशIAS की तैयारी करने जा रहे हैं तो पहले यह पढ़ लेNew Income Tax Rules 2026 | Ab Income छुपाना नामुमकिन | Pre Filled ITR Explained| टैक्स चोरी पर लगामइन छोटे से क़दमों से आप बड़े सपने पूरे करने की दूरी तय कर लोंगेछुट्टियों में प्रसिद्ध मंदिरों के दर्शन में भीड़ से बचने का सुपर सीक्रेटपंचांग कैलेंडर का महत्व और देवी-देवताओं की तस्वीरों की समस्यामहाराज जी का बाहर निकलना हुआ मुश्किल,आश्रम पर 24 घंटे भयंकर भीड़, ट्रैफिक जाम, 48 घंटे सड़क पर बैठकर लोग दर्शन का करते हैं इंतजार“जब चाय नहीं मिलती, आत्मा बेचैन हो जाती है”चिट फंड बनाम सुरक्षित निवेश: सही चुनाव से ही बनती है संपत्तिपरमपिता परमेश्वर तक पहुँचने का सरल मार्गक्या सच में सुरक्षित है बच्चों को मेड के हवाले छोड़ना?क्या सोशल मीडिया का “ETF हल्ला” खतरे की घंटी है? INVESTOR AWARENESSक्या स्लीपर बसों से यात्रा नहीं करनी चाहिए ?मेरी अयोध्या की यात्रा का अनुभव आपके काम आ सकता हैNilesh Shah | Investment Plans: सोना, शेयर या प्रॉपर्टी, लॉन्ग टर्म निवेश किसमें है फायदेमंद ?पैसे को बैंक में मत रखोस्कूल पेरेंट्स मीटिंग में ज़्यादातर बच्चों को डाँट क्यों पड़ती है?किशोर बच्चे माँ‑बाप की बात क्यों नहीं सुनते?अगर कोई हमारी मेहनत से कमाया हुआ धन हड़प ले तो क्या करें?विराट कोहली और अनुष्का शर्मा ने महाराज जी से ली दीक्षा: आस्था, सादगी और भक्ति की अनोखी मिसालक्रिसमस की रौनक में ठंडक क्यों, क्या हिंदुत्व इसके पीछे कारण है?COACHING-TUTION के बावजूद बच्चो के नंबर क्यों नहीं आ रहे, पेरेंट्स क्या करे?संसार में छल-कपट भरा हुआ है ऐसे में उन्ही के बीच कैसे रहें, कभी कभी सहन नहीं होता ?सब चीज़ के लिए पैसे हैं, पर इसके लिए नहीं हैंबनारस में मेरी यात्रा का अनुभव आपकी यात्रा आसान कर सकता हैमहंगाई नहीं लाइफस्टाइल है असली डायन जो खाए जात है पर यह शख्स ही आपको बचा सकता है इस डायन सेमेरे व्यापार में मुझे गाली देकर बात करनी पड़ती है ! Bhajan Margएक्सटेंडेड वारंटी घाटे का सौदा क्यों? कंपनियों के लिए ‘चाँदी’ क्यों?Mata Vaishno Devi Yatra में भारी गिरावट दर्ज, क्यों घट रही श्रद्धालुओं की संख्या ? क्या है वजह?क्यों SWP से कमाई रेंटल इनकम से बेहतर है ?​दिसंबर में कहाँ मिल रही हैं सरकारी नौकरियांArmy में होने के वजह से लगता रहता है कि पति और पिता के कर्तव्यों से पीछे न रह जाऊँ ?नौकरी के बिना 15 लाख महीना: रविंद्र की फाइनेंशियल फ्रीडम स्टोरीव्लादिमीर पुतिन कितने हैं धार्मिक, हिन्दू धर्म से क्या हैं कनेक्शनवृंदावन में लंबा रहने का सच: कहां रहें और धोखे से कैसे बचेंदिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे ट्रायल रन से लाखों लोगों को बड़ी राहतवित्तीय योजना से रिटायरमेंट और बच्चों की पढ़ाई कैसे सुरक्षित करेंदिव्यांगजनों के लिए निवेश रणनीतिबेलगाम बैटरी रिक्शा: बढ़ती अव्यवस्था और खतराभारत में लोग वित्तीय साक्षरता पर खुलकर बात क्यों नहीं करते?शहर से दूर फ़ार्म हाउस में शादी का बढ़ता क्रेज – खर्च, वजहें और दिल्ली के मशहूर इलाक़ेऋषिकेश का पवित्र नीलकंठ महादेव मंदिर यात्रा मार्गदर्शिका और संपूर्ण जानकारीOffice में लोग बहुत परेशान करते हैं अब सहन नहीं होता क्या करूँ ?हर महीने 1000 रूपये SIP: गार्ड और मेड की जिन्दगी कैसे बदल सकती है?क्या नौकरी करना ज़रूरी है या इसका कोई आध्यात्मिक महत्व भी है?खुद को भी जानना है और खूब धनवान तथा भव्य जीवन भी जीना चाहता हूँ। गृहस्थ में रहते हुए कर्म-संन्यास को कैसे धारण करें?भारत में XL और XXL साइज के कपड़ों की बढ़ती मांग: फैशन ट्रेंड या हेल्थ अलार्म?
पूजा (EN)

पूजा ‘सब प्रजाजन उपस्थित हो गये ?’ ‘श्रीमान्‌की आज्ञा तथा जगत्पतिके दर्शनके सौभाग्यको कौन अतिक्रमण कर सकता है महाराज किंतु।’ ‘किंतु किंतु परंतु क्या मन्त्रीप्रवर? यह किंतु क्या ?’ आनर्त…

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नवधा भक्ति [९]- छलहीन सरल

नवधा भक्ति [९]- छलहीन सरल नवम सरल सब सन छलहीना। मम भरोस हिय हरष न दीना ॥ (१) ‘कायरोंकी भाँति दुबककर रात्रिमें आक्रमण मुझसे न होगा। दिनमें जहाँ कहोगे, चला…

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नवधा भक्ति [९]- छलहीन सरल (EN)

नवधा भक्ति [९]- छलहीन सरल नवम सरल सब सन छलहीना। मम भरोस हिय हरष न दीना ॥ (१) ‘कायरोंकी भाँति दुबककर रात्रिमें आक्रमण मुझसे न होगा। दिनमें जहाँ कहोगे, चला…

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नवधा भक्ति [८] द्वन्द्वातीत

नवधा भक्ति [८] द्वन्द्वातीत आठवं जथालाभ संतोषा। सपनेहुँ नहिं देखड़ परदोषा ॥ (१) ‘वह मेरा नौकर था, पर कभी उसने मुझसे वेतनके सम्बन्धमें कुछ कहा नहीं। जो कुछ उसे मिल…

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नवधा भक्ति [८] द्वन्द्वातीत (EN)

नवधा भक्ति [८] द्वन्द्वातीत आठवं जथालाभ संतोषा। सपनेहुँ नहिं देखड़ परदोषा ॥ (१) ‘वह मेरा नौकर था, पर कभी उसने मुझसे वेतनके सम्बन्धमें कुछ कहा नहीं। जो कुछ उसे मिल…

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नवधा भक्ति [६] सदाचार

नवधा भक्ति [६] सदाचार छठ दम सील बिरति बहु करमा । निरत निरंतर सज्जन धरमा ॥ (१) छोटी-छोटी गोल-गोल आँखें, दृढ़ मांसपेशियाँ शरीरपर सघन रोमराशि, कड़े उठे हुए केश, मोटा…

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नवधा भक्ति [६] सदाचार (EN)

नवधा भक्ति [६] सदाचार छठ दम सील बिरति बहु करमा । निरत निरंतर सज्जन धरमा ॥ (१) छोटी-छोटी गोल-गोल आँखें, दृढ़ मांसपेशियाँ शरीरपर सघन रोमराशि, कड़े उठे हुए केश, मोटा…

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नवधा भक्ति [५]- जप

नवधा भक्ति [५]- जप मंत्र जाप मम द्रढ़ बिस्वासा। पंचम भजन सो बेद प्रकासा ॥ (१) ‘एक तान्त्रिक महात्मा आये हैं गोपालदासके बगीचेमें। बड़े सिद्ध हैं और उदार भी। कुछ…

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नवधा भक्ति [५]- जप (EN)

नवधा भक्ति [५]- जप मंत्र जाप मम द्रढ़ बिस्वासा। पंचम भजन सो बेद प्रकासा ॥ (१) ‘एक तान्त्रिक महात्मा आये हैं गोपालदासके बगीचेमें। बड़े सिद्ध हैं और उदार भी। कुछ…

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नवधा भक्ति [४] गुणगान

नवधा भक्ति [४] गुणगान ‘चौथि भगति मम गुन गन करइ कपट तजि गान’ (१) ‘क्या हालचाल हैं चौधरीजी ?’ खाँसते हुए उस काले-कलूटे बुड्ढेने पूछा- ‘आज तो बहुत उदास दिखायी…

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नवधा भक्ति [४] गुणगान (EN)

नवधा भक्ति [४] गुणगान ‘चौथि भगति मम गुन गन करइ कपट तजि गान’ (१) ‘क्या हालचाल हैं चौधरीजी ?’ खाँसते हुए उस काले-कलूटे बुड्ढेने पूछा- ‘आज तो बहुत उदास दिखायी…

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नवधा भक्ति [३]- गुरुसेवा

नवधा भक्ति [३]- गुरुसेवा ‘गुर पद पंकज सेवा तीसरि भगति अमान’ काशीके पण्डित श्रीनरेन्द्रकुमार शास्त्रीजीका लोहा मान चुके थे। उनकी धाराप्रवाह काव्यमयी वाणी, व्याकरणशास्त्रकी असीम पटुता और न्यायसे सूक्ष्म प्रवेश…

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नवधा भक्ति [३]- गुरुसेवा (EN)

नवधा भक्ति [३]- गुरुसेवा ‘गुर पद पंकज सेवा तीसरि भगति अमान’ काशीके पण्डित श्रीनरेन्द्रकुमार शास्त्रीजीका लोहा मान चुके थे। उनकी धाराप्रवाह काव्यमयी वाणी, व्याकरणशास्त्रकी असीम पटुता और न्यायसे सूक्ष्म प्रवेश…

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नवधा भक्ति [२]- कथा

नवधा भक्ति [२]- कथा ‘दूसरि रति मम कथा प्रसंगा’ (१) ‘चलो, चौराहेकी ओरसे चलेंगे।’ सफेद कुर्ता और सफेद धोती पहने एक सिपाहीने दूसरे सिपाहीसे कहा, जो वर्दीमें ड्यूटीपर जा रहा…

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नवधा भक्ति [२]- कथा (EN)

नवधा भक्ति [२]- कथा ‘दूसरि रति मम कथा प्रसंगा’ (१) ‘चलो, चौराहेकी ओरसे चलेंगे।’ सफेद कुर्ता और सफेद धोती पहने एक सिपाहीने दूसरे सिपाहीसे कहा, जो वर्दीमें ड्यूटीपर जा रहा…

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नवधा भक्ति [१]- सत्संग

नवधा भक्ति [१]- सत्संग ‘प्रथम भगति संतन्ह कर संगा’ ‘सुना है कि गंगा-किनारे एक बड़े अच्छे साधु आये हैं।’ ‘कब आये ?’ ‘अभी कलको ही तो आये।’ ‘तुम दर्शन कर…

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नवधा भक्ति [१]- सत्संग ‘प्रथम भगति संतन्ह कर संगा’ ‘सुना है कि गंगा-किनारे एक बड़े अच्छे साधु आये हैं।’ ‘कब आये ?’ ‘अभी कलको ही तो आये।’ ‘तुम दर्शन कर…

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प्रॉपर्टी खरीदते वक्त ये नियम बनाए. रिश्तेदार, जानकार को बाद में ,पहले ठाकुर जी और श्रीजी को साथ ले

प्रॉपर्टी खरीदते वक्त ये नियम बनाए ले. रिश्तेदार, जानकार को बाद में पहले ठाकुर और श्रीजी को साथ ले मैंने इस वेबसाइट पर अध्यात्म spiritual से सम्बंधित कंटेंट डालने पर…

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प्रॉपर्टी खरीदते वक्त ये नियम बनाए. रिश्तेदार, जानकार को बाद में ,पहले ठाकुर जी और श्रीजी को साथ ले (EN)

प्रॉपर्टी खरीदते वक्त ये नियम बनाए ले. रिश्तेदार, जानकार को बाद में पहले ठाकुर और श्रीजी को साथ ले मैंने इस वेबसाइट पर अध्यात्म spiritual से सम्बंधित कंटेंट डालने पर…

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नवधा भक्ति (9) आत्मनिवेदन

नवधा भक्ति (9) आत्मनिवेदन जाति पाँति धन् धरम बड़ाई। प्रिय परिवार सदन सुखदाई ॥ सब तजि तुम्हहिं रहइ उर लाई। तेहि के हृदय रहहु रघुराई ॥ ‘वे आँखें हाँ, वे…

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नवधा भक्ति (9) आत्मनिवेदन (EN)

नवधा भक्ति (9) आत्मनिवेदन जाति पाँति धन् धरम बड़ाई। प्रिय परिवार सदन सुखदाई ॥ सब तजि तुम्हहिं रहइ उर लाई। तेहि के हृदय रहहु रघुराई ॥ ‘वे आँखें हाँ, वे…

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नवधा भक्ति [8] सख्य

नवधा भक्ति [8] सख्य जाहि न चाहिअ कबहुँ कछु तुम्ह सन सहज सनेहु । बसहु निरंतर तासु मन सो राउर निज गेहु ॥ ‘भद्र कहाँ है?’ ‘कहीं कोनेमें छिपा होगा।’…

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नवधा भक्ति [8] सख्य (EN)

नवधा भक्ति [8] सख्य जाहि न चाहिअ कबहुँ कछु तुम्ह सन सहज सनेहु । बसहु निरंतर तासु मन सो राउर निज गेहु ॥ ‘भद्र कहाँ है?’ ‘कहीं कोनेमें छिपा होगा।’…

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गोवर्धन से 1, वृन्दावन से 2 घंटे दूर आदि बद्री, ब्रज केदारनाथ, यमुनोत्री, गंगोत्री, ऋषिकेश, लक्ष्मण झुला का पूरा टूर

गोवर्धन से 1, वृन्दावन से 2 घंटे दूर आदि बद्री, ब्रज केदारनाथ, यमुनोत्री, गंगोत्री, ऋषिकेश, लक्ष्मण झुला का पूरा टूर  प्रयागराज महाकुम्भ में तो गए नहीं थे. शुरू से कोई…

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गोवर्धन से 1, वृन्दावन से 2 घंटे दूर आदि बद्री, ब्रज केदारनाथ, यमुनोत्री, गंगोत्री, ऋषिकेश, लक्ष्मण झुला का पूरा टूर (EN)

गोवर्धन से 1, वृन्दावन से 2 घंटे दूर आदि बद्री, ब्रज केदारनाथ, यमुनोत्री, गंगोत्री, ऋषिकेश, लक्ष्मण झुला का पूरा टूर  प्रयागराज महाकुम्भ में तो गए नहीं थे. शुरू से कोई…

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नवधा भक्ति [७]- दास्य

नवधा भक्ति [७]- दास्य सरगु नरकु अपबरगु समाना। जहँ तहँ देख धरें धनु बाना ॥ करम बचन मन राउर चेरा। राम करह तेहि के उर डेरा ॥ ‘आजका आखेट मैं…

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नवधा भक्ति [७]- दास्य (EN)

नवधा भक्ति [७]- दास्य सरगु नरकु अपबरगु समाना। जहँ तहँ देख धरें धनु बाना ॥ करम बचन मन राउर चेरा। राम करह तेहि के उर डेरा ॥ ‘आजका आखेट मैं…

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कातिल पत्नियों की खबरों से डरा एक युवक महाराज जी के पास पहुंचा, बोला- शादी करने से बहुत डर लग रहा है, क्या करू. महाराज जी ने समझाई यह गजब की बात

कातिल पत्नियों की खबरों से डरा एक युवक महाराज जी के पास पहुंचा, बोला- शादी करने से बहुत डर लग रहा है, क्या करू. महाराज जी ने समझाई यह गजब…

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कातिल पत्नियों की खबरों से डरा एक युवक महाराज जी के पास पहुंचा, बोला- शादी करने से बहुत डर लग रहा है, क्या करू. महाराज जी ने समझाई यह गजब की बात (EN)

कातिल पत्नियों की खबरों से डरा एक युवक महाराज जी के पास पहुंचा, बोला- शादी करने से बहुत डर लग रहा है, क्या करू. महाराज जी ने समझाई यह गजब…

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नवधा भक्ति [६] वन्दन

नवधा भक्ति [६] वन्दन सीस नवहिं सुर गुरु द्विज देखी। प्रीति सहित करि बिनय बिसेषी ॥ तुम्हहि छाडि गति दसरि नाहीं। राम बसहु तिन्ह के मन माहीं ॥ ‘दौलतराम कहाँ…

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नवधा भक्ति [६] वन्दन (EN)

नवधा भक्ति [६] वन्दन सीस नवहिं सुर गुरु द्विज देखी। प्रीति सहित करि बिनय बिसेषी ॥ तुम्हहि छाडि गति दसरि नाहीं। राम बसहु तिन्ह के मन माहीं ॥ ‘दौलतराम कहाँ…

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नवधा भक्ति [५]- अर्चन

नवधा भक्ति [५]- अर्चन मंत्रराजु नित जपहिं तुम्हारा। पूजहिं तुम्हहि सहित परिवारा। सबु करि मागहिं एक फलु राम चरन रति होउ। तिन्ह कें मन मंदिर बसहु सिय रघुनंदन दोउ ॥…

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नवधा भक्ति [५]- अर्चन (EN)

नवधा भक्ति [५]- अर्चन मंत्रराजु नित जपहिं तुम्हारा। पूजहिं तुम्हहि सहित परिवारा। सबु करि मागहिं एक फलु राम चरन रति होउ। तिन्ह कें मन मंदिर बसहु सिय रघुनंदन दोउ ॥…

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नवधा भक्ति [४]- पाद-सेवन

नवधा भक्ति [४]- पाद-सेवन कर नित करहिं राम पद पूजा। राम भरोस हृदय नहिं दूजा ॥ चरन राम तीरथ चलि जाहीं । राम बसह तिन्ह के मन माहीं ॥ गुणका…

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नवधा भक्ति [४]- पाद-सेवन (EN)

नवधा भक्ति [४]- पाद-सेवन कर नित करहिं राम पद पूजा। राम भरोस हृदय नहिं दूजा ॥ चरन राम तीरथ चलि जाहीं । राम बसह तिन्ह के मन माहीं ॥ गुणका…

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नवधा भक्ति [३]- स्मरण

नवधा भक्ति [३]- स्मरण निदरहिं सरित सिंधु सर भारी। रूप बिंदु जल होहिं सुखारी ॥ तिन्ह के हृदय सदन सुखदायक । बसहु बंधु सिय सह रघुनायक ।। ‘नहीं, वह ऋषि…

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नवधा भक्ति [३]- स्मरण (EN)

नवधा भक्ति [३]- स्मरण निदरहिं सरित सिंधु सर भारी। रूप बिंदु जल होहिं सुखारी ॥ तिन्ह के हृदय सदन सुखदायक । बसहु बंधु सिय सह रघुनायक ।। ‘नहीं, वह ऋषि…

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बातों से यमुना जी की नहीं होगी सफाई, फैक्टरी, सीवर, नालों का गन्दा पानी रोके सरकार, कर्तव्य परायण पुरुष यमुना जी की सफाई के लिए पैसा पास करवाए और लगाए नहीं तो वह भी खा जाएंगे

बातों से यमुना जी की नहीं होगी सफाई, फैक्टरी, सीवर, नालों का गन्दा पानी रोके सरकार, कर्तव्य परायण पुरुष यमुना जी की सफाई के लिए पैसा पास करवाए और लगाए…

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बातों से यमुना जी की नहीं होगी सफाई, फैक्टरी, सीवर, नालों का गन्दा पानी रोके सरकार, कर्तव्य परायण पुरुष यमुना जी की सफाई के लिए पैसा पास करवाए और लगाए नहीं तो वह भी खा जाएंगे (EN)

बातों से यमुना जी की नहीं होगी सफाई, फैक्टरी, सीवर, नालों का गन्दा पानी रोके सरकार, कर्तव्य परायण पुरुष यमुना जी की सफाई के लिए पैसा पास करवाए और लगाए…

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नवधा भक्ति [२] कीर्तन

नवधा भक्ति [२] कीर्तन जसु तुम्हार मानस बिमल हंसिनि जीहा जासु। मुकताहल गुन गन चुनइ राम बसहु हियँ तासु ॥ बबूलोंकी अच्छी हरियाली है। उनकी पंक्ति सटी हई और सघन…

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नवधा भक्ति [२] कीर्तन (EN)

नवधा भक्ति [२] कीर्तन जसु तुम्हार मानस बिमल हंसिनि जीहा जासु। मुकताहल गुन गन चुनइ राम बसहु हियँ तासु ॥ बबूलोंकी अच्छी हरियाली है। उनकी पंक्ति सटी हई और सघन…

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नवधा भक्ति [१]- श्रवण (१)

नवधा भक्ति [१]- श्रवण (१) जिन्ह के श्रवन समुद्र समाना। कथा तुम्हारि सुभग सरि नाना ॥ भरहिं निरंतर होहिं न पूरे। तिन्ह के हिय तुम्ह कहुँ गृह रूरे ॥ ‘तुम…

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नवधा भक्ति [१]- श्रवण (१) (EN)

नवधा भक्ति [१]- श्रवण (१) जिन्ह के श्रवन समुद्र समाना। कथा तुम्हारि सुभग सरि नाना ॥ भरहिं निरंतर होहिं न पूरे। तिन्ह के हिय तुम्ह कहुँ गृह रूरे ॥ ‘तुम…

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दस महावत [१०]- ईश्वरप्रणिधान

दस महावत [१०]- ईश्वरप्रणिधान (१) ‘समाधिसिद्धिरीश्वरप्रणिधानात् ।’ * * ईश्वर-प्रणिधान (शरणागति) से समाधिकी सिद्धि हो जाती है। (योगदर्शन २।४५) बाबा रघुनाथदासजी कुछ पढ़े-लिखे नहीं थे; बचपनमें ग्राम-पाठशालामें पढ़ने जाते अवश्य…

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दस महावत [१०]- ईश्वरप्रणिधान (EN)

दस महावत [१०]- ईश्वरप्रणिधान (१) ‘समाधिसिद्धिरीश्वरप्रणिधानात् ।’ * * ईश्वर-प्रणिधान (शरणागति) से समाधिकी सिद्धि हो जाती है। (योगदर्शन २।४५) बाबा रघुनाथदासजी कुछ पढ़े-लिखे नहीं थे; बचपनमें ग्राम-पाठशालामें पढ़ने जाते अवश्य…

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दस महाव्रत [९]- स्वाध्याय

दस महाव्रत [९]- स्वाध्याय (१) ‘स्वाध्यायादिष्टदेवतासम्प्रयोगः ।’ * * स्वाध्यायसे इष्ट-देवताका साक्षात् होता है (योगदर्शन २।४४) ‘चैतन्य महाप्रभु जब दक्षिणकी यात्रा करने गये थे, तब एक स्थानपर उन्होंने एक ब्राह्मणको…

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दस महाव्रत [९]- स्वाध्याय (EN)

दस महाव्रत [९]- स्वाध्याय (१) ‘स्वाध्यायादिष्टदेवतासम्प्रयोगः ।’ * * स्वाध्यायसे इष्ट-देवताका साक्षात् होता है (योगदर्शन २।४४) ‘चैतन्य महाप्रभु जब दक्षिणकी यात्रा करने गये थे, तब एक स्थानपर उन्होंने एक ब्राह्मणको…

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दस महाव्रत [८]- तप

दस महाव्रत [८]- तप (१) ‘कायेन्द्रियसिद्धिरशुद्धिक्षयात्तपसः ।’* * तपके प्रभावसे जब अशुद्धिका नाश हो जाता है, तब शरीर और इन्द्रियोंकी सिद्धि हो जाती है। (योगदर्शन २।४३) चारों ओर सुनसान जंगल…

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दस महाव्रत [८]- तप (EN)

दस महाव्रत [८]- तप (१) ‘कायेन्द्रियसिद्धिरशुद्धिक्षयात्तपसः ।’* * तपके प्रभावसे जब अशुद्धिका नाश हो जाता है, तब शरीर और इन्द्रियोंकी सिद्धि हो जाती है। (योगदर्शन २।४३) चारों ओर सुनसान जंगल…

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दस महाव्रत [७]- संतोष

दस महाव्रत [७]- संतोष (१) ‘सन्तोषादनुत्तमसुखलाभः ।’* * जिससे उत्तम दूसरा कोई सुख नहीं है-ऐसे सर्वोत्तम सुखका लाभ सन्तोषसे होता है। (योगदर्शन २।४२) ‘मातृभूमिसे इतनी दूर, एकाकी, यहाँ न कोई…

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दस महाव्रत [७]- संतोष (EN)

दस महाव्रत [७]- संतोष (१) ‘सन्तोषादनुत्तमसुखलाभः ।’* * जिससे उत्तम दूसरा कोई सुख नहीं है-ऐसे सर्वोत्तम सुखका लाभ सन्तोषसे होता है। (योगदर्शन २।४२) ‘मातृभूमिसे इतनी दूर, एकाकी, यहाँ न कोई…

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दस महाव्रत [६]- शौच

दस महाव्रत [६]- शौच (१) ‘शौचात्स्वाङ्गजुगुप्सा परैरसंसर्गः ।’ * * शौच (शुचिता) के पालनसे अपने अंगोंमें वैराग्य और दूसरोंसे संसर्ग न करनेकी इच्छा उत्पन्न होती है। (योगदर्शन २।४०) वह विचारक…

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दस महाव्रत [६]- शौच (EN)

दस महाव्रत [६]- शौच (१) ‘शौचात्स्वाङ्गजुगुप्सा परैरसंसर्गः ।’ * * शौच (शुचिता) के पालनसे अपने अंगोंमें वैराग्य और दूसरोंसे संसर्ग न करनेकी इच्छा उत्पन्न होती है। (योगदर्शन २।४०) वह विचारक…

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दस महाव्रत [५]- अपरिग्रह (१)

दस महाव्रत [५]- अपरिग्रह (१) ‘अपरिग्रहस्थैर्ये जन्मकथन्तासम्बोधः ।’* * अपरिग्रहकी स्थिति हो जानेपर पूर्वजन्म कैसे हुए थे? इस बातका भलीभाँति ज्ञान हो जाता है। (योगदर्शन २।३९) समाचारपत्रोंमें कई बार ऐसे…

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दस महाव्रत [५]- अपरिग्रह (१) (EN)

दस महाव्रत [५]- अपरिग्रह (१) ‘अपरिग्रहस्थैर्ये जन्मकथन्तासम्बोधः ।’* * अपरिग्रहकी स्थिति हो जानेपर पूर्वजन्म कैसे हुए थे? इस बातका भलीभाँति ज्ञान हो जाता है। (योगदर्शन २।३९) समाचारपत्रोंमें कई बार ऐसे…

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दस महाव्रत [४] ब्रह्मचर्य (१)

दस महाव्रत [४] ब्रह्मचर्य (१) ‘ब्रह्मचर्यप्रतिष्ठायां वीर्यलाभः ।’ * * ब्रह्मचर्यकी दृढ़ स्थिति होने पर वीर्य (सामर्थ्य) का लाभ होता है। (योगदर्शन २।३८) पयस्विनीके पावन तटपर एक शिलापर बैठा मैं…

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दस महाव्रत [४] ब्रह्मचर्य (१) (EN)

दस महाव्रत [४] ब्रह्मचर्य (१) ‘ब्रह्मचर्यप्रतिष्ठायां वीर्यलाभः ।’ * * ब्रह्मचर्यकी दृढ़ स्थिति होने पर वीर्य (सामर्थ्य) का लाभ होता है। (योगदर्शन २।३८) पयस्विनीके पावन तटपर एक शिलापर बैठा मैं…

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दस महाव्रत [३]- अस्तेय

दस महाव्रत [३]- अस्तेय (१) ‘अस्तेयप्रतिष्ठायां सर्वरत्नोपस्थानम्।’ * * चोरीके अभावकी दृढ़ स्थिति हो जानेपर (उस योगीके सामने) सब प्रकारके रत्न प्रकट हो जाते हैं (योगदर्शन २।३७) ‘गुरुदेव ! कलसे…

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दस महाव्रत [३]- अस्तेय (EN)

दस महाव्रत [३]- अस्तेय (१) ‘अस्तेयप्रतिष्ठायां सर्वरत्नोपस्थानम्।’ * * चोरीके अभावकी दृढ़ स्थिति हो जानेपर (उस योगीके सामने) सब प्रकारके रत्न प्रकट हो जाते हैं (योगदर्शन २।३७) ‘गुरुदेव ! कलसे…

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दस महाव्रत [२]- सत्य – सत्य में दृढ़ स्थिति हो जाने पर (योगीकी) क्रिया फल का आश्रय बनती है अर्थात् उसकी वाणी अमोघ हो जाती है

दस महाव्रत [२]- सत्य (१) ‘सत्यप्रतिष्ठायां क्रियाफलाश्रयत्वम् ।’* * सत्यमें दृढ़ स्थिति हो जानेपर (योगीकी) क्रिया फलका आश्रय बनती है अर्थात् उसकी वाणी अमोघ हो जाती है। (योगदर्शन २। ३६)…

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दस महाव्रत [२]- सत्य – सत्य में दृढ़ स्थिति हो जाने पर (योगीकी) क्रिया फल का आश्रय बनती है अर्थात् उसकी वाणी अमोघ हो जाती है (EN)

दस महाव्रत [२]- सत्य (१) ‘सत्यप्रतिष्ठायां क्रियाफलाश्रयत्वम् ।’* * सत्यमें दृढ़ स्थिति हो जानेपर (योगीकी) क्रिया फलका आश्रय बनती है अर्थात् उसकी वाणी अमोघ हो जाती है। (योगदर्शन २। ३६)…

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दस महाव्रत (1) अहिंसा

दस महाव्रत [१]- अहिंसा (१) ‘अहिंसाप्रतिष्ठायां तत्सन्निधौ वैरत्यागः।’ * (योगदर्शन २।३५) ‘इन हिंसकोंका पालन अच्छा नहीं!’ बगलमें बैठे केशरी-शावककी ओर संकेत करके किशोरने माधवरावसे कहा। ‘ये किसीके होते नहीं। पता…

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दस महाव्रत (1) अहिंसा (EN)

दस महाव्रत [१]- अहिंसा (१) ‘अहिंसाप्रतिष्ठायां तत्सन्निधौ वैरत्यागः।’ * (योगदर्शन २।३५) ‘इन हिंसकोंका पालन अच्छा नहीं!’ बगलमें बैठे केशरी-शावककी ओर संकेत करके किशोरने माधवरावसे कहा। ‘ये किसीके होते नहीं। पता…

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आध्यात्मिक कहानियां

हमने परम पूज्य श्री हनुमान प्रसाद पोद्दार {भाई जी) जी महाराज जी की पूरी पुस्तक ‘सत्संग के बिखरे मोती’ को वेबसाइट के माध्यम से आपको लाभ देने की कोशिश की…

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आध्यात्मिक कहानियां (EN)

हमने परम पूज्य श्री हनुमान प्रसाद पोद्दार {भाई जी) जी महाराज जी की पूरी पुस्तक ‘सत्संग के बिखरे मोती’ को वेबसाइट के माध्यम से आपको लाभ देने की कोशिश की…

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श्रीजी फिर करेंगी कृपा, महाराज जी के सत्संग के लिए एक बड़ा कैंपस बनाने की सख्त जरुरत

श्रीजी फिर करेंगी कृपा, महाराज जी की पदयात्रा पहले के रूट पर फिर शुरू होने के बाद भी कई बड़े कदम उठाने की जरूरत सद्गुरु देव भगवान् के प्रति प्रेम…

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श्रीजी फिर करेंगी कृपा, महाराज जी के सत्संग के लिए एक बड़ा कैंपस बनाने की सख्त जरुरत (EN)

श्रीजी फिर करेंगी कृपा, महाराज जी की पदयात्रा पहले के रूट पर फिर शुरू होने के बाद भी कई बड़े कदम उठाने की जरूरत सद्गुरु देव भगवान् के प्रति प्रेम…

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भजन की गोपनीयता, सत्संग के बिखरे मोती पुस्तक समाप्त

भजन की गोपनीयता ९५-इस प्रकार हृदयको भगवन्मय बना दे, उसे भगवान्से इतना भर दे कि फिर दूसरेके लिये स्थान रहे ही नहीं। स्थान रहे भी तो ऐसे ही भावोंका, जो…

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भजन की गोपनीयता, सत्संग के बिखरे मोती पुस्तक समाप्त (EN)

भजन की गोपनीयता ९५-इस प्रकार हृदयको भगवन्मय बना दे, उसे भगवान्से इतना भर दे कि फिर दूसरेके लिये स्थान रहे ही नहीं। स्थान रहे भी तो ऐसे ही भावोंका, जो…

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शाश्वती शान्ति को प्राप्त पुरुष की स्थिति

शाश्वती शान्ति को प्राप्त पुरुष की स्थिति ८४-यह सत्य होने पर भी तत्त्वज्ञानी की शाश्वत शान्ति से इसका क्या सरोकार है। कर्मोंका अस्तित्व ही अज्ञान में है। अज्ञानका सर्वथा नाश…

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शाश्वती शान्ति को प्राप्त पुरुष की स्थिति (EN)

शाश्वती शान्ति को प्राप्त पुरुष की स्थिति ८४-यह सत्य होने पर भी तत्त्वज्ञानी की शाश्वत शान्ति से इसका क्या सरोकार है। कर्मोंका अस्तित्व ही अज्ञान में है। अज्ञानका सर्वथा नाश…

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शरणागति का स्वरूप और शाश्वती शान्ति को प्राप्त पुरुष की स्थिति

७२-सकामभावकी अर्थार्थी भक्ति भी बहुत ऊँची और कठिन है। उससे भी हमारे प्रत्येक कर्मका फल मिल सकता है और फलस्वरूप भगवान्‌की प्राप्ति हो जाती है। भगवान् ही ढूँढ़ते हैं कि…

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शरणागति का स्वरूप और शाश्वती शान्ति को प्राप्त पुरुष की स्थिति (EN)

७२-सकामभावकी अर्थार्थी भक्ति भी बहुत ऊँची और कठिन है। उससे भी हमारे प्रत्येक कर्मका फल मिल सकता है और फलस्वरूप भगवान्‌की प्राप्ति हो जाती है। भगवान् ही ढूँढ़ते हैं कि…

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जहाँ इन्द्रियरूपी झरोखे से विषयरूपी बयार आयी कि ज्ञानरूपी दीपकको बुझा देगी। इन झरोखोंको बंद रखे।

६६-जहाँ इन्द्रियरूपी झरोखे से विषयरूपी बयार आयी कि ज्ञानरूपी दीपकको बुझा देगी। इन झरोखोंको बंद रखे। इन्हें खोले रखनेमें खतरा यही है कि जहाँ जोरों का झोंका आया कि फिर…

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जहाँ इन्द्रियरूपी झरोखे से विषयरूपी बयार आयी कि ज्ञानरूपी दीपकको बुझा देगी। इन झरोखोंको बंद रखे। (EN)

६६-जहाँ इन्द्रियरूपी झरोखे से विषयरूपी बयार आयी कि ज्ञानरूपी दीपकको बुझा देगी। इन झरोखोंको बंद रखे। इन्हें खोले रखनेमें खतरा यही है कि जहाँ जोरों का झोंका आया कि फिर…

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अंधा भी हो जाय, एकमात्र अपने लक्ष्य की ओर एकाग्र दृष्टि रखे। एक साँवरे रंग के सिवा और कुछ दीखे ही नहीं।

६०-संसारकी ओर से बुद्धिहीन तो हो ही, साथ ही अंधा भी हो जाय, एकमात्र अपने लक्ष्यकी ओर एकाग्र दृष्टि रखे। एक साँवरे रंगके सिवा और कुछ दीखे ही नहीं। स्याम…

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अंधा भी हो जाय, एकमात्र अपने लक्ष्य की ओर एकाग्र दृष्टि रखे। एक साँवरे रंग के सिवा और कुछ दीखे ही नहीं। (EN)

६०-संसारकी ओर से बुद्धिहीन तो हो ही, साथ ही अंधा भी हो जाय, एकमात्र अपने लक्ष्यकी ओर एकाग्र दृष्टि रखे। एक साँवरे रंगके सिवा और कुछ दीखे ही नहीं। स्याम…

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बना दो बुद्धिहीन, भगवान !

४६-कोई भाग्यवान् व्यक्ति निष्काम भावसे भगवान्‌ की भक्ति करता है तो भगवान् अपने सच्चिदानन्द विग्रह से उसके सामने प्रकट होते हैं। पर श्रीभगवान्‌ को भजकर, भगवान्‌की आराधनाके बदलेमें, भगवत्प्रेमके बदलेमें…

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बना दो बुद्धिहीन, भगवान ! (EN)

४६-कोई भाग्यवान् व्यक्ति निष्काम भावसे भगवान्‌ की भक्ति करता है तो भगवान् अपने सच्चिदानन्द विग्रह से उसके सामने प्रकट होते हैं। पर श्रीभगवान्‌ को भजकर, भगवान्‌की आराधनाके बदलेमें, भगवत्प्रेमके बदलेमें…

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जो श्रीभगवान् और उनके भक्तों का अपमान करते हैं, उन पर कभी भी कृपा नहीं होती।

२१-जो श्रीभगवान् और उनके भक्तोंका अपमान करते हैं, उनपर कभी भी कृपा नहीं होती। श्रीभगवान् और उनके भक्तोंका चरणाश्रय ही जीवको पार करता है। और सच तो यह है कि…

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जो श्रीभगवान् और उनके भक्तों का अपमान करते हैं, उन पर कभी भी कृपा नहीं होती। (EN)

२१-जो श्रीभगवान् और उनके भक्तोंका अपमान करते हैं, उनपर कभी भी कृपा नहीं होती। श्रीभगवान् और उनके भक्तोंका चरणाश्रय ही जीवको पार करता है। और सच तो यह है कि…

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सबसे ऊँची प्रार्थना यह है ‘भगवन् ! तुम्हारा मंगलमय स्मरण होता रहे, उसमें कभी भूल न हो।’ – दशम माला

सबसे ऊँची प्रार्थना यह है ‘भगवन् ! तुम्हारा मंगलमय स्मरण होता रहे, उसमें कभी भूल न हो।’ १-एक मनुष्य भगवान् से प्रार्थना करता है-‘ भगवन् ! मुझे अमुक वस्तु या…

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सबसे ऊँची प्रार्थना यह है ‘भगवन् ! तुम्हारा मंगलमय स्मरण होता रहे, उसमें कभी भूल न हो।’ – दशम माला (EN)

सबसे ऊँची प्रार्थना यह है ‘भगवन् ! तुम्हारा मंगलमय स्मरण होता रहे, उसमें कभी भूल न हो।’ १-एक मनुष्य भगवान् से प्रार्थना करता है-‘ भगवन् ! मुझे अमुक वस्तु या…

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अभ्यासकी क्रिया और भगवत्प्रेमका भाव बढ़ाने का प्रयत्न साथ-साथ चलते रहें। पहले गुणोंको देखकर ही प्रेम होता है

६३-अभ्यासकी क्रिया और भगवत्प्रेमका भाव बढ़ानेका प्रयत्न साथ-साथ चलते रहें। पहले गुणोंको देखकर ही प्रेम होता है। परन्तु वस्तुतः प्रेम गुणजनित नहीं है और न वह गुणोंके आधारपर टिकता ही…

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अभ्यासकी क्रिया और भगवत्प्रेमका भाव बढ़ाने का प्रयत्न साथ-साथ चलते रहें। पहले गुणोंको देखकर ही प्रेम होता है (EN)

६३-अभ्यासकी क्रिया और भगवत्प्रेमका भाव बढ़ानेका प्रयत्न साथ-साथ चलते रहें। पहले गुणोंको देखकर ही प्रेम होता है। परन्तु वस्तुतः प्रेम गुणजनित नहीं है और न वह गुणोंके आधारपर टिकता ही…

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एकमात्र श्रीकृष्णकी कृपा ही जीव का परम सम्बल है। उनकी कृपा में यदि अनास्था है तो जीव के लिये कोई आश्रय नहीं।

४३-एकमात्र श्रीकृष्णकी कृपा ही जीव का परम सम्बल है। उनकी कृपामें यदि अनास्था है तो जीवके लिये कोई आश्रय नहीं। कृपा-कणिकाको प्राप्त करनेके लिये जीवके पास एक ही उपाय है…

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एकमात्र श्रीकृष्णकी कृपा ही जीव का परम सम्बल है। उनकी कृपा में यदि अनास्था है तो जीव के लिये कोई आश्रय नहीं। (EN)

४३-एकमात्र श्रीकृष्णकी कृपा ही जीव का परम सम्बल है। उनकी कृपामें यदि अनास्था है तो जीवके लिये कोई आश्रय नहीं। कृपा-कणिकाको प्राप्त करनेके लिये जीवके पास एक ही उपाय है…

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सकाम भक्ति भी फल देकर मरती नहीं

२३-सकाम भक्ति भी फल देकर मरती नहीं। भगवान् कहते हैं ‘मद्भक्ता यान्ति मामपि’ – चारों प्रकारके भक्त मुझे प्राप्त हो जाते हैं। भगवद्भक्ति ऐसी चीज है कि उसके बदले हम…

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सकाम भक्ति भी फल देकर मरती नहीं (EN)

२३-सकाम भक्ति भी फल देकर मरती नहीं। भगवान् कहते हैं ‘मद्भक्ता यान्ति मामपि’ – चारों प्रकारके भक्त मुझे प्राप्त हो जाते हैं। भगवद्भक्ति ऐसी चीज है कि उसके बदले हम…

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अपने किये तो कुछ होता नहीं, सब कर्म विपरीत हैं; पर हमारे नाथ हैं करुणावरुणालय, परम दयालु। ऐसा विश्वास बड़े महत्त्वका है-दशम माला

दशम माला १-अपने किये तो कुछ होता नहीं, सब कर्म विपरीत हैं; पर हमारे नाथ हैं करुणावरुणालय, परम दयालु। वे अपनी दयालुतावश स्वयमेव द्रवित हो जायँगे और हमारा कल्याण होगा-…

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अपने किये तो कुछ होता नहीं, सब कर्म विपरीत हैं; पर हमारे नाथ हैं करुणावरुणालय, परम दयालु। ऐसा विश्वास बड़े महत्त्वका है-दशम माला (EN)

दशम माला १-अपने किये तो कुछ होता नहीं, सब कर्म विपरीत हैं; पर हमारे नाथ हैं करुणावरुणालय, परम दयालु। वे अपनी दयालुतावश स्वयमेव द्रवित हो जायँगे और हमारा कल्याण होगा-…

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विपत्तिमें हार तभीतक होती है, जबतक मनुष्य उससे डरता है

७८-विपत्तिका पार पाना क्या है? उसका असर हमपर न हो, विपत्तिमें हम हार न मानें, भय न मानें फिर चाहे स्वरूपतः वह बनी रहे। ७९-विपत्तिमें हार तभीतक होती है, जबतक…

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विपत्तिमें हार तभीतक होती है, जबतक मनुष्य उससे डरता है (EN)

७८-विपत्तिका पार पाना क्या है? उसका असर हमपर न हो, विपत्तिमें हम हार न मानें, भय न मानें फिर चाहे स्वरूपतः वह बनी रहे। ७९-विपत्तिमें हार तभीतक होती है, जबतक…

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ऊपरसे चाहे जैसा वेष रखे, पर भीतर का पता एकान्त में लगता है

45.जिसकी जैसी वृत्ति होती है; उसका वैसा स्वभाव होता है। वृत्ति स्वभावसे होती है और स्वभाव वृत्तिसे पहचाना जाता है। पहचान एकान्तमें होती है। ऊपरसे चाहे जैसा वेष रखे, पर…

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