“वर्तमान में नाम जप करो; भूत और भविष्य की चिंता मत करो”

वर्तमान में नाम-जप करो; भूत और भविष्य की चिंता मत करो – पूज्य श्री हित प्रेमानंद गोविन्द शरण जी महाराज का यह वचन केवल एक सुंदर वाक्य नहीं, बल्कि सम्पूर्ण…

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पत्नी आने के बाद ही खराब प्रारब्ध क्यों शुरू होते हैं Premanand Mahara

प्रारब्ध और पत्नी का संबंध प्रारब्ध किसका: अपना या पत्नी का? प्रारब्ध और समाज प्रतिकूल परिस्थितियाँ और आध्यात्मिक उपाय सुख-दुख की जीवन में स्थायित्व कर्म और प्रारब्ध की समझ दोनों…

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