बैंक के मुकाबले पोस्ट ऑफिस में पैसा जमा करना क्या ज्यादा सेफ है ?

बेसिक फर्क: सुरक्षा की गारंटी

  • पोस्ट ऑफिस: यहां PPF, NSC, MIS, TD, RD जैसी स्कीम्स पर भारत सरकार की सॉवरेन गारंटी होती है, यानी आपके पूरे पैसे (मूलधन + ब्याज) की सीधी जिम्मेदारी सरकार की है, रकम पर कोई ऊपरी सीमा नहीं।
  • बैंक: बैंक डिपॉज़िट पर सुरक्षा DICGC के ज़रिए होती है और यह बीमा प्रति डिपॉज़िटर, प्रति बैंक सिर्फ 5 लाख रुपये तक (मूलधन + ब्याज) ही फुल गारंटी देता है।

कब बैंक ठीक है, कब पोस्ट ऑफिस

  • अगर आपकी एक बैंक में कुल जमा (सेविंग + FD आदि मिलाकर) 5 लाख या उससे कम है, तो DICGC कवर की वजह से वो पूरी तरह सुरक्षित मानी जाती है।hindi.news24online+1
  • अगर आप 5–10 लाख या इससे ज्यादा लंबी अवधि के लिए रखना चाहते हैं, तो पोस्ट ऑफिस की स्कीमें सुरक्षा की दृष्टि से बेहतर हैं क्योंकि वहां पूरी रकम पर सरकार की गारंटी है, कोई लिमिट नहीं।
  • बहुत बड़ी रकम हो तो या तो पोस्ट ऑफिस चुनें, या फिर बैंक डिपॉजिट को 5–5 लाख के हिस्सों में अलग–अलग बैंकों में बांटें, ताकि हर बैंक में आपका पैसा बीमा सीमा के अंदर रहे।

सुरक्षा के साथ बाकी बातें भी देखें

  • पोस्ट ऑफिस की TD/अन्य स्कीम्स में ब्याज दरें अक्सर स्थिर और कई बार बैंक FD से थोड़ा बेहतर रहती हैं, खासकर सरकारी गारंटी के कारण कंजरवेटिव निवेशकों के लिए आकर्षक हैं।
  • बैंक में आपको नेट-बैंकिंग, ATM, UPI, लिक्विडिटी जैसी सुविधाएं ज्यादा मिलती हैं, लेकिन प्राइवेट या कमजोर बैंकों में थ्योरिटिकली रिस्क थोड़ा ज्यादा माना जाता है (हालांकि सरकारी बैंकों में यह रिस्क कम माना जाता है)।

जल्दी समझने के लिए एक छोटा टेबल

पहलूबैंक जमापोस्ट ऑफिस जमा
पहलूबैंक जमापोस्ट ऑफिस जमा
सुरक्षा की गारंटीDICGC बीमा, 5 लाख तक फुल गारंटी भारत सरकार की सॉवरेन गारंटी, कोई लिमिट नहीं
दिवालिया होने का रिस्कप्राइवेट बैंकों में थ्योरिटिकली संभव सरकार का हिस्सा, दिवालिया जोखिम नगण्य
बड़ी रकम (5L से ऊपर)अलग–अलग बैंकों में बांटना बेहतर एक जगह भी रख सकते हैं, पूरी गारंटी
सुविधाएंऑनलाइन, UPI, कार्ड आदि लिमिटेड डिजिटल सुविधाएं, ज्यादा कागज़ी काम

Related Posts

माइक्रोसॉफ्ट का 60 हजार कर्मचारियों को एग्जिट ऑफर: क्या बच्चों को आईटी में करियर बनाने से रोकना चाहिए?

नहीं। माइक्रोसॉफ्ट की इस खबर के बाद माता-पिता को बच्चों के लिए आईटी का रास्ता बंद नहीं करना चाहिए। लेकिन उन्हें उस पुराने भरोसे की समीक्षा जरूर करनी चाहिए कि…

Continue reading
दाँतों का इलाज और आम आदमी: महँगाई से राहत के ठोस उपाय

दाँतों का इलाज भारत में तेज़ी से महँगा हुआ है, लेकिन सही जानकारी, सरकारी योजनाओं और स्मार्ट फ़ाइनेंशियल प्लानिंग से आम आदमी भी इस बोझ से मुक्त हो सकता है।…

Continue reading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

एक पति बताएगा कामकाजी औरत का करवाचौथ 

एक पति बताएगा कामकाजी औरत का करवाचौथ 

बैंक में जमा पैसा भी महफूज नहीं? PNB में करोड़ों गायब होने के आरोप ने उठाया सवाल—कहां रखें जिंदगी भर की कमाई?

बैंक में जमा पैसा भी महफूज नहीं? PNB में करोड़ों गायब होने के आरोप ने उठाया सवाल—कहां रखें जिंदगी भर की कमाई?

माइक्रोसॉफ्ट का 60 हजार कर्मचारियों को एग्जिट ऑफर: क्या बच्चों को आईटी में करियर बनाने से रोकना चाहिए?

माइक्रोसॉफ्ट का 60 हजार कर्मचारियों को एग्जिट ऑफर: क्या बच्चों को आईटी में करियर बनाने से रोकना चाहिए?

E85 और E100 फ्यूल को मंजूरी: सरकार ने क्या बदला, आपकी गाड़ी और जेब पर क्या होगा असर?

E85 और E100 फ्यूल को मंजूरी: सरकार ने क्या बदला, आपकी गाड़ी और जेब पर क्या होगा असर?

सस्ती Trading का महंगा चस्का: F&O में डूबती बचत और Discount Brokers की जवाबदेही

सस्ती Trading का महंगा चस्का: F&O में डूबती बचत और Discount Brokers की जवाबदेही

एसआईआर और मेरा खुद का दिलचस्प अनुभव

एसआईआर और मेरा खुद का दिलचस्प अनुभव