भक्त सुधन्वा
भक्त सुधन्वा चम्पकपुरीके राजा हंसध्वज बड़े ही धर्मात्मा, प्रजापालक, शूरवीर और भगवद्भक्त थे। उनके राज्यकी यह विशेषता थी कि राजकुल तथा प्रजाके सभी पुरुष ‘एकपत्नीव्रत’ का पालन करते थे। जो…
भक्त सुधन्वा चम्पकपुरीके राजा हंसध्वज बड़े ही धर्मात्मा, प्रजापालक, शूरवीर और भगवद्भक्त थे। उनके राज्यकी यह विशेषता थी कि राजकुल तथा प्रजाके सभी पुरुष ‘एकपत्नीव्रत’ का पालन करते थे। जो…
भक्त सुधन्वा चम्पकपुरीके राजा हंसध्वज बड़े ही धर्मात्मा, प्रजापालक, शूरवीर और भगवद्भक्त थे। उनके राज्यकी यह विशेषता थी कि राजकुल तथा प्रजाके सभी पुरुष ‘एकपत्नीव्रत’ का पालन करते थे। जो…
जीवन में क्यों होता है Stress, मूल कारण और बचने का उपाय जीवन में तनाव होने का मूल कारण अज्ञान हैं। अज्ञान मन से हमारे अंदर कामनाएं उत्पन्न होती है…
जीवन में क्यों होता है Stress, मूल कारण और बचने का उपाय जीवन में तनाव होने का मूल कारण अज्ञान हैं। अज्ञान मन से हमारे अंदर कामनाएं उत्पन्न होती है…
मरने से कितनी देर पहले भगवान का नाम लेने से भगवत प्राप्ति हो जाएगी एक भक्त ने पूछा कि अगर मरने से ठीक पहले हमारे मुख से राधा नाम नहीं…
मरने से कितनी देर पहले भगवान का नाम लेने से भगवत प्राप्ति हो जाएगी एक भक्त ने पूछा कि अगर मरने से ठीक पहले हमारे मुख से राधा नाम नहीं…
राधे राधे।। श्वपच भक्त वाल्मीकिजी (भक्तमाल) श्वपच वाल्मीकि नामक एक भगवान्के बड़े भारी भक्त थे, वे अपनी भक्तिको गुप्त ही रखते थे। एक बारकी बात है, धर्मपुत्र राजा युधिष्ठिरने बड़ा…
राधे राधे।। श्वपच भक्त वाल्मीकिजी (भक्तमाल) श्वपच वाल्मीकि नामक एक भगवान्के बड़े भारी भक्त थे, वे अपनी भक्तिको गुप्त ही रखते थे। एक बारकी बात है, धर्मपुत्र राजा युधिष्ठिरने बड़ा…
राधे राधे। महर्षि वाल्मीकि (भक्तमाल) श्रीरामकथाका गुणगान करनेवाले महर्षि वाल्मीकिजीका पावन चरित संक्षेपमें इस प्रकार है- राम त्वन्नाममहिमा वर्ण्यते केन वा कथम् । यत्प्रभावादहं राम ब्रह्मर्षित्वमवाप्तवान् ।। * * हे…
राधे राधे। महर्षि वाल्मीकि (भक्तमाल) श्रीरामकथाका गुणगान करनेवाले महर्षि वाल्मीकिजीका पावन चरित संक्षेपमें इस प्रकार है- राम त्वन्नाममहिमा वर्ण्यते केन वा कथम् । यत्प्रभावादहं राम ब्रह्मर्षित्वमवाप्तवान् ।। * * हे…
श्री अम्बरीषजी वैवस्वत मनुके प्रपौत्र तथा राजर्षि नाभागके पुत्र महाराज अम्बरीषजी सप्तद्वीपवती सम्पूर्ण पृथ्वीके स्वामी थे और उनके ऐश्वर्यकी संसारमें कोई तुलना न थी। कोई दरिद्र मनुष्य भोगोंके अभावमें वैराग्यवान्…
श्री अम्बरीषजी वैवस्वत मनुके प्रपौत्र तथा राजर्षि नाभागके पुत्र महाराज अम्बरीषजी सप्तद्वीपवती सम्पूर्ण पृथ्वीके स्वामी थे और उनके ऐश्वर्यकी संसारमें कोई तुलना न थी। कोई दरिद्र मनुष्य भोगोंके अभावमें वैराग्यवान्…
राधे राधे। जड़भरतजी (भक्तमाल) प्राचीनकालमें भरत नामके एक महान् प्रतापी एवं भगवद्भक्त राजा हो गये हैं, जिनके नामसे यह देश ‘भारतवर्ष’ कहलाता है। अन्त समयमें उनकी एक मृगशावकमें आसक्ति हो…
राधे राधे। जड़भरतजी (भक्तमाल) प्राचीनकालमें भरत नामके एक महान् प्रतापी एवं भगवद्भक्त राजा हो गये हैं, जिनके नामसे यह देश ‘भारतवर्ष’ कहलाता है। अन्त समयमें उनकी एक मृगशावकमें आसक्ति हो…
श्री चित्रकेतुजी (भक्तमाल) शूरसेन देशमें प्राचीन समयमें चित्रकेतु नामके एक राजा थे। बुद्धि, विद्या, बल, धन, यश, सौन्दर्य, स्वास्थ्य आदि सब था उनके पास। उनमें उदारता, दया, क्षमा, प्रजावात्सल्य आदि…
श्री चित्रकेतुजी (भक्तमाल) शूरसेन देशमें प्राचीन समयमें चित्रकेतु नामके एक राजा थे। बुद्धि, विद्या, बल, धन, यश, सौन्दर्य, स्वास्थ्य आदि सब था उनके पास। उनमें उदारता, दया, क्षमा, प्रजावात्सल्य आदि…
प्रश्न- आजकल मँहगाई के जमाने में स्त्री भी नौकरी करे तो क्या हर्ज है? उत्तर – स्त्रीका हृदय कोमल होता है, अतः वह नौकरी का कष्ट, ताड़ना, तिरस्कार आदि नहीं…
प्रश्न- आजकल मँहगाई के जमाने में स्त्री भी नौकरी करे तो क्या हर्ज है? उत्तर – स्त्रीका हृदय कोमल होता है, अतः वह नौकरी का कष्ट, ताड़ना, तिरस्कार आदि नहीं…
प्रश्न- आजकल स्त्री को पुरुष के समान अधिकार देने की बात कही जाती है, क्या यह ठीक है ? उत्तर-यह ठीक नहीं है. वास्तव में स्त्री का समान अधिकार नहीं…
प्रश्न- आजकल स्त्री को पुरुष के समान अधिकार देने की बात कही जाती है, क्या यह ठीक है ? उत्तर-यह ठीक नहीं है. वास्तव में स्त्री का समान अधिकार नहीं…
सबसे पहले बच्चों का डेली रूटीन (दिनचर्या) बदले सबसे पहले हमारी दृष्टि बच्चों की दिनचर्या पर होनी चाहिए. चाहे साधक हो या विद्यार्थी हो जिसकी दिनचर्या ठीक नहीं है उसका…
सबसे पहले बच्चों का डेली रूटीन (दिनचर्या) बदले सबसे पहले हमारी दृष्टि बच्चों की दिनचर्या पर होनी चाहिए. चाहे साधक हो या विद्यार्थी हो जिसकी दिनचर्या ठीक नहीं है उसका…
प्रश्न- यदि युवा स्त्री विधवा हो जाय तो उसको क्या करना चाहिये ? उत्तर – जीवित अवस्था में पति जिन बातों को अच्छा मानते थे और जो बातें उनके अनुकूल…
प्रश्न- यदि युवा स्त्री विधवा हो जाय तो उसको क्या करना चाहिये ? उत्तर – जीवित अवस्था में पति जिन बातों को अच्छा मानते थे और जो बातें उनके अनुकूल…
जानिये कैसे इच्छा नहीं करके और चुप रहकर भगवान् मिलेंगे, श्रद्धेय स्वामी श्रीरामसुखदासजी के मुख से राम राम अन्तिम प्रवचन * (ब्रह्मलीन श्रद्धेय स्वामी श्रीरामसुखदासजी महाराज के ३ जुलाई, २००५…
जानिये कैसे इच्छा नहीं करके और चुप रहकर भगवान् मिलेंगे, श्रद्धेय स्वामी श्रीरामसुखदासजी के मुख से राम राम अन्तिम प्रवचन * (ब्रह्मलीन श्रद्धेय स्वामी श्रीरामसुखदासजी महाराज के ३ जुलाई, २००५…
प्रश्न- स्त्री पुनर्विवाह क्यों नहीं कर सकती ? उत्तर-माता-पिता ने कन्यादान कर दिया तो अब उसक कन्या संज्ञा ही नहीं रही; अतः उसका पुनः दान कैसे हो सकता अत: अब…
प्रश्न- स्त्री पुनर्विवाह क्यों नहीं कर सकती ? उत्तर-माता-पिता ने कन्यादान कर दिया तो अब उसक कन्या संज्ञा ही नहीं रही; अतः उसका पुनः दान कैसे हो सकता अत: अब…
प्रश्न – पहले राजालोग अनेक विवाह करते थे तो क्या ऐसा करना उचित था ? उत्तर- जो राजालोग अपने सुखभोग के लिए अधिक विवाह करते थे, वे आदर्श नहीं माने…
प्रश्न – पहले राजालोग अनेक विवाह करते थे तो क्या ऐसा करना उचित था ? उत्तर- जो राजालोग अपने सुखभोग के लिए अधिक विवाह करते थे, वे आदर्श नहीं माने…
प्रश्न-पुरुष दूसरा विवाह कर सकता है या नहीं ? उत्तर- अगर पहली स्त्री से सन्तान न हुई हो तो पितृऋण से मुक्त होनेके लिये, केवल सन्तान-उत्पत्ति के लिये पुरुष शास्त्र…
प्रश्न-पुरुष दूसरा विवाह कर सकता है या नहीं ? उत्तर- अगर पहली स्त्री से सन्तान न हुई हो तो पितृऋण से मुक्त होनेके लिये, केवल सन्तान-उत्पत्ति के लिये पुरुष शास्त्र…
अगर पति त्याग कर दे तो स्त्री को क्या करना चाहिए ? उत्तर – वह अपने पिता के घर रहे। पिता के घर पर रहना न हो सके तो ससुराल…
अगर पति त्याग कर दे तो स्त्री को क्या करना चाहिए ? उत्तर – वह अपने पिता के घर रहे। पिता के घर पर रहना न हो सके तो ससुराल…
अगर पति मांस-मदिरा आदि का सेवन करता हो तो पत्नी को क्या करना चाहिये ? पति मार-पीट करे, दुःख दे तो पत्नी को क्या करना चाहिये ? अगर पीहरवाले भी…
अगर पति मांस-मदिरा आदि का सेवन करता हो तो पत्नी को क्या करना चाहिये ? पति मार-पीट करे, दुःख दे तो पत्नी को क्या करना चाहिये ? अगर पीहरवाले भी…
प्रश्न- अगर पति पत्नीको व्यभिचारके लिये प्रेरित करे तो पत्नीको क्या करना चाहिये ? उत्तर – पति को यह अधिकार नहीं है कि वह अपनी स्त्री दूसरों को दे; क्योंकि…
प्रश्न- अगर पति पत्नीको व्यभिचारके लिये प्रेरित करे तो पत्नीको क्या करना चाहिये ? उत्तर – पति को यह अधिकार नहीं है कि वह अपनी स्त्री दूसरों को दे; क्योंकि…
प्रश्न- पति दुश्चरित्र हो तो पत्नी को क्या करना चाहिये ? उत्तर-पत्नी को दुश्चरित्र पति का त्याग नहीं करना चाहिये, प्रत्युत अपने पातिव्रतधर्मका पालन करते हुए उसको समझाना चाहिये। जैसे,…
प्रश्न- पति दुश्चरित्र हो तो पत्नी को क्या करना चाहिये ? उत्तर-पत्नी को दुश्चरित्र पति का त्याग नहीं करना चाहिये, प्रत्युत अपने पातिव्रतधर्मका पालन करते हुए उसको समझाना चाहिये। जैसे,…
प्रश्न-पत्नी अपनी इच्छा से कहीं चली जाय और फिर लौट आये तो क्या करना चाहिये ? उत्तर- उसको अपनी पत्नी नहीं मानना चाहिये, उसके साथ पत्नी-जैसा व्यवहार नहीं करना चाहिये।…
प्रश्न-पत्नी अपनी इच्छा से कहीं चली जाय और फिर लौट आये तो क्या करना चाहिये ? उत्तर- उसको अपनी पत्नी नहीं मानना चाहिये, उसके साथ पत्नी-जैसा व्यवहार नहीं करना चाहिये।…
प्रश्न- जिसकी स्त्री को विधर्मी ले गये, उस पुरुष का क्या कर्तव्य है? उत्तर- पुरुष में उसको छुड़ाकर लाने की सामर्थ्य हो और वह प्रसन्नता से आना चाहे तो उसको…
प्रश्न- जिसकी स्त्री को विधर्मी ले गये, उस पुरुष का क्या कर्तव्य है? उत्तर- पुरुष में उसको छुड़ाकर लाने की सामर्थ्य हो और वह प्रसन्नता से आना चाहे तो उसको…
प्रश्न- विधर्मी लोग किसी स्त्रीका अपहरण करके ले जायें तो उस स्त्री को क्या करना चाहिये ? उत्तर-उसको जहाँ तक बने, वहाँ से छूटनेका प्रयास करना चाहिये और मौका लगनेपर…
प्रश्न- विधर्मी लोग किसी स्त्रीका अपहरण करके ले जायें तो उस स्त्री को क्या करना चाहिये ? उत्तर-उसको जहाँ तक बने, वहाँ से छूटनेका प्रयास करना चाहिये और मौका लगनेपर…
प्रश्न-पति का आधा पुण्य पत्नी को और पत्नी का आधा पाप पति को मिलता है-ऐसा क्यों? उत्तर – पत्नी ने अपने माता-पिता, भाई-भौजाई आदि सबका, घरभरका त्याग किया है और…
प्रश्न-पति का आधा पुण्य पत्नी को और पत्नी का आधा पाप पति को मिलता है-ऐसा क्यों? उत्तर – पत्नी ने अपने माता-पिता, भाई-भौजाई आदि सबका, घरभरका त्याग किया है और…
प्रश्न- अगर पत्नी दुश्चरित्रा, व्यभिचारिणी हो तो उसका त्याग करना चाहिये या नहीं? उत्तर- आजकल के जमानेमें जहाँ तक बने, उस पत्नी का त्याग नहीं करना चाहिये। अपनी सामर्थ्य के…
प्रश्न- अगर पत्नी दुश्चरित्रा, व्यभिचारिणी हो तो उसका त्याग करना चाहिये या नहीं? उत्तर- आजकल के जमानेमें जहाँ तक बने, उस पत्नी का त्याग नहीं करना चाहिये। अपनी सामर्थ्य के…
प्रश्न-क्या पति पत्नी का त्याग कर सकता है? उत्तर-पत्नी अच्छी है, सुशील है, पर रंग की काली है, मेरे साथ उसकी नहीं बनती, कभी माँ का कहना नहीं मानती और…
प्रश्न-क्या पति पत्नी का त्याग कर सकता है? उत्तर-पत्नी अच्छी है, सुशील है, पर रंग की काली है, मेरे साथ उसकी नहीं बनती, कभी माँ का कहना नहीं मानती और…
प्रश्न- पतिव्रता के भाव और आचरण कैसे होते हैं? पतिव्रताकी पहचान क्या है? क्या वर्तमान समय में पातिव्रत धर्म का पालन हो सकता है? उत्तर- उसमें धार्मिक भावोंकी प्रबलता होती…
प्रश्न- पतिव्रता के भाव और आचरण कैसे होते हैं? पतिव्रताकी पहचान क्या है? क्या वर्तमान समय में पातिव्रत धर्म का पालन हो सकता है? उत्तर- उसमें धार्मिक भावोंकी प्रबलता होती…
प्रश्न- सतीप्रथा उचित है या अनुचित ? उत्तर-सती होना ‘प्रथा’ है ही नहीं। पतिके साथ जल जाना सती होना नहीं है। जिसके मनमें सत् आ जाता है, उत्साह आ जाता…
प्रश्न- सतीप्रथा उचित है या अनुचित ? उत्तर-सती होना ‘प्रथा’ है ही नहीं। पतिके साथ जल जाना सती होना नहीं है। जिसके मनमें सत् आ जाता है, उत्साह आ जाता…
गाय का दूध पीना चाहिए या भैंस का ? ऐसे ही दूधका भी असर प्राणियोंपर पड़ता है । एक बार किसीने परीक्षाके लिये कुछ घोड़ोंको भैंसका दूध और कुछ घोड़ोंको…
गाय का दूध पीना चाहिए या भैंस का ? ऐसे ही दूधका भी असर प्राणियोंपर पड़ता है । एक बार किसीने परीक्षाके लिये कुछ घोड़ोंको भैंसका दूध और कुछ घोड़ोंको…
प्रश्न – पतिव्रता, साध्वी और सती किसे कहते हैं? उत्तर-यद्यपि शब्दकोशके अनुसार पतिव्रता, साध्वी सती-तीनों नाम एक ही अर्थ में हैं, तथापि तीनों में भेद किया जाय तो पति के…
प्रश्न – पतिव्रता, साध्वी और सती किसे कहते हैं? उत्तर-यद्यपि शब्दकोशके अनुसार पतिव्रता, साध्वी सती-तीनों नाम एक ही अर्थ में हैं, तथापि तीनों में भेद किया जाय तो पति के…
प्रश्न-क्या स्त्री को साधु-संन्यासी बनना उचित है? उत्तर-पुरुष को तो यह अधिकार है कि उसको संसार से वैराग्य हो जाय तो वह घर आदि का त्याग करके, विरक्त होकर भजन-स्मरण…
प्रश्न-क्या स्त्री को साधु-संन्यासी बनना उचित है? उत्तर-पुरुष को तो यह अधिकार है कि उसको संसार से वैराग्य हो जाय तो वह घर आदि का त्याग करके, विरक्त होकर भजन-स्मरण…
प्रश्न- कन्या विवाह न करके साधन-भजन में ही जीवन बिताना चाहे तो क्या यह ठीक है? उत्तर-कन्याके लिये विवाह न करना उचित नहीं है; क्यों वह स्वतन्त्र रहकर अपना जीवन-निर्वाह…
प्रश्न- कन्या विवाह न करके साधन-भजन में ही जीवन बिताना चाहे तो क्या यह ठीक है? उत्तर-कन्याके लिये विवाह न करना उचित नहीं है; क्यों वह स्वतन्त्र रहकर अपना जीवन-निर्वाह…
क्यों रोजाना सुबह गंगाजलका चरणामृत लेना चाहिये परमात्माके सिवाय दूसरी कोई चीज हमारी थी नहीं, है नहीं, होगी नहीं, हो सकती नहीं । वह परमात्मा सब जगह है‒यह बात दिनमें…
क्यों रोजाना सुबह गंगाजलका चरणामृत लेना चाहिये परमात्माके सिवाय दूसरी कोई चीज हमारी थी नहीं, है नहीं, होगी नहीं, हो सकती नहीं । वह परमात्मा सब जगह है‒यह बात दिनमें…
यह काम करो, ऐशो आराम, मान सत्कार बड़ाई मुफ्त में मिलेगी घरों में बहनें, माताएँ, भाई, बच्चे, छोटे-बड़े सब काम करते हैं; परंतु बड़ी भारी भूल होती है यह कि…
यह काम करो, ऐशो आराम, मान सत्कार बड़ाई मुफ्त में मिलेगी घरों में बहनें, माताएँ, भाई, बच्चे, छोटे-बड़े सब काम करते हैं; परंतु बड़ी भारी भूल होती है यह कि…
प्रश्न-क्या कन्या स्वयंवर कर सकती है? उत्तर- शास्त्रों में स्वयंवर की बात आती है, परन्तु जिन्होंने स्वयंवर किया है, उन्होंने कष्ट ही उठाया है। सीता, द्रौपदी, दमयन्ती आदिने स्वयंवर किया…
प्रश्न-क्या कन्या स्वयंवर कर सकती है? उत्तर- शास्त्रों में स्वयंवर की बात आती है, परन्तु जिन्होंने स्वयंवर किया है, उन्होंने कष्ट ही उठाया है। सीता, द्रौपदी, दमयन्ती आदिने स्वयंवर किया…
प्रश्न-माँ-बापका कोई सहारा न रहे तो ऐसी अवस्थामें विवाहित पुत्री माँ-बापका पालन कर सकती है या नहीं ? उत्तर- वह असहाय माँ-बापकी सेवा कर सकती है। यदि विवाहित पुत्रीकी सन्तान…
प्रश्न-माँ-बापका कोई सहारा न रहे तो ऐसी अवस्थामें विवाहित पुत्री माँ-बापका पालन कर सकती है या नहीं ? उत्तर- वह असहाय माँ-बापकी सेवा कर सकती है। यदि विवाहित पुत्रीकी सन्तान…
प्रश्न-पुत्री (कन्या) तो पतिके घर चली जाती है, तो फिर वह माँ-बाप की सेवा कैसे कर सकती है और सेवा किये बिना माँ-बापका ऋण माफ कैसे हो सकता है? उत्तर-जैसे,…
प्रश्न-पुत्री (कन्या) तो पतिके घर चली जाती है, तो फिर वह माँ-बाप की सेवा कैसे कर सकती है और सेवा किये बिना माँ-बापका ऋण माफ कैसे हो सकता है? उत्तर-जैसे,…
प्रश्न- अगर घरमें माँका कोई न रहा हो तो उस अवस्थामें साधु-संन्यासी बना हे अधिकार नहीं है लड़का माँका पालन कर सकता है या नहीं ? उत्तर- माँका कोई आधार…
प्रश्न- अगर घरमें माँका कोई न रहा हो तो उस अवस्थामें साधु-संन्यासी बना हे अधिकार नहीं है लड़का माँका पालन कर सकता है या नहीं ? उत्तर- माँका कोई आधार…
प्रश्न- अगर कोई साधु-संन्यासी बनकर रुपये इकट्ठा करता है और माता-पिता, स्त्री-पुत्रोंको रुपये भेजता है, उनका पालन-पोषण करता है तो क्या उसको दोष लगेगा ? उत्तर- जो साधु-संन्यासी बनकर माँ-बाप…
प्रश्न- अगर कोई साधु-संन्यासी बनकर रुपये इकट्ठा करता है और माता-पिता, स्त्री-पुत्रोंको रुपये भेजता है, उनका पालन-पोषण करता है तो क्या उसको दोष लगेगा ? उत्तर- जो साधु-संन्यासी बनकर माँ-बाप…
प्रश्न-दो-चार लड़के हों और उनमें से कोई साधु-संन्यासी बन जाय तो कोई बात नहीं, पर किसीका एक ही लड़का हो, वह साधु-संन्यासी बन जाय तो उसके माता-पिता किसके सहारे जियें…
प्रश्न-दो-चार लड़के हों और उनमें से कोई साधु-संन्यासी बन जाय तो कोई बात नहीं, पर किसीका एक ही लड़का हो, वह साधु-संन्यासी बन जाय तो उसके माता-पिता किसके सहारे जियें…
प्रश्न- जब माता-पिताकी सेवा का इतना माहात्म्य है तो उनकी सेवाको छोड़कर मनुष्य साधु-संन्यासी क्यों हो जाते हैं। उत्तर- जैसे कोई मर जाता है तो वह माता-पिताकी सेवकह छोड़कर ही…
प्रश्न- जब माता-पिताकी सेवा का इतना माहात्म्य है तो उनकी सेवाको छोड़कर मनुष्य साधु-संन्यासी क्यों हो जाते हैं। उत्तर- जैसे कोई मर जाता है तो वह माता-पिताकी सेवकह छोड़कर ही…
प्रश्न- माता-पिताकी सेवा से क्या लाभ है? उत्तर- माता-पिताकी सेवासे लोक-परलोक दोनों सुधरते हैं, भगवान् प्रसन्न होते हैं। जो माता-पिताकी सेवा नहीं करते, उनपर भगवान् विश्वास नहीं करते कि यह…
प्रश्न- माता-पिताकी सेवा से क्या लाभ है? उत्तर- माता-पिताकी सेवासे लोक-परलोक दोनों सुधरते हैं, भगवान् प्रसन्न होते हैं। जो माता-पिताकी सेवा नहीं करते, उनपर भगवान् विश्वास नहीं करते कि यह…
प्रश्न- माता का दर्जा ऊँचा है या पिताका ? और ऊँचा होने में क्या कारण है? उत्तर- ऊँचा दर्जा माँका ही है। माँका दर्जा पितासे सौ गुरु अधिक बताया गया…
प्रश्न- माता का दर्जा ऊँचा है या पिताका ? और ऊँचा होने में क्या कारण है? उत्तर- ऊँचा दर्जा माँका ही है। माँका दर्जा पितासे सौ गुरु अधिक बताया गया…
प्रश्न – गोस्वामी तुलसीदासजीने कहा है- जाके प्रिय न राम-बैदेही। तजिये ताहि कोटि बैरी सम, जद्यपि परम सनेही ।। तज्यो पिता प्रह्लाद, बिभीषन बंधु, भरत महतारी। बलि गुरु तज्यो, कंत…
प्रश्न – गोस्वामी तुलसीदासजीने कहा है- जाके प्रिय न राम-बैदेही। तजिये ताहि कोटि बैरी सम, जद्यपि परम सनेही ।। तज्यो पिता प्रह्लाद, बिभीषन बंधु, भरत महतारी। बलि गुरु तज्यो, कंत…
प्रश्न- माता-पिता अनुचित, निषिद्ध कर्म करनेकी आज्ञा दें तो पुत्रको क्या करना चाहिये ? उत्तर – अनुचित आज्ञा दो तरह की होती है- (१) ‘अमुक को मार दो’ आदि दूसरोंका…
प्रश्न- माता-पिता अनुचित, निषिद्ध कर्म करनेकी आज्ञा दें तो पुत्रको क्या करना चाहिये ? उत्तर – अनुचित आज्ञा दो तरह की होती है- (१) ‘अमुक को मार दो’ आदि दूसरोंका…
प्रश्न – अगर माता-पिता पुत्र के साथ कठोरता का बर्ताव करें; पक्षपात करें तो उस पुत्रको क्या करना चाहिये ? उत्तर-उस पुत्रको माँ-बापका कर्तव्य नहीं देखना चाहिये उसको तो अपना…
प्रश्न – अगर माता-पिता पुत्र के साथ कठोरता का बर्ताव करें; पक्षपात करें तो उस पुत्रको क्या करना चाहिये ? उत्तर-उस पुत्रको माँ-बापका कर्तव्य नहीं देखना चाहिये उसको तो अपना…
प्रश्न – माता-पिता ने बचपनमें ही बच्चोंको अच्छी शिक्षा नहीं दी; अतः पुत्र माता-पिताकी सेवा नहीं करते तो इसमें पुत्रों का क्या दोष ? उत्तर-माता-पिताके द्वारा अच्छी शिक्षा नहीं दी…
प्रश्न – माता-पिता ने बचपनमें ही बच्चोंको अच्छी शिक्षा नहीं दी; अतः पुत्र माता-पिताकी सेवा नहीं करते तो इसमें पुत्रों का क्या दोष ? उत्तर-माता-पिताके द्वारा अच्छी शिक्षा नहीं दी…
प्रश्न- कहा गया है कि यह शरीर हमारे कर्मोंसे, भाग्य से मिला है- ‘बड़े भाग मानुष तनु पावा’; और भगवान्ने विशेष कृपा करके मनुष्य-शरीर दिया है- ‘कबहुँक देही। देत ईस…
प्रश्न- कहा गया है कि यह शरीर हमारे कर्मोंसे, भाग्य से मिला है- ‘बड़े भाग मानुष तनु पावा’; और भगवान्ने विशेष कृपा करके मनुष्य-शरीर दिया है- ‘कबहुँक देही। देत ईस…
प्रश्न- मनुष्य माता-पिताकी सेवाको भगवत्प्राप्तिका साधन मानता है, साध्य नहीं मानता। अगर वह माता-पिताकी सेवा को ही साध्य मानेगा, अपने प्राणों का आधार मानेगा तो उसका माता-पिता के चरणों में…
प्रश्न- मनुष्य माता-पिताकी सेवाको भगवत्प्राप्तिका साधन मानता है, साध्य नहीं मानता। अगर वह माता-पिताकी सेवा को ही साध्य मानेगा, अपने प्राणों का आधार मानेगा तो उसका माता-पिता के चरणों में…
प्रश्न- माता-पिता ने हमें जन्म देकर संसार-बन्धन में डाल दिया, आफत में डाल दिया; फिर हमारे पर उनका ऋण कैसे ? उत्तर- यह बात बिलकुल गलत है। माता-पिताने तो मनुष्य-शरीर…
प्रश्न- माता-पिता ने हमें जन्म देकर संसार-बन्धन में डाल दिया, आफत में डाल दिया; फिर हमारे पर उनका ऋण कैसे ? उत्तर- यह बात बिलकुल गलत है। माता-पिताने तो मनुष्य-शरीर…