गुरुदेव की इच्छा को अपनी इच्छा बना लेना ही दीक्षा है

गुरुदेव की इच्छा को अपनी इच्छा बना लेना ही दीक्षा है – यह वाक्य श्री हित प्रेमानंद गोविन्द शरण जी महाराज की सम्पूर्ण गुरु‑तत्त्व दृष्टि का सार है। दीक्षा का…

Continue reading
“वर्तमान में नाम जप करो; भूत और भविष्य की चिंता मत करो”

वर्तमान में नाम-जप करो; भूत और भविष्य की चिंता मत करो – पूज्य श्री हित प्रेमानंद गोविन्द शरण जी महाराज का यह वचन केवल एक सुंदर वाक्य नहीं, बल्कि सम्पूर्ण…

Continue reading
भगवान के भजन को कल के लिए टालना, प्रमाद की स्थिति है

मनुष्य जीवन अनमोल है, लेकिन हममें से अधिकांश इसे यूँ ही रोज़मर्रा की भागदौड़, चिंताओं और व्यर्थ के मनोरंजनों में गँवा देते हैं। जब बात भगवान के भजन, नाम-स्मरण और…

Continue reading

You Missed

क्या पीएम मोदी की सलाह पर अमल करेंगे लोग? बिना आध्यात्मिक संयम के कैसे संभव है यह बदलाव
11 करोड़ क्रिप्टो में, सिर्फ 5 करोड़ म्यूच्यूअल फण्ड में, क्या  भारत जुआ खेल रहा है?
इतनी समस्याओं के बावजूद बीजेपी क्यों जीतती रहती है? एक ज़मीनी विश्लेषण
बैंक के मुकाबले पोस्ट ऑफिस में पैसा जमा करना क्या ज्यादा सेफ है ?
शराब : थोड़ी” से शुरू हुआ शौक कब “रोज़ाना” और फिर “लत” में बदल गया Gen Z को पता ही नहीं चल रहा
कहीं आप एक्स्ट्रा‑मैरिटल अफेयर तो नहीं कर रहे ?