आजकल स्त्री को पुरुष के समान अधिकार देने की बात कही जाती है, क्या यह ठीक है ? (EN)

प्रश्न- आजकल स्त्री को पुरुष के समान अधिकार देने की बात कही जाती है, क्या यह ठीक है ? उत्तर-यह ठीक नहीं है. वास्तव में स्त्री का समान अधिकार नहीं…

Continue reading
महाराज जी ने बताया, आपका बच्चा कैसे बनेगा टॉपर

सबसे पहले बच्चों का डेली रूटीन (दिनचर्या) बदले सबसे पहले हमारी दृष्टि बच्चों की दिनचर्या पर होनी चाहिए. चाहे साधक हो या विद्यार्थी हो जिसकी दिनचर्या ठीक नहीं है उसका…

Continue reading
महाराज जी ने बताया, आपका बच्चा कैसे बनेगा टॉपर (EN)

सबसे पहले बच्चों का डेली रूटीन (दिनचर्या) बदले सबसे पहले हमारी दृष्टि बच्चों की दिनचर्या पर होनी चाहिए. चाहे साधक हो या विद्यार्थी हो जिसकी दिनचर्या ठीक नहीं है उसका…

Continue reading
यदि युवा स्त्री विधवा हो जाय तो उसको क्या करना चाहिये ?

प्रश्न- यदि युवा स्त्री विधवा हो जाय तो उसको क्या करना चाहिये ? उत्तर – जीवित अवस्था में पति जिन बातों को अच्छा मानते थे और जो बातें उनके अनुकूल…

Continue reading
यदि युवा स्त्री विधवा हो जाय तो उसको क्या करना चाहिये ? (EN)

प्रश्न- यदि युवा स्त्री विधवा हो जाय तो उसको क्या करना चाहिये ? उत्तर – जीवित अवस्था में पति जिन बातों को अच्छा मानते थे और जो बातें उनके अनुकूल…

Continue reading
जानिये कैसे इच्छा नहीं करके और चुप रहकर भगवान् मिलेंगे, श्रद्धेय स्वामी श्रीरामसुखदासजी के मुख से

जानिये कैसे इच्छा नहीं करके और चुप रहकर भगवान् मिलेंगे, श्रद्धेय स्वामी श्रीरामसुखदासजी के मुख से राम राम अन्तिम प्रवचन * (ब्रह्मलीन श्रद्धेय स्वामी श्रीरामसुखदासजी महाराज के ३ जुलाई, २००५…

Continue reading
जानिये कैसे इच्छा नहीं करके और चुप रहकर भगवान् मिलेंगे, श्रद्धेय स्वामी श्रीरामसुखदासजी के मुख से (EN)

जानिये कैसे इच्छा नहीं करके और चुप रहकर भगवान् मिलेंगे, श्रद्धेय स्वामी श्रीरामसुखदासजी के मुख से राम राम अन्तिम प्रवचन * (ब्रह्मलीन श्रद्धेय स्वामी श्रीरामसुखदासजी महाराज के ३ जुलाई, २००५…

Continue reading
स्त्री पुनर्विवाह क्यों नहीं कर सकती ?

प्रश्न- स्त्री पुनर्विवाह क्यों नहीं कर सकती ? उत्तर-माता-पिता ने कन्यादान कर दिया तो अब उसक कन्या संज्ञा ही नहीं रही; अतः उसका पुनः दान कैसे हो सकता अत: अब…

Continue reading
स्त्री पुनर्विवाह क्यों नहीं कर सकती ? (EN)

प्रश्न- स्त्री पुनर्विवाह क्यों नहीं कर सकती ? उत्तर-माता-पिता ने कन्यादान कर दिया तो अब उसक कन्या संज्ञा ही नहीं रही; अतः उसका पुनः दान कैसे हो सकता अत: अब…

Continue reading
पहले राजा लोग अनेक विवाह करते थे तो क्या ऐसा करना उचित था ?

प्रश्न – पहले राजालोग अनेक विवाह करते थे तो क्या ऐसा करना उचित था ? उत्तर- जो राजालोग अपने सुखभोग के लिए अधिक विवाह करते थे, वे आदर्श नहीं माने…

Continue reading
पहले राजा लोग अनेक विवाह करते थे तो क्या ऐसा करना उचित था ? (EN)

प्रश्न – पहले राजालोग अनेक विवाह करते थे तो क्या ऐसा करना उचित था ? उत्तर- जो राजालोग अपने सुखभोग के लिए अधिक विवाह करते थे, वे आदर्श नहीं माने…

Continue reading
पुरुष दूसरा विवाह कर सकता है या नहीं ?

प्रश्न-पुरुष दूसरा विवाह कर सकता है या नहीं ? उत्तर- अगर पहली स्त्री से सन्तान न हुई हो तो पितृऋण से मुक्त होनेके लिये, केवल सन्तान-उत्पत्ति के लिये पुरुष शास्त्र…

Continue reading
पुरुष दूसरा विवाह कर सकता है या नहीं ? (EN)

प्रश्न-पुरुष दूसरा विवाह कर सकता है या नहीं ? उत्तर- अगर पहली स्त्री से सन्तान न हुई हो तो पितृऋण से मुक्त होनेके लिये, केवल सन्तान-उत्पत्ति के लिये पुरुष शास्त्र…

Continue reading
अगर पति मांस-मदिरा आदि का सेवन करता हो तो पत्नी को क्या करना चाहिये ? पति मार-पीट करे, दुःख दे तो पत्नी को क्या करना चाहिये ? अगर पीहरवाले भी उसको अपने घर न ले जाये, तो वह क्या करे ?

अगर पति मांस-मदिरा आदि का सेवन करता हो तो पत्नी को क्या करना चाहिये ? पति मार-पीट करे, दुःख दे तो पत्नी को क्या करना चाहिये ? अगर पीहरवाले भी…

Continue reading
अगर पति मांस-मदिरा आदि का सेवन करता हो तो पत्नी को क्या करना चाहिये ? पति मार-पीट करे, दुःख दे तो पत्नी को क्या करना चाहिये ? अगर पीहरवाले भी उसको अपने घर न ले जाये, तो वह क्या करे ? (EN)

अगर पति मांस-मदिरा आदि का सेवन करता हो तो पत्नी को क्या करना चाहिये ? पति मार-पीट करे, दुःख दे तो पत्नी को क्या करना चाहिये ? अगर पीहरवाले भी…

Continue reading
अगर पति पत्नी को व्यभिचार के लिये प्रेरित करे तो पत्नी को क्या करना चाहिये ?

प्रश्न- अगर पति पत्नीको व्यभिचारके लिये प्रेरित करे तो पत्नीको क्या करना चाहिये ? उत्तर – पति को यह अधिकार नहीं है कि वह अपनी स्त्री दूसरों को दे; क्योंकि…

Continue reading
अगर पति पत्नी को व्यभिचार के लिये प्रेरित करे तो पत्नी को क्या करना चाहिये ? (EN)

प्रश्न- अगर पति पत्नीको व्यभिचारके लिये प्रेरित करे तो पत्नीको क्या करना चाहिये ? उत्तर – पति को यह अधिकार नहीं है कि वह अपनी स्त्री दूसरों को दे; क्योंकि…

Continue reading
पति दुश्चरित्र हो तो पत्नी को क्या करना चाहिये ?

प्रश्न- पति दुश्चरित्र हो तो पत्नी को क्या करना चाहिये ? उत्तर-पत्नी को दुश्चरित्र पति का त्याग नहीं करना चाहिये, प्रत्युत अपने पातिव्रतधर्मका पालन करते हुए उसको समझाना चाहिये। जैसे,…

Continue reading
पति दुश्चरित्र हो तो पत्नी को क्या करना चाहिये ? (EN)

प्रश्न- पति दुश्चरित्र हो तो पत्नी को क्या करना चाहिये ? उत्तर-पत्नी को दुश्चरित्र पति का त्याग नहीं करना चाहिये, प्रत्युत अपने पातिव्रतधर्मका पालन करते हुए उसको समझाना चाहिये। जैसे,…

Continue reading
पत्नी अपनी इच्छा से कहीं चली जाय और फिर लौट आये तो क्या करना चाहिये ?

प्रश्न-पत्नी अपनी इच्छा से कहीं चली जाय और फिर लौट आये तो क्या करना चाहिये ? उत्तर- उसको अपनी पत्नी नहीं मानना चाहिये, उसके साथ पत्नी-जैसा व्यवहार नहीं करना चाहिये।…

Continue reading
पत्नी अपनी इच्छा से कहीं चली जाय और फिर लौट आये तो क्या करना चाहिये ? (EN)

प्रश्न-पत्नी अपनी इच्छा से कहीं चली जाय और फिर लौट आये तो क्या करना चाहिये ? उत्तर- उसको अपनी पत्नी नहीं मानना चाहिये, उसके साथ पत्नी-जैसा व्यवहार नहीं करना चाहिये।…

Continue reading
जिसकी स्त्री को विधर्मी ले गये, उस पुरुष का क्या कर्तव्य है?

प्रश्न- जिसकी स्त्री को विधर्मी ले गये, उस पुरुष का क्या कर्तव्य है? उत्तर- पुरुष में उसको छुड़ाकर लाने की सामर्थ्य हो और वह प्रसन्नता से आना चाहे तो उसको…

Continue reading
जिसकी स्त्री को विधर्मी ले गये, उस पुरुष का क्या कर्तव्य है? (EN)

प्रश्न- जिसकी स्त्री को विधर्मी ले गये, उस पुरुष का क्या कर्तव्य है? उत्तर- पुरुष में उसको छुड़ाकर लाने की सामर्थ्य हो और वह प्रसन्नता से आना चाहे तो उसको…

Continue reading
विधर्मी लोग किसी स्त्रीका अपहरण करके ले जायें तो उस स्त्री को क्या करना चाहिये ?

प्रश्न- विधर्मी लोग किसी स्त्रीका अपहरण करके ले जायें तो उस स्त्री को क्या करना चाहिये ? उत्तर-उसको जहाँ तक बने, वहाँ से छूटनेका प्रयास करना चाहिये और मौका लगनेपर…

Continue reading
विधर्मी लोग किसी स्त्रीका अपहरण करके ले जायें तो उस स्त्री को क्या करना चाहिये ? (EN)

प्रश्न- विधर्मी लोग किसी स्त्रीका अपहरण करके ले जायें तो उस स्त्री को क्या करना चाहिये ? उत्तर-उसको जहाँ तक बने, वहाँ से छूटनेका प्रयास करना चाहिये और मौका लगनेपर…

Continue reading
पति का आधा पुण्य पत्नी को और पत्नी का आधा पाप पति को मिलता है-ऐसा क्यों?

प्रश्न-पति का आधा पुण्य पत्नी को और पत्नी का आधा पाप पति को मिलता है-ऐसा क्यों? उत्तर – पत्नी ने अपने माता-पिता, भाई-भौजाई आदि सबका, घरभरका त्याग किया है और…

Continue reading
पति का आधा पुण्य पत्नी को और पत्नी का आधा पाप पति को मिलता है-ऐसा क्यों? (EN)

प्रश्न-पति का आधा पुण्य पत्नी को और पत्नी का आधा पाप पति को मिलता है-ऐसा क्यों? उत्तर – पत्नी ने अपने माता-पिता, भाई-भौजाई आदि सबका, घरभरका त्याग किया है और…

Continue reading
अगर पत्नी दुश्चरित्रा, व्यभिचारिणी हो तो उसका त्याग करना चाहिये या नहीं?

प्रश्न- अगर पत्नी दुश्चरित्रा, व्यभिचारिणी हो तो उसका त्याग करना चाहिये या नहीं? उत्तर- आजकल के जमानेमें जहाँ तक बने, उस पत्नी का त्याग नहीं करना चाहिये। अपनी सामर्थ्य के…

Continue reading
अगर पत्नी दुश्चरित्रा, व्यभिचारिणी हो तो उसका त्याग करना चाहिये या नहीं? (EN)

प्रश्न- अगर पत्नी दुश्चरित्रा, व्यभिचारिणी हो तो उसका त्याग करना चाहिये या नहीं? उत्तर- आजकल के जमानेमें जहाँ तक बने, उस पत्नी का त्याग नहीं करना चाहिये। अपनी सामर्थ्य के…

Continue reading
पतिव्रता के भाव और आचरण कैसे होते हैं? पतिव्रताकी पहचान क्या है? क्या वर्तमान समय में पातिव्रत धर्म का पालन हो सकता है?

प्रश्न- पतिव्रता के भाव और आचरण कैसे होते हैं? पतिव्रताकी पहचान क्या है? क्या वर्तमान समय में पातिव्रत धर्म का पालन हो सकता है? उत्तर- उसमें धार्मिक भावोंकी प्रबलता होती…

Continue reading
पतिव्रता के भाव और आचरण कैसे होते हैं? पतिव्रताकी पहचान क्या है? क्या वर्तमान समय में पातिव्रत धर्म का पालन हो सकता है? (EN)

प्रश्न- पतिव्रता के भाव और आचरण कैसे होते हैं? पतिव्रताकी पहचान क्या है? क्या वर्तमान समय में पातिव्रत धर्म का पालन हो सकता है? उत्तर- उसमें धार्मिक भावोंकी प्रबलता होती…

Continue reading
सतीप्रथा उचित है या अनुचित ?

प्रश्न- सतीप्रथा उचित है या अनुचित ? उत्तर-सती होना ‘प्रथा’ है ही नहीं। पतिके साथ जल जाना सती होना नहीं है। जिसके मनमें सत् आ जाता है, उत्साह आ जाता…

Continue reading
सतीप्रथा उचित है या अनुचित ? (EN)

प्रश्न- सतीप्रथा उचित है या अनुचित ? उत्तर-सती होना ‘प्रथा’ है ही नहीं। पतिके साथ जल जाना सती होना नहीं है। जिसके मनमें सत् आ जाता है, उत्साह आ जाता…

Continue reading
प्रश्न – पतिव्रता, साध्वी और सती किसे कहते हैं?

प्रश्न – पतिव्रता, साध्वी और सती किसे कहते हैं? उत्तर-यद्यपि शब्दकोशके अनुसार पतिव्रता, साध्वी सती-तीनों नाम एक ही अर्थ में हैं, तथापि तीनों में भेद किया जाय तो पति के…

Continue reading
प्रश्न – पतिव्रता, साध्वी और सती किसे कहते हैं? (EN)

प्रश्न – पतिव्रता, साध्वी और सती किसे कहते हैं? उत्तर-यद्यपि शब्दकोशके अनुसार पतिव्रता, साध्वी सती-तीनों नाम एक ही अर्थ में हैं, तथापि तीनों में भेद किया जाय तो पति के…

Continue reading
क्या स्त्री का साधु-संन्यासी बनना उचित है?

प्रश्न-क्या स्त्री को साधु-संन्यासी बनना उचित है? उत्तर-पुरुष को तो यह अधिकार है कि उसको संसार से वैराग्य हो जाय तो वह घर आदि का त्याग करके, विरक्त होकर भजन-स्मरण…

Continue reading
क्या स्त्री का साधु-संन्यासी बनना उचित है? (EN)

प्रश्न-क्या स्त्री को साधु-संन्यासी बनना उचित है? उत्तर-पुरुष को तो यह अधिकार है कि उसको संसार से वैराग्य हो जाय तो वह घर आदि का त्याग करके, विरक्त होकर भजन-स्मरण…

Continue reading
कन्या विवाह न करके साधन-भजन में ही जीवन बिताना चाहे तो क्या यह ठीक है?

प्रश्न- कन्या विवाह न करके साधन-भजन में ही जीवन बिताना चाहे तो क्या यह ठीक है? उत्तर-कन्याके लिये विवाह न करना उचित नहीं है; क्यों वह स्वतन्त्र रहकर अपना जीवन-निर्वाह…

Continue reading
कन्या विवाह न करके साधन-भजन में ही जीवन बिताना चाहे तो क्या यह ठीक है? (EN)

प्रश्न- कन्या विवाह न करके साधन-भजन में ही जीवन बिताना चाहे तो क्या यह ठीक है? उत्तर-कन्याके लिये विवाह न करना उचित नहीं है; क्यों वह स्वतन्त्र रहकर अपना जीवन-निर्वाह…

Continue reading
क्यों रोजाना सुबह पवित्र गंगाजल का चरणामृत लेना चाहिये ?

क्यों रोजाना सुबह गंगाजलका चरणामृत लेना चाहिये परमात्माके सिवाय दूसरी कोई चीज हमारी थी नहीं, है नहीं, होगी नहीं, हो सकती नहीं । वह परमात्मा सब जगह है‒यह बात दिनमें…

Continue reading
क्यों रोजाना सुबह पवित्र गंगाजल का चरणामृत लेना चाहिये ? (EN)

क्यों रोजाना सुबह गंगाजलका चरणामृत लेना चाहिये परमात्माके सिवाय दूसरी कोई चीज हमारी थी नहीं, है नहीं, होगी नहीं, हो सकती नहीं । वह परमात्मा सब जगह है‒यह बात दिनमें…

Continue reading
यह काम करो, ऐशो आराम, मान सत्कार बड़ाई मुफ्त में मिलेगी

यह काम करो, ऐशो आराम, मान सत्कार बड़ाई मुफ्त में मिलेगी घरों में बहनें, माताएँ, भाई, बच्चे, छोटे-बड़े सब काम करते हैं; परंतु बड़ी भारी भूल होती है यह कि…

Continue reading
यह काम करो, ऐशो आराम, मान सत्कार बड़ाई मुफ्त में मिलेगी (EN)

यह काम करो, ऐशो आराम, मान सत्कार बड़ाई मुफ्त में मिलेगी घरों में बहनें, माताएँ, भाई, बच्चे, छोटे-बड़े सब काम करते हैं; परंतु बड़ी भारी भूल होती है यह कि…

Continue reading
क्या कन्या स्वयंवर कर सकती है?

प्रश्न-क्या कन्या स्वयंवर कर सकती है? उत्तर- शास्त्रों में स्वयंवर की बात आती है, परन्तु जिन्होंने स्वयंवर किया है, उन्होंने कष्ट ही उठाया है। सीता, द्रौपदी, दमयन्ती आदिने स्वयंवर किया…

Continue reading
क्या कन्या स्वयंवर कर सकती है? (EN)

प्रश्न-क्या कन्या स्वयंवर कर सकती है? उत्तर- शास्त्रों में स्वयंवर की बात आती है, परन्तु जिन्होंने स्वयंवर किया है, उन्होंने कष्ट ही उठाया है। सीता, द्रौपदी, दमयन्ती आदिने स्वयंवर किया…

Continue reading
माँ-बापका कोई सहारा न रहे तो ऐसी अवस्थामें विवाहित पुत्री माँ-बापका पालन कर सकती है या नहीं ?

प्रश्न-माँ-बापका कोई सहारा न रहे तो ऐसी अवस्थामें विवाहित पुत्री माँ-बापका पालन कर सकती है या नहीं ? उत्तर- वह असहाय माँ-बापकी सेवा कर सकती है। यदि विवाहित पुत्रीकी सन्तान…

Continue reading
माँ-बापका कोई सहारा न रहे तो ऐसी अवस्थामें विवाहित पुत्री माँ-बापका पालन कर सकती है या नहीं ? (EN)

प्रश्न-माँ-बापका कोई सहारा न रहे तो ऐसी अवस्थामें विवाहित पुत्री माँ-बापका पालन कर सकती है या नहीं ? उत्तर- वह असहाय माँ-बापकी सेवा कर सकती है। यदि विवाहित पुत्रीकी सन्तान…

Continue reading
पुत्री (कन्या) तो पतिके घर चली जाती है, तो फिर वह माँ-बाप की सेवा कैसे कर सकती है और सेवा किये बिना माँ-बाप का ऋण माफ कैसे हो सकता है?

प्रश्न-पुत्री (कन्या) तो पतिके घर चली जाती है, तो फिर वह माँ-बाप की सेवा कैसे कर सकती है और सेवा किये बिना माँ-बापका ऋण माफ कैसे हो सकता है? उत्तर-जैसे,…

Continue reading
पुत्री (कन्या) तो पतिके घर चली जाती है, तो फिर वह माँ-बाप की सेवा कैसे कर सकती है और सेवा किये बिना माँ-बाप का ऋण माफ कैसे हो सकता है? (EN)

प्रश्न-पुत्री (कन्या) तो पतिके घर चली जाती है, तो फिर वह माँ-बाप की सेवा कैसे कर सकती है और सेवा किये बिना माँ-बापका ऋण माफ कैसे हो सकता है? उत्तर-जैसे,…

Continue reading
अगर घर में माँ का कोई न रहा हो तो उस अवस्था में साधु-संन्यासी बना लड़का माँ का पालन कर सकता है या नहीं ?

प्रश्न- अगर घरमें माँका कोई न रहा हो तो उस अवस्थामें साधु-संन्यासी बना हे अधिकार नहीं है लड़का माँका पालन कर सकता है या नहीं ? उत्तर- माँका कोई आधार…

Continue reading
अगर घर में माँ का कोई न रहा हो तो उस अवस्था में साधु-संन्यासी बना लड़का माँ का पालन कर सकता है या नहीं ? (EN)

प्रश्न- अगर घरमें माँका कोई न रहा हो तो उस अवस्थामें साधु-संन्यासी बना हे अधिकार नहीं है लड़का माँका पालन कर सकता है या नहीं ? उत्तर- माँका कोई आधार…

Continue reading
अगर कोई साधु-संन्यासी बनकर रुपये इकट्ठा करता है और माता-पिता, स्त्री-पुत्रों को रुपये भेजता है, पालन-पोषण करता है तो क्या उसको दोष लगेगा ?

प्रश्न- अगर कोई साधु-संन्यासी बनकर रुपये इकट्ठा करता है और माता-पिता, स्त्री-पुत्रोंको रुपये भेजता है, उनका पालन-पोषण करता है तो क्या उसको दोष लगेगा ? उत्तर- जो साधु-संन्यासी बनकर माँ-बाप…

Continue reading
अगर कोई साधु-संन्यासी बनकर रुपये इकट्ठा करता है और माता-पिता, स्त्री-पुत्रों को रुपये भेजता है, पालन-पोषण करता है तो क्या उसको दोष लगेगा ? (EN)

प्रश्न- अगर कोई साधु-संन्यासी बनकर रुपये इकट्ठा करता है और माता-पिता, स्त्री-पुत्रोंको रुपये भेजता है, उनका पालन-पोषण करता है तो क्या उसको दोष लगेगा ? उत्तर- जो साधु-संन्यासी बनकर माँ-बाप…

Continue reading
किसी का एक ही लड़का हो, वह अगर साधु-संन्यासी बन जाय तो उसके माता-पिता किसके सहारे जियें ?

प्रश्न-दो-चार लड़के हों और उनमें से कोई साधु-संन्यासी बन जाय तो कोई बात नहीं, पर किसीका एक ही लड़का हो, वह साधु-संन्यासी बन जाय तो उसके माता-पिता किसके सहारे जियें…

Continue reading
किसी का एक ही लड़का हो, वह अगर साधु-संन्यासी बन जाय तो उसके माता-पिता किसके सहारे जियें ? (EN)

प्रश्न-दो-चार लड़के हों और उनमें से कोई साधु-संन्यासी बन जाय तो कोई बात नहीं, पर किसीका एक ही लड़का हो, वह साधु-संन्यासी बन जाय तो उसके माता-पिता किसके सहारे जियें…

Continue reading
जब माता-पिताकी सेवा का इतना माहात्म्य है तो उनकी सेवाको छोड़कर मनुष्य साधु-संन्यासी क्यों हो जाते हैं।

प्रश्न- जब माता-पिताकी सेवा का इतना माहात्म्य है तो उनकी सेवाको छोड़कर मनुष्य साधु-संन्यासी क्यों हो जाते हैं। उत्तर- जैसे कोई मर जाता है तो वह माता-पिताकी सेवकह छोड़कर ही…

Continue reading
जब माता-पिताकी सेवा का इतना माहात्म्य है तो उनकी सेवाको छोड़कर मनुष्य साधु-संन्यासी क्यों हो जाते हैं। (EN)

प्रश्न- जब माता-पिताकी सेवा का इतना माहात्म्य है तो उनकी सेवाको छोड़कर मनुष्य साधु-संन्यासी क्यों हो जाते हैं। उत्तर- जैसे कोई मर जाता है तो वह माता-पिताकी सेवकह छोड़कर ही…

Continue reading
माता-पिता की सेवा से क्या लाभ है?

प्रश्न- माता-पिताकी सेवा से क्या लाभ है? उत्तर- माता-पिताकी सेवासे लोक-परलोक दोनों सुधरते हैं, भगवान् प्रसन्न होते हैं। जो माता-पिताकी सेवा नहीं करते, उनपर भगवान् विश्वास नहीं करते कि यह…

Continue reading
माता-पिता की सेवा से क्या लाभ है? (EN)

प्रश्न- माता-पिताकी सेवा से क्या लाभ है? उत्तर- माता-पिताकी सेवासे लोक-परलोक दोनों सुधरते हैं, भगवान् प्रसन्न होते हैं। जो माता-पिताकी सेवा नहीं करते, उनपर भगवान् विश्वास नहीं करते कि यह…

Continue reading
माता का दर्जा ऊँचा है या पिता का ? और ऊंचा होने में क्या कारण है?

प्रश्न- माता का दर्जा ऊँचा है या पिताका ? और ऊँचा होने में क्या कारण है? उत्तर- ऊँचा दर्जा माँका ही है। माँका दर्जा पितासे सौ गुरु अधिक बताया गया…

Continue reading
माता का दर्जा ऊँचा है या पिता का ? और ऊंचा होने में क्या कारण है? (EN)

प्रश्न- माता का दर्जा ऊँचा है या पिताका ? और ऊँचा होने में क्या कारण है? उत्तर- ऊँचा दर्जा माँका ही है। माँका दर्जा पितासे सौ गुरु अधिक बताया गया…

Continue reading
प्रह्लाद ने पिता का, विभीषण ने भाई का, भरत ने माँका बलि ने गुरु का और गोपियों ने पति का त्याग कर दिया, तो उनको दोष क्यों नहीं लगा ?

प्रश्न – गोस्वामी तुलसीदासजीने कहा है- जाके प्रिय न राम-बैदेही। तजिये ताहि कोटि बैरी सम, जद्यपि परम सनेही ।। तज्यो पिता प्रह्लाद, बिभीषन बंधु, भरत महतारी। बलि गुरु तज्यो, कंत…

Continue reading
प्रह्लाद ने पिता का, विभीषण ने भाई का, भरत ने माँका बलि ने गुरु का और गोपियों ने पति का त्याग कर दिया, तो उनको दोष क्यों नहीं लगा ? (EN)

प्रश्न – गोस्वामी तुलसीदासजीने कहा है- जाके प्रिय न राम-बैदेही। तजिये ताहि कोटि बैरी सम, जद्यपि परम सनेही ।। तज्यो पिता प्रह्लाद, बिभीषन बंधु, भरत महतारी। बलि गुरु तज्यो, कंत…

Continue reading
माता-पिता अनुचित, निषिद्ध कर्म करनेकी आज्ञा दें तो पुत्रको क्या करना चाहिये ?

प्रश्न- माता-पिता अनुचित, निषिद्ध कर्म करनेकी आज्ञा दें तो पुत्रको क्या करना चाहिये ? उत्तर – अनुचित आज्ञा दो तरह की होती है- (१) ‘अमुक को मार दो’ आदि दूसरोंका…

Continue reading
माता-पिता अनुचित, निषिद्ध कर्म करनेकी आज्ञा दें तो पुत्रको क्या करना चाहिये ? (EN)

प्रश्न- माता-पिता अनुचित, निषिद्ध कर्म करनेकी आज्ञा दें तो पुत्रको क्या करना चाहिये ? उत्तर – अनुचित आज्ञा दो तरह की होती है- (१) ‘अमुक को मार दो’ आदि दूसरोंका…

Continue reading
अगर माता-पिता पुत्र के साथ कठोरता का बर्ताव करें; पक्षपात करें तो उस पुत्रको क्या करना चाहिये ?

प्रश्न – अगर माता-पिता पुत्र के साथ कठोरता का बर्ताव करें; पक्षपात करें तो उस पुत्रको क्या करना चाहिये ? उत्तर-उस पुत्रको माँ-बापका कर्तव्य नहीं देखना चाहिये उसको तो अपना…

Continue reading
अगर माता-पिता पुत्र के साथ कठोरता का बर्ताव करें; पक्षपात करें तो उस पुत्रको क्या करना चाहिये ? (EN)

प्रश्न – अगर माता-पिता पुत्र के साथ कठोरता का बर्ताव करें; पक्षपात करें तो उस पुत्रको क्या करना चाहिये ? उत्तर-उस पुत्रको माँ-बापका कर्तव्य नहीं देखना चाहिये उसको तो अपना…

Continue reading
माता-पिता ने बचपन में ही बच्चों को अच्छी शिक्षा नहीं दी; अतः पुत्र माता-पिता की सेवा नहीं करते तो इसमें पुत्रों का क्या दोष ?

प्रश्न – माता-पिता ने बचपनमें ही बच्चोंको अच्छी शिक्षा नहीं दी; अतः पुत्र माता-पिताकी सेवा नहीं करते तो इसमें पुत्रों का क्या दोष ? उत्तर-माता-पिताके द्वारा अच्छी शिक्षा नहीं दी…

Continue reading
माता-पिता ने बचपन में ही बच्चों को अच्छी शिक्षा नहीं दी; अतः पुत्र माता-पिता की सेवा नहीं करते तो इसमें पुत्रों का क्या दोष ? (EN)

प्रश्न – माता-पिता ने बचपनमें ही बच्चोंको अच्छी शिक्षा नहीं दी; अतः पुत्र माता-पिताकी सेवा नहीं करते तो इसमें पुत्रों का क्या दोष ? उत्तर-माता-पिताके द्वारा अच्छी शिक्षा नहीं दी…

Continue reading
यह शरीर माता पिता से मिला है, यह कहना कितना उचित है ?

प्रश्न- कहा गया है कि यह शरीर हमारे कर्मोंसे, भाग्य से मिला है- ‘बड़े भाग मानुष तनु पावा’; और भगवान्‌ने विशेष कृपा करके मनुष्य-शरीर दिया है- ‘कबहुँक देही। देत ईस…

Continue reading
यह शरीर माता पिता से मिला है, यह कहना कितना उचित है ? (EN)

प्रश्न- कहा गया है कि यह शरीर हमारे कर्मोंसे, भाग्य से मिला है- ‘बड़े भाग मानुष तनु पावा’; और भगवान्‌ने विशेष कृपा करके मनुष्य-शरीर दिया है- ‘कबहुँक देही। देत ईस…

Continue reading
माता पिता को भगवान् मानने से क्या भगवत प्राप्ति होगी ?

प्रश्न- मनुष्य माता-पिताकी सेवाको भगवत्प्राप्तिका साधन मानता है, साध्य नहीं मानता। अगर वह माता-पिताकी सेवा को ही साध्य मानेगा, अपने प्राणों का आधार मानेगा तो उसका माता-पिता के चरणों में…

Continue reading
माता पिता को भगवान् मानने से क्या भगवत प्राप्ति होगी ? (EN)

प्रश्न- मनुष्य माता-पिताकी सेवाको भगवत्प्राप्तिका साधन मानता है, साध्य नहीं मानता। अगर वह माता-पिताकी सेवा को ही साध्य मानेगा, अपने प्राणों का आधार मानेगा तो उसका माता-पिता के चरणों में…

Continue reading
माता-पिता ने हमें जन्म देकर संसार-बन्धन में डाल दिया, आफत में डाल दिया; फिर हमारे पर उनका ऋण कैसे ?

प्रश्न- माता-पिता ने हमें जन्म देकर संसार-बन्धन में डाल दिया, आफत में डाल दिया; फिर हमारे पर उनका ऋण कैसे ? उत्तर- यह बात बिलकुल गलत है। माता-पिताने तो मनुष्य-शरीर…

Continue reading
माता-पिता ने हमें जन्म देकर संसार-बन्धन में डाल दिया, आफत में डाल दिया; फिर हमारे पर उनका ऋण कैसे ? (EN)

प्रश्न- माता-पिता ने हमें जन्म देकर संसार-बन्धन में डाल दिया, आफत में डाल दिया; फिर हमारे पर उनका ऋण कैसे ? उत्तर- यह बात बिलकुल गलत है। माता-पिताने तो मनुष्य-शरीर…

Continue reading
मेरा ऐसा पुत्र हो जाय, उसका कल्याण हो जाय-इस उद्देश्यसे माँ-बापने थोड़े ही संग किया ! उन्होंने तो अपने सुखके लिये संग किया। हम पैदा हो गये तो हमारेपर उनका ऋण कैसे?

प्रश्न- मेरा ऐसा पुत्र हो जाय, उसका कल्याण हो जाय-इस उद्देश्यसे माँ-बापने थोड़े ही संग किया ! उन्होंने तो अपने सुखके लिये संग किया। हम पैदा हो गये तो हमारेपर…

Continue reading
मेरा ऐसा पुत्र हो जाय, उसका कल्याण हो जाय-इस उद्देश्यसे माँ-बापने थोड़े ही संग किया ! उन्होंने तो अपने सुखके लिये संग किया। हम पैदा हो गये तो हमारेपर उनका ऋण कैसे? (EN)

प्रश्न- मेरा ऐसा पुत्र हो जाय, उसका कल्याण हो जाय-इस उद्देश्यसे माँ-बापने थोड़े ही संग किया ! उन्होंने तो अपने सुखके लिये संग किया। हम पैदा हो गये तो हमारेपर…

Continue reading
माता-पिता की सेवा का तात्पर्य क्या है?

प्रश्न- माता-पिताकी सेवा का तात्पर्य क्या है? उत्तर-माता-पिताकी सेवा का तात्पर्य कृतज्ञता में है। माता- पिताने बच्चेके लिये जो कष्ट सहे हैं उसका पुत्रपर ऋण है। उस ऋणको पुत्र कभी…

Continue reading
माता-पिता की सेवा का तात्पर्य क्या है? (EN)

प्रश्न- माता-पिताकी सेवा का तात्पर्य क्या है? उत्तर-माता-पिताकी सेवा का तात्पर्य कृतज्ञता में है। माता- पिताने बच्चेके लिये जो कष्ट सहे हैं उसका पुत्रपर ऋण है। उस ऋणको पुत्र कभी…

Continue reading
सन्तान का कर्तव्य

सन्तान का कर्तव्य माता च कमला देवी पिता देवो जनार्दनः । बान्धवा विष्णुभक्ताश्च स्वदेशो भुवनत्रयम् ॥ स्तव में भगवान् लक्ष्मी-नारायण ही सबके माता-पिता हैं। इस दृष्टि से संसार में हमारे…

Continue reading
सन्तान का कर्तव्य (EN)

सन्तान का कर्तव्य माता च कमला देवी पिता देवो जनार्दनः । बान्धवा विष्णुभक्ताश्च स्वदेशो भुवनत्रयम् ॥ स्तव में भगवान् लक्ष्मी-नारायण ही सबके माता-पिता हैं। इस दृष्टि से संसार में हमारे…

Continue reading
दहेज़ पाप है तो फिर शास्त्रों में इसका विधान क्यों है?

प्रश्न- क्या दहेज लेना पाप है? उत्तर-हाँ, पाप है। प्रश्न – अगर पाप है तो फिर शास्त्रोंमें इसका विधान क्यों है? उत्तर- शास्त्रोंमें केवल दहेज देनेका विधान है, लेनेका विधान…

Continue reading
दहेज़ पाप है तो फिर शास्त्रों में इसका विधान क्यों है? (EN)

प्रश्न- क्या दहेज लेना पाप है? उत्तर-हाँ, पाप है। प्रश्न – अगर पाप है तो फिर शास्त्रोंमें इसका विधान क्यों है? उत्तर- शास्त्रोंमें केवल दहेज देनेका विधान है, लेनेका विधान…

Continue reading
पुत्र-पुत्री के विवाह के लिये माता-पिता को क्या करना चाहिये ?

प्रश्न – पुत्र-पुत्री के विवाहके लिये माता-पिताको क्या करना चाहिये ? उत्तर- मुख्य बात तो यह है कि पुत्र और पुत्रीका जैसा भाग्य होगा, वैसा ही होगा। परन्तु माता-पिताका कर्तव्य…

Continue reading
पुत्र-पुत्री के विवाह के लिये माता-पिता को क्या करना चाहिये ? (EN)

प्रश्न – पुत्र-पुत्री के विवाहके लिये माता-पिताको क्या करना चाहिये ? उत्तर- मुख्य बात तो यह है कि पुत्र और पुत्रीका जैसा भाग्य होगा, वैसा ही होगा। परन्तु माता-पिताका कर्तव्य…

Continue reading
बच्चों को ईसाई-स्कूलों में शिक्षा दिलानी चाहिये या नहीं ?

प्रश्न- बच्चों को ईसाई-स्कूलों में शिक्षा दिलानी चाहिये या नहीं ? उत्तर- ईसाई-स्कूलोंमें बच्चोंको पढ़ाओगे तो वे घरमें रह हुए भी ईसाई बन जायँगे अर्थात् आपके बच्चे ऊपरसे हिन्दू भीतरसे…

Continue reading
बच्चों को ईसाई-स्कूलों में शिक्षा दिलानी चाहिये या नहीं ? (EN)

प्रश्न- बच्चों को ईसाई-स्कूलों में शिक्षा दिलानी चाहिये या नहीं ? उत्तर- ईसाई-स्कूलोंमें बच्चोंको पढ़ाओगे तो वे घरमें रह हुए भी ईसाई बन जायँगे अर्थात् आपके बच्चे ऊपरसे हिन्दू भीतरसे…

Continue reading
आज कल स्कूलों का वातावरण अच्छा नहीं है; अतः बच्चों की शिक्षाके लिये क्या करना चाहिये ?

प्रश्न – आज कल स्कूलोंका वातावरण अच्छा नहीं है; अतः बच्चों की शिक्षा के लिये क्या करना चाहिये ? उत्तर- बच्चे को प्रतिदिन घरमें शिक्षा देनी चाहिये। उसको ऐसी कहानियाँ…

Continue reading
आज कल स्कूलों का वातावरण अच्छा नहीं है; अतः बच्चों की शिक्षाके लिये क्या करना चाहिये ? (EN)

प्रश्न – आज कल स्कूलोंका वातावरण अच्छा नहीं है; अतः बच्चों की शिक्षा के लिये क्या करना चाहिये ? उत्तर- बच्चे को प्रतिदिन घरमें शिक्षा देनी चाहिये। उसको ऐसी कहानियाँ…

Continue reading
बालकों को शिक्षा कैसे दी जाय, जिससे वे श्रेष्ठ बन जायँ ?

प्रश्न – बालकों को शिक्षा कैसे दी जाय, जिससे वे श्रेष्ठ बन जायँ ? उत्तर- बालक प्रायः देखकर ही सीखते हैं। इसलिये माता- धानके पिताको चाहिये कि वे उनके सामने…

Continue reading
बालकों को शिक्षा कैसे दी जाय, जिससे वे श्रेष्ठ बन जायँ ? (EN)

प्रश्न – बालकों को शिक्षा कैसे दी जाय, जिससे वे श्रेष्ठ बन जायँ ? उत्तर- बालक प्रायः देखकर ही सीखते हैं। इसलिये माता- धानके पिताको चाहिये कि वे उनके सामने…

Continue reading
पिता की आत्मा ही पुत्र के रूप में आती है-इसका क्या तात्पर्य है?

प्रश्न-पिताकी आत्मा ही पुत्रके रूपमें आती है-इसका क्या तात्पर्य है? उत्तर- जैसे कोई किसी ब्राह्मणको अपना कुलगुरु मानता है, कोई यज्ञोपवीत देनेवालेको गुरु मानता है; परन्तु उनका शरीर न रहे…

Continue reading
पिता की आत्मा ही पुत्र के रूप में आती है-इसका क्या तात्पर्य है? (EN)

प्रश्न-पिताकी आत्मा ही पुत्रके रूपमें आती है-इसका क्या तात्पर्य है? उत्तर- जैसे कोई किसी ब्राह्मणको अपना कुलगुरु मानता है, कोई यज्ञोपवीत देनेवालेको गुरु मानता है; परन्तु उनका शरीर न रहे…

Continue reading
माता-पिता के आचरण तो अच्छे नहीं हैं, पर उनकी सन्तान अच्छी निकलती है- इसका क्या कारण है?

प्रश्न- माता-पिताके आचरण तो अच्छे नहीं हैं, पर उनको सन्तान अच्छी निकलती है- इसका क्या कारण है? उत्तर- प्रायः माँ-बाप का स्वभाव ही सन्तान में आता है, पर ऋणानुबन्ध से…

Continue reading