इष्ट से भी अधिक, इष्ट के नाम में प्रेम होना चाहिए
इष्ट से भी इष्ट के नाम में प्रेम का मतलब है – साधक का हृदय जिस नुक्कड़ पर सबसे ज़्यादा टिका रहे, वह इष्ट का नाम हो जाए, वही उसकी…
इष्ट से भी इष्ट के नाम में प्रेम का मतलब है – साधक का हृदय जिस नुक्कड़ पर सबसे ज़्यादा टिका रहे, वह इष्ट का नाम हो जाए, वही उसकी…
यहाँ पर आपके अनुरोध अनुसार YouTube वीडियो (https://youtu.be/pf7UOGWuUcE) के“श्री कृष्ण जी ने अर्जुन जी को सन्यास के लिए मना करते हुए युद्ध करने के लिए क्यों कहा?” विषय पर पूज्य…
यह प्रवचन परम पूज्य वृंदावन रसिक संत श्री हित प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज का है, जिसमें वे भक्ति, भगवान से प्रार्थना, इच्छाओं की पूर्ति, और ईश्वर के प्रति सच्चे…
Here is a detailed article raised in the video Bhajan Marg”, then presenting Maharaj Ji’s answer in a pointwise, verbatim way, interspersed with explanations. Each portion is carefully referenced and…