इष्ट से भी अधिक, इष्ट के नाम में प्रेम होना चाहिए
इष्ट से भी इष्ट के नाम में प्रेम का मतलब है – साधक का हृदय जिस नुक्कड़ पर सबसे ज़्यादा टिका रहे, वह इष्ट का नाम हो जाए, वही उसकी…
इष्ट से भी इष्ट के नाम में प्रेम का मतलब है – साधक का हृदय जिस नुक्कड़ पर सबसे ज़्यादा टिका रहे, वह इष्ट का नाम हो जाए, वही उसकी…
भूमिका मनुष्य का जीवन इच्छाओं का ताना-बाना है। हर क्षण कोई न कोई चाह, आकांक्षा, या आकर्षण भीतर से उठता है, और वही व्यक्ति को किसी कर्म, परिणाम या स्थिति…
इस वीडियो में परम पूज्य वृंदावन रसिक संत श्री हित प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज के विचार और प्रवचनों का अत्यंत विस्तार से वर्णन किया गया है। नीचे उन्हीं विचारों…