जीवन में गुरु का होना कितना महत्वपूर्ण है? Bhajan Marg

जीवन में गुरु का होना व्यक्ति के आध्यात्मिक, मानसिक और व्यावहारिक कल्याण के लिए अनिवार्य बताया गया है, क्योंकि बिना गुरु के भवसागर से पार होना अत्यंत दुर्गम है। नीचे…

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भगवान कहते हैं कर्तव्य करते हुए नाम जप करो पर नाम जप करेंगे तो कर्तव्य कैसे होगा? Bhajan Marg

प्रश्न की पृष्ठभूमि अभ्यास की आवश्यकता और गीता का निर्देश भजन और कार्य एक साथ कैसे चल सकते हैं अभ्यास का उदाहरण: निशानेबाज और साधक कर्म समर्पण से हृदय की…

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कष्ट आने पर लोग कहते हैं अब तुम्हारे भगवान कहाँ गए तुम्हें इतने कष्ट में रखा है? Bhajan Marg

जीवन में कष्ट आने पर जब लोग यह ताना मारते हैं कि “अब तुम्हारे भगवान कहाँ गए, तुम्हें इतने कष्ट में रखा है”, तब महाराज जी के वचनों का मुख्य…

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क्या भगवान के अनेक विग्रहों की पूजा करने पर अधिक फल मिलता है?

भगवान के अनेक विग्रहों की पूजा करने पर अधिक फल नहीं मिलता, फल आपके प्रेम, निष्ठा और एकाग्रता पर निर्भर करता है। महाराज जी स्पष्ट कहते हैं कि भगवान एक…

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संसार में छल-कपट भरा हुआ है ऐसे में उन्ही के बीच कैसे रहें, कभी कभी सहन नहीं होता ?

​संसार में छल‑कपट क्यों दिखता है? महाराज जी कहते हैं कि कलियुग का प्रभाव ऐसा है कि यहां अधिकतर लोग स्वार्थ, वासना और अपने लाभ के लिए एक‑दूसरे से रिश्ता…

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