सारी बुरी आदतें तो छूट गई पर कामवासना खत्म नहीं हो रही ! Shri Hit Premanand Govind Sharan Ji Maharaj

कामवासना साधक के लिए सबसे बड़ा शत्रु है, परन्तु श्री हित प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज बताते हैं कि यह अजेय नहीं है; सही समझ, साधना, नामजाप, सत्संग और वैराग्य…

Continue reading

You Missed

2026 में लाखों कमाने वाली स्किल्स : Ankur Warikoo
इस भक्त ने भोजन क्यों त्याग दिया? गौमाता के लिए अद्भुत त्याग की भावनात्मक कथा
कुछ लोग पूजा पाठ नहीं करते फिर भी सफल क्यों हैं – प्रेमानंद जी महाराज का भजन मार्ग उपदेश
गजेन्द्र कोठारी कौन हैं और उनकी 100 करोड़ वाली सोच क्या है?
₹20,000 SIP से 1 करोड़ तक: इस कपल की म्यूचुअल फंड स्ट्रैटेजी और फाइनेंशियल प्लानर के रूप में MFD की भूमिका
साधकों के लिए बहुत महत्वपूर्ण सत्संग! कृपा का आश्रय तो लें पर यह गलती न करें! Bhajan Marg