हम जिनको गुरु मानते हों, अगर उनके इष्ट अलग हों तो ऐसे में हम क्या करें? Bhajan Marg

हम जिनको गुरु मानते हों और जिनसे हमारी गहरी श्रद्धा हो, अगर उनके इष्ट अलग हों और हमारी आसक्ति किसी दूसरे इष्ट में हो, तो भी भक्ति में कोई टकराव…

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साधकों के लिए बहुत महत्वपूर्ण सत्संग! कृपा का आश्रय तो लें पर यह गलती न करें! Bhajan Marg

भूमिका: साधक की सबसे बड़ी भूल क्या है? हठ, अभ्यास और नाम–जप की दृढ़ता प्रश्न: “महाराज जी, संकल्प भी बनता है, उत्साह भी आता है कि नाम‑जप करेंगे, पर मन…

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