हम जिनको गुरु मानते हों, अगर उनके इष्ट अलग हों तो ऐसे में हम क्या करें? Bhajan Marg
हम जिनको गुरु मानते हों और जिनसे हमारी गहरी श्रद्धा हो, अगर उनके इष्ट अलग हों और हमारी आसक्ति किसी दूसरे इष्ट में हो, तो भी भक्ति में कोई टकराव…
हम जिनको गुरु मानते हों और जिनसे हमारी गहरी श्रद्धा हो, अगर उनके इष्ट अलग हों और हमारी आसक्ति किसी दूसरे इष्ट में हो, तो भी भक्ति में कोई टकराव…