पूर्व की बुरी आदतें छोड़कर नई दैवी आदतें कैसे अपनाएं? | श्री हित प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज का मार्गदर्शन

पूर्व की आदतों को बदलकर नई, सतोगुणी और भजन-सहायक आदतें धारण करने का उपाय महाराज जी के अनुसार दो मुख्य आधारों पर टिका है – गहरा नाम-जप और शुद्ध, सात्विक…

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सारी बुरी आदतें तो छूट गई पर कामवासना खत्म नहीं हो रही ! Shri Hit Premanand Govind Sharan Ji Maharaj

कामवासना साधक के लिए सबसे बड़ा शत्रु है, परन्तु श्री हित प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज बताते हैं कि यह अजेय नहीं है; सही समझ, साधना, नामजाप, सत्संग और वैराग्य…

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