इष्ट से भी अधिक, इष्ट के नाम में प्रेम होना चाहिए
इष्ट से भी इष्ट के नाम में प्रेम का मतलब है – साधक का हृदय जिस नुक्कड़ पर सबसे ज़्यादा टिका रहे, वह इष्ट का नाम हो जाए, वही उसकी…
इष्ट से भी इष्ट के नाम में प्रेम का मतलब है – साधक का हृदय जिस नुक्कड़ पर सबसे ज़्यादा टिका रहे, वह इष्ट का नाम हो जाए, वही उसकी…
मनुष्य जीवन अनमोल है, लेकिन हममें से अधिकांश इसे यूँ ही रोज़मर्रा की भागदौड़, चिंताओं और व्यर्थ के मनोरंजनों में गँवा देते हैं। जब बात भगवान के भजन, नाम-स्मरण और…
श्री हित प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज को नाम जप पर अटूट विश्वास कैसे हुआ – इस प्रश्न पर उनका उत्तर सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि पूरा आध्यात्मिक जीवन-दर्शन है।…
पूर्व की आदतों को बदलकर नई, सतोगुणी और भजन-सहायक आदतें धारण करने का उपाय महाराज जी के अनुसार दो मुख्य आधारों पर टिका है – गहरा नाम-जप और शुद्ध, सात्विक…
परीक्षा या इंटरव्यू में घबराहट खत्म कैसे करें? महाराज जी की सीख पर आधारित 1000 शब्दों का लेख प्रश्न: मैं मेहनत से पढ़ता हूँ, क्लास में हर सवाल का उत्तर…