हम आपको बताएंगे कौन सी पनीर खानी चाहिए

आपको आध्यात्मिक जीवन जीने के लिए किसी तरह की भी राय , Investment प्रॉपर्टी, स्टॉक मार्किट, Mutal fund, Gold, ETF, AIF etc mai koi INVESTMENT KI GUIDANCE, INCOME TAX GUIDANCE CHAHIYE THO, dheerajkanojia810@gmail.com par apna mobile phone likh kar bheje, hamari team aap se contact karegi. Radhe Radhe

मिलावटी पनीर की खबरें सुन सुन कर आप परेशान हो गए होंगे और कई लोग तो यह कह रहे होंगे कि आखिर जब सभी पनीर में मिलावट है, केमिकल भरा हुआ है तो खाए तो क्या खाएं।

दरअसल जिस तरह से मार्केट में नकली पनीर बेचकर लोग पैसा कमाने से बाज नहीं आ रहे हैं, वैसे ही नकली पनीर को लेकर यूट्यूब, टीवी, अखबार में इसके नुकसान और खतरे के बारे में खूब बताया जाता है, लेकिन कौन सी पनीर ठीक है और कौन सी खराब या फिर सभी पनीर खाने लायक नहीं है, इसे लेकर कोई स्पष्ट रिपोर्ट नहीं बताई जाती।

मीडिया रिपोर्ट सिर्फ धंधा

दर्शन यह मीडिया रिपोर्ट भी नकली पनीर बेचने वालों की तरह ही अपना बिजनेस कर रहे हैं। इनका सिर्फ मकसद आपको अपने प्रोग्राम दिखाना है ताकि इनके व्यूज बढ़े और जितने ज्यादा व्यूज बनेंगे, उतनी ज्यादा इनको कमाई होगी और टीआरपी भी बढ़ेगी, इसके आधार पर इनको विज्ञापन मिलेंगे और अच्छे खासे पैसे मिलेंगे।

लैब जांच बनाम घरेलू जांच

ज्यादातर मीडिया रिपोर्ट्स में हमने पाया कि लोगों को खुद से पनीर की मिलावट की जांच करने के लिए तरह-तरह के तरीके बताए गए हैं। हमारा सवाल है कि एक आम आदमी अगर पनीर की जांच करने का घरेलू तरीका सीख भी ले और कर भी ले तो क्या उसके खुद के किए गए घरेलू टेस्ट एक मॉडर्नाइज लैब के सैंपल के मुकाबले ज्यादा सही होंगे ? बिल्कुल नहीं होंगे, एक साइंटिफिक लैब के नतीजे ज्यादा प्रमाणिक होंगे। इसके अलावा इन लैब के नतीजों की कानूनी सच्चाई भी होगी क्योंकि यह लैब सरकार द्वारा रजिस्टर्ड होते हैं। उनकी एक विश्वसनीयता होती है।

हमारी अपील


हमारी आपसे अपील है कि आप इस तरह की मीडिया रिपोर्ट को भले देखे लेकिन इनसे सवाल भी करें कि आपकी मीडिया रिपोर्ट ने एक जैसी सूचना दे दे के अलावा आखिर हमें क्या अलग से दिया है आपकी मीडिया रिपोर्ट को देखने से हमें क्या फायदा हुआ है यह तो हर रोज ही वीडियो और रिपोर्ट एस के आधार पर पता ही चल रहा है कि पनीर में मिलावट है लेकिन कौन सी पनीर खानी है कौन सी नहीं यह कौन बताएगा। या फिर बाजार में ऐसी कोई पनीर ही नहीं बिक रही जिसमें मिलावट हो। हमारा इन मीडिया चैनल और यूट्यूब चैनल से यह भी सवाल है कि वह कौन सी पनीर खाते हैं क्या उनकी पनीर में मिलावट नहीं हो रही है। अगर वह पनीर खाते ही नहीं है फिर अलग बात है लेकिन अगर कहते हैं तो पनीर की क्या जांच करके खाते है क्या बिना जांच किया की खा लेते हैं जैसे दूसरे लोग खा रहे हैं। यदि इन यूट्यूब और मीडिया चैनलों को पता है कि कौन सी पनीर आपके लिए सेहतमंद है तो यह क्यों नहीं बता रहे कि आप कौन सी पनीर खाएं। चलो दूसरे की बात क्या बार-बार करें हम आपको बताते हैं कि आपको कौन सी पनीर खानी चाहिए और कौन सी नही। ,,वह भी सर्टिफाइड लैब की जांच रिपोर्ट के आधार पर.

कौन सी पनीर खाएं कौन सी नहीं ?

देश की बड़ी ब्रांड कंपनियों के खराब प्रोडक्ट के खिलाफ लंबे समय से अभियान चला रहे फूड फूड फॉर्मर रेवंत हिमात्सिंगका ने हाल में नकली और मिलावटी पनीर को लेकर अपनी यूट्यूब चैनल पर एक बहुत फायदेमंद वीडियो बनाया है। इस वीडियो में उन्होंने नकली और मिलावटी पनीर के बारे में तमाम इनफॉरमेशन को बताया ही है, लेकिन साथ ही एक सबसे अच्छी बात जो उन्होंने की है, जो दूसरे मीडिया रिपोर्ट्स में नहीं दिखाई गई थी, वह यह है कि उन्होंने अपने खुद के पैसे से मार्केट में अवेलेबल जितने भी पनीर ब्रांड और लोकल पनीर, डेयरी पनीर उपलब्ध है, उनकी लैब जांच कराई है।

नॉर्मल ब्रांड पनीर

फूड फॉर्मर ने बाजार में उपलब्ध सबसे पहले नॉर्मल ब्रांड पनीर की जांचकरवाई। इनमें अमूल फ्रेश पॉवर ऑफ़ प्रोटीन पनीर, अमूल मलाई पनीर फ्रेश, गोवर्धन पनीर और हंपी A2 पनीर की जांच करवाई गई। लैब जान के बाद रिजल्ट हमारे लिए खुशी की खबर जैसा हो सकता है क्योंकि सारे पनीर के सैंपल ठीक पाए गए, यह पनीर खाने लायक थी। हमने फूड फार्मर के इस वीडियो का लिंक भी नीचे डाला है आप उसको खोलकर विस्तार से पूरी रिपोर्ट देख सकते हैं साथ ही लैब जांच की रिपोर्ट भी वीडियो के लिंक में दी गई है। पूरी डिटेल्स रिपोर्ट देख सकते हैं।

हाई प्रोटीन लो फैट पनीर

इसके बाद फूड फार्मर ने हाई प्रोटीन लो फैट पनीर की लैब जांच करवाई। फूड फार्मर का यह कहना था कि वह यह जानना चाहते हैं कि जैसा कि इन ब्रांच ने दावा किया है कि उनकी पनीर खाकर फट नहीं होता प्रोटीन ज्यादा होता है वह इस बात को जांचना चाहते हैं। जिन ब्रांड के पनीर की जांच की गई थी वह थे- मिल्की मिस्ट, id का पनीर हाई प्रोटीन और देसी फार्म्स लो फैट पनीर।

खुशी की बात थी कि इन पनीर ब्रांड के सैंपल भी जांच में पास हो गए। साथ ही नॉर्मल पनीर के मुकाबले पनीर में ज्यादा प्रोटीन था और लो फैट भी।

रोड किनारे की पनीर की पनीर

हम सड़कों के किनारे रेडी और खोमचे वालों के पनीर से बने पनीर टिक्का, चिली पनीर, पनीर मोमो, पनीर ब्रेड पकोड़ा खाते हैं। क्या हमने कभी सोचा है कि 50 से 100 रुपए के बीच में मिलने वाले इन पनीर डिशेज में मिलाया गया पनीर क्या नकली या मिलावटी तो नहीं है।

यह बात हम कभी भी नहीं सोचते। फूड फार्मर ने पनीर टिक्का चिली पनीर आदि खरीद कर उसकी जांच करवाई। हैरानी की बात है कि इन जांच में पाया गया कि पनीर नकली थी या एनालॉग पनीर थी जो कानून रूप से उसे खा तो सकते है लेकिन वे नकली पनीर जैसी ही होती है। इसमें केमिकल मिला होता है। इस पनीर के बारे में जानना है तो हमने पहले भी इस तरह का वीडियो बनाया है। उसका लिंक हम आर्टिकल के अंत में डाल देंगे। आप विस्तार से पढ़ सकते हैं।

डेयरी पनीर

बड़ी-बड़ी डेयरी पनीर कंपनियां भी पनीर बनाकर लोगों को भेजते हैं। यह डेरी कंपनी आमतौर पर गौशालाओं में पाली गई गाय और भैंस के दूध से अपना प्रोडक्ट बनाती हैं। फूड फार्मर ने इन डेयरी पनीर की लैब जांच करवाई। इन डेरी पनीर को खुला पनीर भी कह सकते हैं क्योंकि यह पैकेट बंद नहीं आती और ना ही इस पनीर के बारे में कुछ लिखा होता है कि यह कब बनी थी और कब तक इसको use कर सकते हैं। लैब जांच रिपोर्ट में यह पनीर का सैंपल भी फेल पाया गया। बड़ी शर्म की बात है की इन डेरी कंपनियों के सैंपल फेल पाए गए जबकि बहुत बड़ी संख्या में लोग इनके पनीर पर विश्वास करते हैं।

फैसला आपको करना है

तो हमने आपके सामने सभी तरह की पनीर की सच्चाई रख दी है। अब यह आपको सोचना है कि आपको कौन सा पनीर खाना है कौन सा नहीं। क्योंकि यह देखने में भी आया है कि तमाम खुलासे करने के बाद भी लोग खराब चीज ही लेना पसंद करते हैं क्योंकि वह अपने मन पर काबू नहीं कर पाते। रिपोर्ट को पढ़ने के बाद भी अगर लोग खराब पनीर खाना पसंद करेंगे तो वह अपने शरीर और अपने परिवार के साथ बड़ा धोखा कर रहे हैं और उनको गंदी चीज खाने की आदत हो गई है वह अपनी जीत के आगे मजबूर हो गए हैं।

Related Posts

2 BHK और 3 BHK फ्लैट की रेनोवेशन में कितना खर्च आता है? बेसिक से हाई ग्रेड तक पूरा गाइड

यह लेख केवल सामान्य जानकारी और शिक्षा के उद्देश्य से है। यहाँ दी गई किसी भी निवेश से जुड़ी जानकारी को व्यक्तिगत वित्तीय या टैक्स सलाह न समझें। निवेश करने…

Continue reading
यूट्यूब एक्सपर्ट्स का जाल: झूठे ज्ञान से कैसे बचें और सिर्फ सरकारी रजिस्टर्ड विशेषज्ञ ही क्यों चुनें

1. YouTube वाला “हर चीज़ का एक्सपर्ट” कल्चर आजकल हर field में तीन तरह के लोग वीडियो बना रहे हैं: समस्या यह है कि आम दर्शक thumbnail, confidence और slick…

Continue reading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

2 BHK और 3 BHK फ्लैट की रेनोवेशन में कितना खर्च आता है? बेसिक से हाई ग्रेड तक पूरा गाइड

2 BHK और 3 BHK फ्लैट की रेनोवेशन में कितना खर्च आता है? बेसिक से हाई ग्रेड तक पूरा गाइड

यूट्यूब एक्सपर्ट्स का जाल: झूठे ज्ञान से कैसे बचें और सिर्फ सरकारी रजिस्टर्ड विशेषज्ञ ही क्यों चुनें

यूट्यूब एक्सपर्ट्स का जाल: झूठे ज्ञान से कैसे बचें और सिर्फ सरकारी रजिस्टर्ड विशेषज्ञ ही क्यों चुनें

X का सेफ हार्बर खतरे में: सोशल मीडिया आज़ादी और सख्त कानून की बड़ी जंग

X का सेफ हार्बर खतरे में: सोशल मीडिया आज़ादी और सख्त कानून की बड़ी जंग

वर्ल्ड टूर वाला “पागलपन” – जेन Z की नई दीवानगी

वर्ल्ड टूर वाला “पागलपन” – जेन Z की नई दीवानगी

10,000 करोड़ का हीरा गोल्ड घोटाला: हलाल इन्वेस्टमेंट के नाम पर कैसे लुटे लाखों मुसलमान निवेशक?

10,000 करोड़ का हीरा गोल्ड घोटाला: हलाल इन्वेस्टमेंट के नाम पर कैसे लुटे लाखों मुसलमान निवेशक?

जेपी स्पोर्ट्स सिटी: सपनों से “घोस्ट सिटी” तक

जेपी स्पोर्ट्स सिटी: सपनों से “घोस्ट सिटी” तक