भौजाई (भाभी) और देवर का आपसमें कैसा व्यवहार होना चाहिये ? (EN)

प्रश्न – भौजाई (भाभी) और देवर का आपसमें कैसा व्यवहार होना चाहिये ?

उत्तर – भौजाई सीताजीकी तरह और देवर भरतकी तरह व्यवहार करे। सीताजी भरतको पुत्रकी तरह समझती थीं। कैकयीने बिना कारण रामजीको वनमें भेज दिया, पर सीताजीने कभी भी भरतपर दोषारोपण नहीं किया, भरतका निरादर नहीं किया, प्रत्युत चित्रकूटमें जब भरतजीने सीताजीकी चरण-रजको अपने सिरपर चढ़ाया, तब सीताजीने उन्हें आशीर्वाद दिया! ऐसे ही भौजाई को चाहिये कि देवर कितना ही निरादर, अपमान करे, पर वह अपना मातृभाव, हितैषीभाव कभी न छोड़े और देवरको चाहिये कि भौजाईका माँकी तरह आदर करे। यद्यपि सीताजी अवस्थामें उतनी बड़ी नहीं थीं, फिर भी भरत, लक्ष्मण आदिका सीताजीमें मातृभाव था।

यह लेख गीता प्रेस की मशहूर पुस्तक “गृहस्थ कैसे रहे ?” से लिया गया है. पुस्तक में विचार स्वामी रामसुख जी के है. एक गृहस्थ के लिए यह पुस्तक बहुत मददगार है, गीता प्रेस की वेबसाइट से यह पुस्तक ली जा सकती है. अमेजन और फ्लिप्कार्ट ऑनलाइन साईट पर भी चेक कर सकते है.

  • Related Posts

    मेटा पर जुर्माना, लेकिन ट्विटर–यूट्यूब पर गंदी वीडियो की बाढ़ क्यों?

    नीचे इस पूरे मुद्दे को अलग-अलग एंगल से समझने की कोशिश की है। 1. मामला आखिर है क्या? सबसे पहले तस्वीर साफ कर लें।एक तरफ तो मेटा (फेसबुक–इंस्टाग्राम की कंपनी)…

    Continue reading
    सुबह पेट साफ़ न होना: शरीर और आत्मा दोनों के लिए एक गंभीर चेतावनी

    प्रस्तावना भारतीय परंपरा में सुबह का समय ब्रह्ममुहूर्त कहा जाता है — यह केवल योग या ध्यान के लिए ही नहीं, बल्कि शरीर के शुद्धिकरण और आत्म-शुद्धि का भी समय…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    14 साल की SIP से 5 करोड़ का सफर: राहुल जैन की कम्पाउंडिंग वाली सफलता की कहानी

    14 साल की SIP से 5 करोड़ का सफर: राहुल जैन की कम्पाउंडिंग वाली सफलता की कहानी

    मैं youtube वीडियो देखकर क्या सोचता हूँ

    मैं youtube वीडियो देखकर क्या सोचता हूँ

    भारत में एक से ज़्यादा शादी: आमिर खान की तीसरी शादी और बिगैमी कानून की पूरी सच्चाई

    भारत में एक से ज़्यादा शादी: आमिर खान की तीसरी शादी और बिगैमी कानून की पूरी सच्चाई

    प्रेमी, प्रेमिका और मंगेतर का मर्डर: क्या अध्यात्म से दूर होता इंसान सच में राक्षस बनता जा रहा है?

    प्रेमी, प्रेमिका और मंगेतर का मर्डर: क्या अध्यात्म से दूर होता इंसान सच में राक्षस बनता जा रहा है?

    क्यों फ्लैट के प्रॉफिट पर हम झूमते हैं, लेकिन म्यूचुअल फंड और SIP से दूर भागते हैं?

    क्यों फ्लैट के प्रॉफिट पर हम झूमते हैं, लेकिन म्यूचुअल फंड और SIP से दूर भागते हैं?

    लखनऊ कोचिंग सेंटर हादसा: अब हर माता–पिता को अपने बच्चे की सुरक्षा के लिए क्या करना चाहिए

    लखनऊ कोचिंग सेंटर हादसा: अब हर माता–पिता को अपने बच्चे की सुरक्षा के लिए क्या करना चाहिए