आज की टॉप पॉलिटिकल न्यूज़: देश-विदेश की राजनीति में हलचल

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कांग्रेस में घमासान: थरूर बनाम टैगोर, ‘बर्ड वॉर’ से पार्टी में तनाव

आज कांग्रेस पार्टी में आंतरिक कलह खुलकर सामने आई। शशि थरूर और मणिकम टैगोर के बीच सोशल मीडिया पर ‘बर्ड’ (पक्षी) पोस्ट्स के ज़रिए तकरार ने पार्टी में असंतोष को उजागर कर दिया। विवाद की शुरुआत तब हुई जब थरूर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की, जिस पर पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने नाराज़गी जताई। थरूर ने अपने लेख ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में राष्ट्रीय एकता पर ज़ोर दिया, जबकि टैगोर ने राजनीतिक शिकारी को लेकर चेतावनी दी। इस बहस ने मोदी की भूमिका को लेकर कांग्रेस में गहरे मतभेद को उजागर किया1

महाराष्ट्र: हिंदी थोपने का विरोध, एमएनएस का बड़ा ऐलान

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने राज्य में ‘तीन भाषा फॉर्मूला’ और हिंदी थोपने का विरोध किया है। उन्होंने सरकार पर ‘मराठी अस्मिता’ को कमज़ोर करने का आरोप लगाया और 6 जुलाई को सभी राजनीतिक दलों, कलाकारों, और लेखकों को शामिल करते हुए एक अपोलिटिकल विरोध मार्च का ऐलान किया। इस मुद्दे पर शिवसेना (यूबीटी) भी एमएनएस के साथ है, जिससे राज्य की राजनीति में नया मोड़ आ गया है1

महाराष्ट्र विधानमंडल का मानसून सत्र: भाषा विवाद और विकास पर फोकस

महाराष्ट्र विधानमंडल का मानसून सत्र 30 जून से 18 जुलाई तक चलेगा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने साफ किया कि हिंदी पढ़ना अनिवार्य नहीं है। साथ ही, उन्होंने नागपुर-गोवा शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे परियोजना और भूमि अधिग्रहण के लिए ऋण की समीक्षा पर भी चर्चा की। हाईकोर्ट द्वारा फर्जी मतदान याचिकाओं को खारिज करने पर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी1

चुनाव आयोग का बड़ा एक्शन: 345 पार्टियों की मान्यता रद्द करने की प्रक्रिया शुरू

चुनाव आयोग ने देशभर में 345 रजिस्टर्ड अनरजिस्टर्ड पॉलिटिकल पार्टीज़ (RUPPs) को डीलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू की है। ये वे पार्टियां हैं जिन्होंने 2019 के बाद कोई चुनाव नहीं लड़ा और जिनके दफ्तरों का कोई पता नहीं चल पा रहा। आयोग के अनुसार, देश में 2,800 से अधिक RUPPs हैं, जिनमें से कई आवश्यक शर्तें पूरी नहीं कर रही हैं1

‘संविधान हत्या दिवस’ का ऐलान: 25 जून की नई पहचान

केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने घोषणा की कि 25 जून को ‘संविधान हत्या दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा। यह आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ है, जिसे ‘काले अध्याय’ के रूप में याद किया जा रहा है। रिजिजू ने कांग्रेस पर संविधान को कमजोर करने का आरोप लगाया और मणिपुर की स्थिति में सुधार के लिए सरकार के प्रयासों की सराहना की1

दिल्ली: पूर्व आप मंत्रियों के खिलाफ भ्रष्टाचार की जांच

दिल्ली की एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) ने पूर्व आप मंत्री सौरभ भारद्वाज और सत्येंद्र जैन के खिलाफ स्वास्थ्य परियोजनाओं में भ्रष्टाचार के आरोप में केस दर्ज किया है। 2018-19 में स्वीकृत 24 अस्पताल परियोजनाओं (मूल्य: ₹5,590 करोड़) में देरी और लागत बढ़ने की वजह से यह जांच शुरू हुई है। भाजपा नेता की शिकायत पर यह मामला दर्ज हुआ है1

शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम मजीठिया ड्रग मनी केस में रिमांड पर

शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में मोहाली कोर्ट ने 7 दिन की विजिलेंस रिमांड पर भेज दिया है। उन पर ₹540 करोड़ से अधिक की ड्रग मनी के लेन-देन में शामिल होने का आरोप है। उनके घर पर छापे के बाद यह कार्रवाई हुई1

महिला सशक्तिकरण योजनाओं पर राज्यों का बड़ा खर्च

क्रिसिल रेटिंग्स की रिपोर्ट के अनुसार, देश के 18 प्रमुख राज्य इस वित्त वर्ष में चुनाव पूर्व महिला योजनाओं पर ₹1 लाख करोड़ खर्च करेंगे। यह खर्च राज्यों के सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) का 2% है, जिससे राज्यों की वित्तीय स्थिति पर दबाव बढ़ सकता है और पूंजीगत व्यय में कटौती हो सकती है1

अन्य प्रमुख राजनीतिक घटनाएं

  • बिहार चुनाव: आरजेडी से निष्कासित तेज प्रताप यादव ने अखिलेश यादव के साथ मिलकर नई रणनीति बनाने की बात कही1

  • कांग्रेस का आरोप: कांग्रेस ने अहमदाबाद विमान दुर्घटना की जांच में देरी पर सरकार को घेरा1

  • केंद्र सरकार की कार्रवाई: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नशा कारोबारियों पर सख्त कार्रवाई का दावा किया1

  • अमित शाह का बयान: हिंदी सभी भारतीय भाषाओं की मित्र है, किसी भी विदेशी भाषा का विरोध नहीं होना चाहिए1

  • ममता बनर्जी की रथ यात्रा: ममता बनर्जी ने दीघा में रथ यात्रा शुरू की, भाजपा ने इसे ‘सच्चा हिंदू’ बनने की कोशिश बताया1

  • कांग्रेस का चुनाव आयोग पर हमला: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने चुनाव आयोग को सरकार की कठपुतली बताया1

निष्कर्ष

आज की राजनीति में जहां एक ओर कांग्रेस में अंदरूनी कलह तेज़ हो गई है, वहीं महाराष्ट्र में भाषा और अस्मिता का मुद्दा गरमा गया है। केंद्र सरकार ने आपातकाल की याद में ‘संविधान हत्या दिवस’ घोषित कर कांग्रेस पर बड़ा हमला बोला है। दिल्ली में भ्रष्टाचार के मामलों की जांच तेज़ है, और चुनाव आयोग ने निष्क्रिय पार्टियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। राज्यों में महिला सशक्तिकरण योजनाओं पर रिकॉर्ड खर्च हो रहा है, जिससे आर्थिक दबाव बढ़ सकता है। इन सबके बीच, देश की राजनीति लगातार नए मोड़ ले रही है, जिससे आने वाले चुनावों और नीति-निर्माण पर गहरा असर पड़ सकता है1

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