यदि किसीके माता-पिता (पितर) मुक्त हो गये हैं, भगवद्धाममें चले गये हैं तो उनके नामसे दिये हुए पिण्ड-पानीका क्या होगा ?

यदि किसीके माता-पिता (पितर) मुक्त हो गये हैं, भगवद्धाममें चले गये हैं तो उनके नामसे दिये हुए पिण्ड-पानीका क्या होगा ?

उत्तर-पुत्र को तो यह पता नहीं रहता कि मेरे माता-पिता मुक्त हो गये, भगवद्धाममें चले गये; पर वह उनके नाम से आदरपूर्वक जो पिण्ड-पानी देता है, दान-पुण्य करता है, वह सब उसके नाम पर जमा हो जाता है और मरनेके बाद उसीको मिल जाता है। जैसे, हम किसीके नामसे बम्बई पैसे भेजते हैं, पर वह व्यक्ति वहाँ नहीं है तो वे पैसे वापिस हमें ही मिल जाते हैं।

यह लेख गीता प्रेस की मशहूर पुस्तक “गृहस्थ कैसे रहे ?” से लिया गया है. पुस्तक में विचार स्वामी रामसुख जी के है. एक गृहस्थ के लिए यह पुस्तक बहुत मददगार है, गीता प्रेस की वेबसाइट से यह पुस्तक ली जा सकती है. अमेजन और फ्लिप्कार्ट ऑनलाइन साईट पर भी चेक कर सकते है.

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