क्या सन्तान उत्पन्न किये बिना भी मनुष्य पितृऋण से छूट सकता है? (EN)

प्रश्न – क्या सन्तान उत्पन्न किये बिना भी मनुष्य पितृऋणसे छूट सकता है?

उत्तर-हाँ, छूट सकता है। जो भगवान्‌ के सर्वथा शरण हो जाता है, उस पर कोई भी ऋण नहीं रहता –

देवर्षिभूताप्तनृणां पितॄणां न किङ्करो नायमृणी च राजन् । सर्वात्मना यः शरणं शरण्यं गतो मुकुन्दं परिहृत्य कर्तम् ॥

(श्रीमद्भा० ११।५।४१)

‘राजन् ! जो सारे कार्योंको छोड़कर सम्पूर्णरूपसे शरणागतवत्सल भगवान्‌की शरणमें आ जाता है, वह देव, ऋषि, प्राणी, कुटुम्बीजन और पितृगण इनमेंसे किसीका भी ऋणी और सेवक (गुलाम) नहीं रहता।’

यह लेख गीता प्रेस की मशहूर पुस्तक “गृहस्थ कैसे रहे ?” से लिया गया है. पुस्तक में विचार स्वामी रामसुख जी के है. एक गृहस्थ के लिए यह पुस्तक बहुत मददगार है, गीता प्रेस की वेबसाइट से यह पुस्तक ली जा सकती है. अमेजन और फ्लिप्कार्ट ऑनलाइन साईट पर भी चेक कर सकते है.

  • Related Posts

    मेटा पर जुर्माना, लेकिन ट्विटर–यूट्यूब पर गंदी वीडियो की बाढ़ क्यों?

    नीचे इस पूरे मुद्दे को अलग-अलग एंगल से समझने की कोशिश की है। 1. मामला आखिर है क्या? सबसे पहले तस्वीर साफ कर लें।एक तरफ तो मेटा (फेसबुक–इंस्टाग्राम की कंपनी)…

    Continue reading
    सुबह पेट साफ़ न होना: शरीर और आत्मा दोनों के लिए एक गंभीर चेतावनी

    प्रस्तावना भारतीय परंपरा में सुबह का समय ब्रह्ममुहूर्त कहा जाता है — यह केवल योग या ध्यान के लिए ही नहीं, बल्कि शरीर के शुद्धिकरण और आत्म-शुद्धि का भी समय…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    “NAMASTE योजना: आंकड़ों की चमक बनाम सफाई कर्मियों की हकीकत”

    “NAMASTE योजना: आंकड़ों की चमक बनाम सफाई कर्मियों की हकीकत”

    एफ़टीआईआई–एनएफ़एआई समर फ़िल्म अप्रिसिएशन कोर्स: सिनेमा को समझने का बेहतरीन मौका

    एफ़टीआईआई–एनएफ़एआई समर फ़िल्म अप्रिसिएशन कोर्स: सिनेमा को समझने का बेहतरीन मौका

    RBI के नए Auto-Debit नियम: फायदे कम, नुकसान ज़्यादा?

    RBI के नए Auto-Debit नियम: फायदे कम, नुकसान ज़्यादा?

    इंजीनियरिंग–मेडिकल की JEE–NEET रेस: प्रेशर, महंगी फीस, बेरोजगारी और उम्मीद की सच्ची कहानी

    इंजीनियरिंग–मेडिकल की JEE–NEET रेस: प्रेशर, महंगी फीस, बेरोजगारी और उम्मीद की सच्ची कहानी

    नोएडा के मज़दूर, महंगा गैस सिलेंडर और फ्री अनाज योजना की सच्चाई

    नोएडा के मज़दूर, महंगा गैस सिलेंडर और फ्री अनाज योजना की सच्चाई

    म्यूचुअल फंड से जेनरेशनल वेल्थ: क्या वाकई अगली पीढ़ियों का भविष्य बदल सकता है?

    म्यूचुअल फंड से जेनरेशनल वेल्थ: क्या वाकई अगली पीढ़ियों का भविष्य बदल सकता है?