होम लोन EMI में बड़ी राहत: RBI के रेपो रेट कट के बाद Canara Bank, Union Bank, IOB ने घटाईं ब्याज दरें

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RBI के रेपो रेट कट का असर: होम लोन सस्ते, EMI में सीधी राहत

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने जून 2025 की मौद्रिक नीति बैठक में रेपो रेट में एक बार फिर 50 बेसिस पॉइंट्स (0.50%) की कटौती की है, जिससे रेपो रेट 6% से घटकर 5.5% हो गया है। इस फैसले के बाद देश के कई बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने अपने लेंडिंग रेट्स में कटौती की है, जिससे होम लोन, पर्सनल लोन और MSME लोन लेना अब सस्ता हो गया है।

कौन-कौन से बैंक और कितनी कटौती?

    Canara Bank:Canara Bank ने अपना Repo Linked Lending Rate (RLLR) 8.75% से घटाकर 8.25% कर दिया है। यह नई दरें 12 जून 2025 से लागू हो गई हैं148121416Union Bank of India:Union Bank ने External Benchmark Lending Rate (EBLR) और RLLR दोनों में 50 बेसिस पॉइंट्स की कटौती की है। नई दरें 11 जून 2025 से लागू हैं।Indian Overseas Bank (IOB):IOB ने भी अपनी RLLR को 8.85% से घटाकर 8.35% कर दिया है, जो 12 जून 2025 से लागू है।

    इन बैंकों के अलावा, Bank of Baroda, Punjab National Bank, UCO Bank, Bank of India, HDFC Bank, और ICICI Bank जैसे अन्य बड़े बैंकों ने भी अपनी रेपो-लिंक्ड लेंडिंग रेट्स में कटौती की है।

    EMI में कितनी राहत मिलेगी?

    रेपो रेट कटौती का सीधा असर उन ग्राहकों पर पड़ता है जिनके लोन रेपो रेट या उससे जुड़े बेंचमार्क (जैसे RLLR, EBLR) से लिंक्ड हैं।

    • अगर आपने ₹50 लाख का होम लोन 20 साल के लिए लिया है और ब्याज दर 8.5% से घटकर 8% हो जाती है, तो आपकी EMI लगभग ₹1,569 कम हो जाएगी51015

    • इसी तरह, ₹1 करोड़ के लोन पर EMI में करीब ₹3,100 और ₹1.5 करोड़ के लोन पर ₹4,700 तक की मासिक बचत हो सकती है।

    • कुल ब्याज भुगतान में भी लाखों रुपये की बचत होगी, या फिर आप चाहें तो EMI समान रखते हुए लोन की अवधि घटा सकते हैं।

    रेपो रेट कट का फायदा किन्हें मिलेगा?

    फ्लोटिंग रेट लोन वाले ग्राहक:जिनका होम लोन रेपो रेट या RLLR/EBLR से लिंक्ड है, उन्हें सबसे तेज और पूरा फायदा मिलेगा1234131517पुराने MCLR या बेस रेट लोन:अगर आपका लोन अभी भी MCLR या बेस रेट से लिंक्ड है, तो फायदा मिलने में देर हो सकती है या पूरा लाभ नहीं मिलेगा। ऐसे में आप अपने बैंक से री-सेट या बैलेंस ट्रांसफर की प्रक्रिया पर विचार कर सकते हैं।

    क्यों घटती है EMI जब रेपो रेट कट होती है?

    रेपो रेट वह दर है जिस पर RBI बैंकों को अल्पकालिक कर्ज देता है। जब RBI रेपो रेट घटाता है, तो बैंकों के लिए फंड्स लेना सस्ता हो जाता है। बैंक इस सस्ते फंड का फायदा ग्राहकों को कम ब्याज दर के रूप में देते हैं, जिससे EMI घट जाती है।

    क्या करें मौजूदा और नए लोन लेने वाले ग्राहक?

    मौजूदा ग्राहक:EMI कम करने या लोन अवधि घटाने के लिए बैंक से संपर्क करें। अगर आपका लोन पुराने बेंचमार्क पर है, तो रेपो-लिंक्ड लोन में शिफ्ट करने पर विचार करें।नए ग्राहक:यह होम लोन लेने के लिए अच्छा मौका है, क्योंकि ब्याज दरें अब 8% से नीचे जाने लगी हैं और कई बैंकों में 7.85% तक मिल रही हैं (विशेषकर अच्छी क्रेडिट स्कोर वालों के लिए)।

    क्या आगे और कटौती संभव है?

    RBI ने अपनी मौद्रिक नीति का रुख ‘न्यूट्रल’ रखा है, यानी आगे और कटौती की संभावना कम है516। इसलिए, जो लोग घर खरीदने की योजना बना रहे हैं, उनके लिए यह अच्छा मौका हो सकता है।

    निष्कर्ष

    RBI के रेपो रेट कट के बाद Canara Bank, Union Bank और IOB समेत कई बैंकों ने होम लोन ब्याज दरों में कटौती की है। इससे नए और मौजूदा ग्राहकों की EMI में सीधी राहत मिलेगी। अगर आपका लोन रेपो-लिंक्ड है, तो आपको तुरंत फायदा मिलेगा। पुराने लोन वालों को बैंक से संपर्क कर री-सेट या बैलेंस ट्रांसफर का विकल्प देखना चाहिए। ब्याज दरें अब 8% के नीचे जा रही हैं, जिससे घर खरीदना और आसान हो गया है।

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