आज से ही आप आजाद हो जाएं Be free from today onwards (EN)

मेरे बेटे ने मुझसे कहा कि मुझे पापा नर्व की टॉय गन और फुटबाल प्लेयर मेस्सी की जर्सी चाहिए. मैंने अमेजन पर चेक करके बोला बहुत महंगे है, रहने दे भाई. उसने कहा पापा मैंने जो पैसे बचाए है, उससे खरीद लेता हूँ, वो कब काम आयेंगे, वो भी तो मैंने खर्चने के लिए रखे है.

आपको बता दूं कि क्योंकि मैं पिछले कुछ सालों से पर्सनल फाइनेंस मैनेजमेंट पर फोकस कर रहा हूँ और शेयर मार्किट में भी ट्रेडिंग व निवेश कर रहा हूँ.

इसलिए मेरे दिमाग में झट से बात आई, बच्चे के दिमाग में भी ये बात घुस रखी है कि हम जो पैसा कमाते है, वो सामान या ऐशो आराम खरीदने के लिए बचाते या कमाते है.

मैंने फिर सोचा इस पर एक आर्टिकल लिख कर आपके साथ शेयर किया जाएं.

दरअसल मेरे बेटे की सोच उसे मेरी ओर से ही दी हुई है, वो तो पिछले कुछ सालों से पर्सनल फाइनेंस पर काम करने के बाद मुझे अक्ल आई है कि यह सोच गलत है.

यह सोच बहुतों की है. कमाना सिर्फ खर्चने के लिए. कमाकर कपड़े, जूते, सामान, कार, मकान सब कुछ खरीद के संपन्न हो जाए. अमीर बन जाए. मैं पूछता हूँ कि यह चीजे तो लगभग सबके पास है, क्या वो अमीर है, संपन्न और सुखी हैं ?

मैं तो अमीर, संपन्न और सुखी नहीं मानता. क्यों नहीं मानता, क्योंकि ज्यादातर लोगों ने कमाए पैसे से सब कुछ खरीद लिया, लेकिन एक चीज नहीं खरीदी और ना खरीदने की कोशिश की.

जवाब बिना पढ़े, बताये वो क्या चीज है?

वो चीज है- समय

हमने अपने कमाए पैसे से अपना समय नहीं ख़रीदा, ना खरीदने की अभी कोशिश कर रहे हैं. किसी और ने हमारा समय हमसे खरीद लिया है. हम अभी किसी के इशारे पर काम करते हैं. हमें अपनी मर्जी का काम करने के लिए कुछ दिन ही CL और EL के रूप में मिलते है. कई बार छुट्टी के दिन भी बुला लिया जाता है. जीवन का बहुत बड़ा भाग इसमें निकल जाता है. हम इतना फंस गए है कि भगवान का नाम लेना भी मुश्किल लगता है, ऐसा नहीं है कि हम बहुत बीजी रहकर भी भगवान का नाम नहीं ले सकते, लेकिन फंस इतना गए है कि इसे ही जीवन मानने लगे है.

जीवन में मार्गदर्शन के लिए एक अध्यात्मिक गुरु की सख्त जरुरत है, लेकिन कमाओ और खर्च के चक्कर में हम इतना घुस गए है कि यह क्या होता है? कुछ पता ही नहीं.

तो आज से हम जो भी कमाए उससे हम सबसे पहले समय ख़रीदे.

आपकी कमाई बढती है, तो अच्छी बात है, लेकिन यह बिलकुल जरुरी भी नहीं है कि आप कमाई बढाने के लिए दिन रात एक कर दें. आप जितना कमाते है, जितना बचाते है, उससे ही अपना समय ख़रीदे. आप एक दिन आजाद हो जायेंगे. लेकिन सोचेंगे ही नहीं तो शुरू कैसे करेंगे. शुरू नहीं करेंगे तो आजाद कैसे होंगे ? तो आज से ही शुरू करें.

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