आपका घर परिवार कब धन्य होगा (EN)

॥ ॐ श्रीपरमात्मने नमः ॥

आपका घर परिवार कब धन्य होगा

गृहस्थ में कैसे रहें ? भाग 2

रुद्रो मुण्डधरो भुजङ्गसहितो गौरी तु सद्भूषणा

स्कन्दः शम्भुसुतः षडाननयुतस्तुण्डी च लम्बोदरः ।

सिंहक्रेलिममूषकं च वृषभस्तेषां निजं वाहन-

मित्थं शम्भुगृहे विभिन्नमतिषु चौक्यं सदा वर्तते ।।

भगवान् शंकर मुण्डमाला एवं सर्प धारण किये हुए रहते हैं और पार्वती सुन्दर-सुन्दर आभूषण धारण किये हुए रहती हैं। शंकर के पुत्र कार्तिकेय छः मुखवाले तथा गणेश लम्बी सूँड़ और बड़े पेटवाले हैं। भगवान् शंकर आदि के अपने-अपने वाहन-बैल, सिंह, मोर और मूषक भी आपसमें एक-एक का भक्षण करनेवाले हैं। ऐसा होने पर भी भगवान् शंकर के विभिन्न (परस्परविरुद्ध) स्वभाववाले परिवारमें सदा एकता रहती है। इसी प्रकार गृहस्थ में विभिन्न स्वभाववालोंके साथ अपने अभिमान और सुखभोगका त्याग करके दूसरोंके हित और सुखका भाव रखते हुए आपसमें प्रेमपूर्वक एकता रहनी चाहिये।,

(१) गृहस्थ-धर्म

सानन्दं सदनं सुताश्च सुधियः कान्ता न दुर्भाषिणी

सन्मित्रं सुधनं स्वयोषिति रतिश्चाज्ञापराः सेवकाः ।

आतिथ्यं शिवपूजनं प्रतिदिनं मृष्टान्नपानं गृहे

साधोः सङ्गमुपासते हि सततं धन्यो गृहस्थाश्रमः ॥

घर में सब सुखी हैं, पुत्र बुद्धिमान् हैं, पत्नी मधुरभाषिणी है, अच्छे मित्र हैं, अपनी पत्नी का ही संग है, नौकर आज्ञापरायण हैं, प्रतिदिन अतिथि सत्कार एवं भगवान् शंकर का पूजन होता है, पवित्र एवं सुन्दर खान-पान है और नित्य ही सन्तोंका संग किया जाता है-ऐसा जो गृहस्थाश्रम है, वह धन्य है!

  • Related Posts

    मेटा पर जुर्माना, लेकिन ट्विटर–यूट्यूब पर गंदी वीडियो की बाढ़ क्यों?

    नीचे इस पूरे मुद्दे को अलग-अलग एंगल से समझने की कोशिश की है। 1. मामला आखिर है क्या? सबसे पहले तस्वीर साफ कर लें।एक तरफ तो मेटा (फेसबुक–इंस्टाग्राम की कंपनी)…

    Continue reading
    सुबह पेट साफ़ न होना: शरीर और आत्मा दोनों के लिए एक गंभीर चेतावनी

    प्रस्तावना भारतीय परंपरा में सुबह का समय ब्रह्ममुहूर्त कहा जाता है — यह केवल योग या ध्यान के लिए ही नहीं, बल्कि शरीर के शुद्धिकरण और आत्म-शुद्धि का भी समय…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    “NAMASTE योजना: आंकड़ों की चमक बनाम सफाई कर्मियों की हकीकत”

    “NAMASTE योजना: आंकड़ों की चमक बनाम सफाई कर्मियों की हकीकत”

    एफ़टीआईआई–एनएफ़एआई समर फ़िल्म अप्रिसिएशन कोर्स: सिनेमा को समझने का बेहतरीन मौका

    एफ़टीआईआई–एनएफ़एआई समर फ़िल्म अप्रिसिएशन कोर्स: सिनेमा को समझने का बेहतरीन मौका

    RBI के नए Auto-Debit नियम: फायदे कम, नुकसान ज़्यादा?

    RBI के नए Auto-Debit नियम: फायदे कम, नुकसान ज़्यादा?

    इंजीनियरिंग–मेडिकल की JEE–NEET रेस: प्रेशर, महंगी फीस, बेरोजगारी और उम्मीद की सच्ची कहानी

    इंजीनियरिंग–मेडिकल की JEE–NEET रेस: प्रेशर, महंगी फीस, बेरोजगारी और उम्मीद की सच्ची कहानी

    नोएडा के मज़दूर, महंगा गैस सिलेंडर और फ्री अनाज योजना की सच्चाई

    नोएडा के मज़दूर, महंगा गैस सिलेंडर और फ्री अनाज योजना की सच्चाई

    म्यूचुअल फंड से जेनरेशनल वेल्थ: क्या वाकई अगली पीढ़ियों का भविष्य बदल सकता है?

    म्यूचुअल फंड से जेनरेशनल वेल्थ: क्या वाकई अगली पीढ़ियों का भविष्य बदल सकता है?