खेत आदि की रक्षा के लिये कुत्ता रखा जाय तो क्या हानि है?

प्रश्न – खेत आदि की रक्षा के लिये कुत्ता रखा जाय तो क्या हानि है?

उत्तर-कुत्तेको केवल खेत आदिकी रक्षाके लिये ही रखे। समय-समयपर उसको रोटी दे, पर अपनेसे उसको दूर ही रखे। उसको अपने साथ रखना, अपने साथ घुमाना, मर्यादारहित छुआछूत करना ही निषिद्ध है। तात्पर्य है कि कुत्तेका पालन करना, उसकी रक्षा करना दोष नहीं है, प्रत्युत प्राणिमात्र का पालन करना तो गृहस्थका खास कर्तव्य है। परन्तु कुत्तेके साथ मु मिलकर रहना, उसको साथमें रखना, उसमें आसक्ति रख पतनका कारण है, क्योंकि अन्तसमयमें यदि कुत्तेका स्मरण जायगा तो अगले जन्ममें कुत्ता ही बनना पड़ेगा*।

* यं यं वापि स्मरन्भावं त्यजत्यन्ते कलेवरम्।

तं तमेवैति कौन्तेय सदा तद्भावभावितः

(गीता ८।६)

‘हे कुन्तीपुत्र अर्जुन ! मनुष्य अन्तकालमें जिस-जिस भी भावका स्मरण करते हुए, शरीर छोड़ता है, वह उसी भावसे सदा भावित होता हुआ उस-उसकी ही प्राप्त होता है अर्थात् उस-उस योनिमें ही चला जाता है।’

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