क्या मंदिर में प्रार्थना करते हुए आँखें बंद रखनी चाहिए या खुली ?

  1. प्रश्न:
    क्या नाम जाप या प्रार्थना करते समय आँखें बंद करके ध्यान करना श्रेष्ठ है या आँखें खोलकर ?
  2. उत्तर:
  • महाराज जी कहते हैं: जैसे सुविधा हो, वैसे करें।
    • आँखें बंद करें या खोलें—यह आपकी सुविधा पर निर्भर करता है।
  • मंदिर में अगर विग्रह सामने हैं तो आँखें खोलकर भगवान के दर्शन करते हुए भजन/प्रार्थना करें।
  • अगर आँख बंद करने की जरूरत लगे—कहीं ध्यान भटक रहा हो, बाहर के दृश्य विक्षेप पैदा करते हैं—तो आँखें बंद कर लें।
  • मंदिरों में पर्दा भी इसी उद्देश्य से लगाया जाता है, कि बाहर से कोई दृश्य ना आए और ध्यान एकाग्र रहे।
  • परंतु भगवान के सामने, विग्रह के सामने आँखें खोलकर भी प्रार्थना या भजन किया जा सकता है।
  • मुख्य बात यह है कि भजन/प्रार्थना मन से करना चाहिए, आँखें बंद रखना अनिवार्य नहीं है।
  • सुविधा अनुसार, मन एकाग्र करने के लिए जब जैसा ठीक लगे वही करें—आँखें खोलना या बंद करना।youtube​

नोट:
यह उत्तर महाराज जी के वचनों का सार और बिंदुवार अनुच्छेद आधार पर दिया गया है।

  1. https://www.youtube.com/watch?v=WElOW0SuBMk

Related Posts

सपने में आए प्रेमानंद महाराज, फिर दौड़ी चली आई वृन्दावन: एक एक्ट्रेस की अद्भुत कथा

प्रस्तावना: वृन्दावन की अदृश्य पुकार वृन्दावन केवल एक तीर्थ नहीं, एक भाव है। यहाँ की रज, यहाँ की गलियाँ, यहाँ बजते राधे-राधे के स्वर, सब मिलकर एक ऐसा आध्यात्मिक वातावरण…

Continue reading
नासिक TCS बीपीओ केस आपकी वजह से हुआ है

नासिक टीसीएस बीपीओ मामला: आधुनिक समाज की आध्यात्मिक गिरावट की निशानी हाल ही में नासिक के टीसीएस बीपीओ में धर्म परिवर्तन और यौन उत्पीड़न से जुड़ा मामला सामने आया। यह…

Continue reading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

प्रेमी, प्रेमिका और मंगेतर का मर्डर: क्या अध्यात्म से दूर होता इंसान सच में राक्षस बनता जा रहा है?

प्रेमी, प्रेमिका और मंगेतर का मर्डर: क्या अध्यात्म से दूर होता इंसान सच में राक्षस बनता जा रहा है?

क्यों फ्लैट के प्रॉफिट पर हम झूमते हैं, लेकिन म्यूचुअल फंड और SIP से दूर भागते हैं?

क्यों फ्लैट के प्रॉफिट पर हम झूमते हैं, लेकिन म्यूचुअल फंड और SIP से दूर भागते हैं?

लखनऊ कोचिंग सेंटर हादसा: अब हर माता–पिता को अपने बच्चे की सुरक्षा के लिए क्या करना चाहिए

लखनऊ कोचिंग सेंटर हादसा: अब हर माता–पिता को अपने बच्चे की सुरक्षा के लिए क्या करना चाहिए

एनएसई के 11 नए सेक्टोरल इंडेक्स: क्या निवेशकों का जोखिम बढ़ रहा है?

एनएसई के 11 नए सेक्टोरल इंडेक्स: क्या निवेशकों का जोखिम बढ़ रहा है?

कार चलाने से बेहतर है पब्लिक ट्रांसपोर्ट? मेरा अनुभव

कार चलाने से बेहतर है पब्लिक ट्रांसपोर्ट? मेरा अनुभव

मकान खाली कराने की कानूनी प्रक्रिया: नोटिस, बेदखली का मुकदमा और 2026 के नए रेंट नियमों की चेकलिस्ट

मकान खाली कराने की कानूनी प्रक्रिया: नोटिस, बेदखली का मुकदमा और 2026 के नए रेंट नियमों की चेकलिस्ट