अनिरुद्धाचार्य जी ने माना कि स्टॉक मार्केट जुआ नहीं

कथा वाचक अनिरुद्धाचार्य जी ने भी माना है कि स्टॉक मार्केट सिर्फ जुआ नहीं होती। दरअसल जाने-माने फाइनेंशियल एक्सपर्ट संजय कथुरिया के साथ अनिरुद्धाचार्य जी महाराज ने इंटरव्यू किया। महाराज जी ने बचत निवेश शेयर मार्केट प्रॉपर्टी सोना आदि में निवेश को लेकर कथुरिया से तमाम सवाल किया।

STOCK में पैसा सेफ नहीं ?

अनिरुद्ध आचार्य महाराज जी मानते थे कि शेयर या में पैसा लगाना जुआ है और जो लोग लालच में इसमें पैसा लगाते हैं वह अपना पैसा खो देते हैं। महाराज जी का कहना था कि शेयर मार्केट में पैसा सेफ रहने की कोई गारंटी नहीं होती, वह कहते हैं कि लोग रात में सोए और सुबह उठे तो उनका पैसा जीरो हो गया. पर कथूरिया ने कहा कि जो फ्रॉड कंपनियां होती है उसमें ऐसा होता है, लेकिन अगर देश की बड़ी और अच्छी कंपनियों में आप 10 से 15 साल के धैर्य के साथ निवेश करेंगे तो आपको अच्छा पैसा मिलेगा. जैसे रिलायंस में जिन लोगों ने 10, 15 साल पैसे लगाए उनका पैसा चार गुना हो गया जिन्होंने बजाज की कंपनियों में पैसा लगाया उनका पैसा भी कई गुना हो गया। महाराज जी ने कहा कि अच्छा इसका मतलब धैर्य रखना चाहिए और अच्छी कंपनियों खरीदनी है.

शेयर मार्किट में रातो रात पैसा दोगुना नहीं होता

कथूरिया ने कहा ज्यादा लोगों की सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि वह चाहते हैं कि आज पैसा लगे और दूसरे दिन वह डबल हो जाए वह जल्दी अमीर बनने के चक्कर में शेयर मार्केट से पैसा खोते हैं। कथूरिया ने शेयर मार्केट में निवेश की तुलना करियर से की उन्होंने कहा कि जैसे की नौकरी में एक दिन में ऊंचे पद पर नहीं पहुंच सकते इस प्रकार निवेश में भी एक रात में पैसा दोगुना होना संभव नहीं, लोग गलती ही करते हैं कि सुबह खरीद कर शाम को बेच देने का प्रयास करते हैं.

Investment में सब्र और दीर्घकालिक सोच रखना अनिवार्य

निवेश में सब्र और दीर्घकालिक सोच रखना अनिवार्य है. उन्होंने उदाहरण दिया कि बड़े ब्रांड जैसे रिलायंस टीसीएस बजाज ने पिछले 10-15 वर्षों में कई गुना रिटर्न दिए हैं. अगर व्यक्ति सही कंपनी चुनता है तो लंबी अवधि में फायदा निश्चित है. अनिरुद्ध आचार्य जी ने प्रॉपर्टी खरीदने को सुरक्षित और कम रिस्की बताया तो संजय कथूरिया ने बताया कि प्रॉपर्टी भी तभी सुरक्षित होती है जब सही लोकेशन चुनी जाए, हर समय बूम नहीं होता और गलत निवेश में रिस्क है. शेयर मार्केट में भी सारी रकम न लगाकर अच्छे कंपनियों के शेयर या म्यूचुअल फंड को चुनना चाहिए. कथूरिया ने कहा प्रॉपर्टी के लिए बड़ी राशि की आवश्यकता है जैसे 5,10 लाख जबकि शेयर बाजार में 1000 से 2000 से निवेश शुरू किया जा सकता है. छोटे निवेशकों के लिए शेयर बाजार यदि सही तरीके से किया जाए तो अच्छा पैसा कमाने का जरिया हो सकता है।

सीमित आय में धन कैसे बचायें

संजय कथुरिया ने विशेष रूप से उन लोगों को संबोधित किया जिनकी आय बहुत कम है। उनका कहना है कि कम तनख़्वाह वाले व्यक्ति को अपने खर्चों पर नियंत्रण रखना चाहिए। वह व्यर्थ के खर्चों से बचना पहली आवश्यकता मानते हैं।youtube

  • उदाहरण के लिए, अगर किसी की तनख़्वाह ₹15,000 है तो वह कम-से-कम ₹500 अलग निकाल सकता है।
  • इसे ऐसे देखें कि असल तनख़्वाह ₹14,500 है, और ₹500 हर महीने निवेश करने के लिए अलग रखें।

इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इनकम बढ़ाने का लक्ष्य रखना चाहिए। एक व्यक्ति को मेहनत करते हुए अपनी आमदनी को ₹15,000 से धीरे-धीरे ₹20,000, फिर ₹25,000, और आगे बढ़ाने के प्रयास करने चाहिए।youtube


निवेश के विकल्प : सोना, जमीन, शेयर मार्केट

निवेश के लिए सबसे आम विकल्पों की चर्चा करते हुए संजय कथुरिया ने बताया कि कुछ लोग सोना, जमीन, चांदी, प्रॉपर्टी, या स्टॉक मार्केट में पैसे लगाते हैं। महाराज ने उनसे पूछा कि उनके अनुसार सबसे सही निवेश क्या है?youtube

उनका उत्तर था—वह साधारणतः शेयर मार्केट को प्राथमिकता देते हैं, लेकिन शेयर मार्केट को जुआ नहीं मानते।youtube

  • शेयर बाजार में निवेश को ‘सट्टा’ या ‘जुआ’ नहीं कहा जा सकता अगर किसमें निवेश किया जा रहा है, यह सूझ-बूझ के साथ तय किया जाए।
  • बड़े ब्रांड या अच्छी कंपनियों के शेयर खरीदने से व्यक्ति कंपनी की प्रगति का हिस्सेदार बनता है।

उनका कहना था कि कोई गारंटी नहीं दे सकता कि शेयर की कीमत स्थिर रहेगी, परंतु अच्छी कंपनियों के शेयर्स नियमित निवेश व धैर्य के साथ 10-15 वर्षों में अच्छे रिटर्न्स देते हैं।

महिलाओं के लिए उद्यमिता और निवेश के सुझाव

महाराज ने स्त्रियों के लिए क्या काम करना चाहिए पूछा—जिससे उन्हें पति से पैसे मांगने की आवश्यकता न पड़े।

  • संजय कथूरिया ने ‘लिज्जत पापड़’ के उदाहरण को सबसे सफल महिला उद्योग बताया।youtube
  • उन्होंने यथासंभव स्त्रियों को शिक्षा और कौशल की मदद से अपना व्यवसाय ऑनलाइन आरंभ करने का सुझाव दिया।

पढ़ी-लिखी महिलाएं भी परंपरागत वस्त्र, खान-पान, या अन्य वस्तुएँ ऑनलाइन बेच सकती हैं और आर्थिक रूप से स्वतंत्र रह सकती हैं।


पैसा, रिश्ते और जीवन में संतुलन

संजय कथूरिया ने पैसे के बहुत अधिक होने और उसकी ज़रूरत के बीच संतुलन रखने की बात कही।

  • उन्होंने कहा कि पैसे से खुशी नहीं आती, बल्कि कई बार पैसे की वजह से रिश्तों में विवाद उत्पन्न हो जाते हैं।
  • उदाहरण के लिए अंबानी परिवार में धन अधिक होने की वजह से संबंधों में खटास आ गई।youtube

उनका मत है कि—

  • धन को सर पर चढ़कर इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
  • संबंधों के बीच धन लाना ठीक नहीं।
  • बड़े परिवारों में हर कोई अपना काम करे, अपनी कमाई करे। जरूरत पड़ने पर एक-दूसरे की मदद करनी चाहिए लेकिन रिश्ते ज्यादा महत्वपूर्ण हैं।

कितना पैसा कमाना पर्याप्त है?

कई लोग जीवनभर दौड़ते हैं—एक घर, दो घर, चार घर, दस घर—पर उनका परिवार पीछे छूट जाता है; खुशियाँ पीछे छूट जाती हैं।youtube

  • संजय कथूरिया ने उदाहरण दिया कि जीवन में जब व्यक्ति को महसूस हो जाए कि ‘जो प्राप्त है वह पर्याप्त है’, तो वहाँ रुक जाना चाहिए।
  • आवश्यकता से अधिक धन कमाने की प्रवृत्ति इच्छाओं को बढ़ाती जाती है।
  • अपने भविष्य, बच्चों की शिक्षा व सुरक्षा हेतु निवेश करना चाहिए, परंतु उसकी सीमा निश्चित करनी चाहिए।

बच्चों के लिए धन संचय : सही तरीका क्या?

कई लोग कहते हैं कि बच्चों के लिए अधिक धन जोड़ना चाहिए। संजय कथूरिया ने शास्त्रों का हवाला देते हुए बताया—

  • पूत कपूत तो क्यों धन संचय, पूत सपूत तो क्यों धन संचय।
  • बच्चों को योग्य बनाएं, उन्हें आत्मनिर्भर बनाएं।

उन्होंने बिल गेट्स जैसे विश्व के सबसे बड़े धनपति का उदाहरण दिया—उनकी कुल संपत्ति 200 बिलियन है, लेकिन उन्होंने अपने तीन बच्चों को मात्र 10-10 मिलियन डॉलर ही दिए। इस बात से महाराज जी काफी प्रभावित हुए.

  • शेष सारा धन उन्होंने दान करने का निश्चय किया।
  • उद्देश्य था बच्चों को बिगड़ने से बचाना।

इससे संजय कथूरिया का स्पष्ट संदेश है कि बच्चों के लिए सीमित धन संचय करना चाहिए, उन्हें मेहनत एवं आत्म-निर्भरता के लिए प्रेरित करना चाहिए।


कर्ज, आर्थिक चिंता और आत्म-संतोष

अंत में उन्होंने बताया कि बड़े-बड़े उद्योगपति जैसे अडानी, अंबानी पर लाखों-करोड़ों का कर्जा है, जबकि आम लोगों पर या तो न के बराबर या बहुत कम कर्जा होता है।

  • आम व्यक्ति यदि मेहनत करे तो अपने छोटे-मोटे कर्ज जल्दी चुका सकता है।
  • आर्थिक चिंता नहीं करनी चाहिए; बल्कि बढ़िया जिंदगी, खुश रहना, संतुष्टि ही असली धन है।youtube

संतोष के बारे में कवि की पंक्ति उद्धृत की—
“आठव जथा लाभ संतोष, जितना मिल जाए उसमें संतोष करना चाहिए।”


निष्कर्ष

संजय कथूरिया की सलाह है—

  • मेहनत करो, बार-बार इनकम बढ़ाओ।
  • खर्चों में नियंत्रण रखो; निवेश की आदत डालो।
  • लंबे समय की सोच रखो, निवेश को जुआ न समझो।
  • सही कंपनियों के शेयर खरीदो, म्यूच्यूल फंड के माध्यम से पोर्टफोलियो बनाओ।
  • महिलाओं को आत्मनिर्भर और नवाचार में आगे आना चाहिए।
  • धन और रिश्तों के बीच संतुलन बनाए रखें।
  • अपने जीवन और बच्चों की आवश्यकताओं के अनुसार सीमित धन संचय करें।
  • संतुष्ट और खुश रहने का मार्ग अपनाएं।

जीवन में जितना हो सके मेहनत करो, सीखो, बढ़ो, लेकिन सुख की खोज और संतोष को कभी मत भूलो।

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