प्रॉपर्टी खरीदते वक्त ये नियम बनाए. रिश्तेदार, जानकार को बाद में ,पहले ठाकुर जी और श्रीजी को साथ ले

प्रॉपर्टी खरीदते वक्त ये नियम बनाए ले. रिश्तेदार, जानकार को बाद में पहले ठाकुर और श्रीजी को साथ ले

मैंने इस वेबसाइट पर अध्यात्म spiritual से सम्बंधित कंटेंट डालने पर फोकस कर दिया था. अब मुझे लगता है कि इस वेबसाइट का शुरुआती उद्देश्य अध्यात्म और अर्थ यानि पैसे के बीच में संतुलन बनाने का एक रास्ता लोगो को देने का था. इसलिए मैं एक लेख लिख रहा हूँ. जो रियल एस्टेट के सम्बन्ध में है. मैं रियल एस्टेट एक्सपर्ट नहीं हूँ. हाँ, मैं निजी तौर पर कई अपने लिए प्रॉपर्टी खरीद बेच चूका हूँ और अपने आसपास लोगो, रिश्तेदारों को रियल एस्टेट खरीदता बेचता देखता हूँ और उनकी मदद करता हूँ. मैं रियल एस्टेट की ख़बरों पर भी नजर रखता हूँ. मेरे कुछ विचार जो शायद आपके काम आ सके.

महाराज जी हमेशा कहते है कि दिन भर जो भी काम किया है, उसको हर घंटे या फिर रात में सोने से पहले अपने आराध्य देव को समर्पित कर दे. साथ ही सुबह उठकर सबसे पहले संतो का नाम अवश्य स्मरण करे.

अभी इस समय अप्रैल, 2025 मैं न्यूज़ चैनल channel एनडीटीवी में परेशान होम बायर्स home buyers घर खरीदारों की एक सीरिज देखी थी. ये वे लोग जिन्होंने फ्लैट बुक कराया था, लेकिन बिल्डर ने उन्हें अभी तक फ्लैट बनाके नहीं दिया है. कुछ को फ्लैट मिल गए है तो रजिस्ट्री नहीं हुए है. बहुत से प्रोजेक्ट 10 साल से ज्यादा समय से अटके है. घर खरीदार रो रहे हैं. बिलख रहे हैं. उनका पैसा फंसा है. कई कोर्ट चले गए है. कोर्ट से भी कुछ ख़ास राहत नहीं मिली है. इन लोगों ने अपनी जिन्दगी का एक बड़ा समय कोर्ट कचहरी में लगा दिया है.

देखो, अपना घर सबके पास होना चाहिए. लेकिन अध्यात्म कहता है कि कामना से ही दुःख मिलता है. हम लोग घर ख़रीदने के चक्कर में बहुत ज्यादा उतावले हो जाते और शायद यही कारण है कि बिल्डरों के झांसे में फंस जाते है.

एक नियम बनाये

  • मैं अपने अनुभव से कह सकता हूँ कि हमें प्रॉपर्टी बिल्डर, फाइनेंसियर और डीलर से सीधे नहीं खरीदनी. प्री लांच और नई बिल्डिंग (1-डेढ़ साल) में फ्लैट नहीं लेना. तीन से चार साल पुरानी रेडी टू मूव प्रॉपर्टी लेनी है.

  • सिर्फ जेन्युइन असली प्रॉपर्टी सेलर यानि अपने जैसे नौकरी पेशे वाले कॉमन आदमी से प्रॉपर्टी खरीदनी है. क्योंकि आर्डिनरी आदमी नौकरी पेशे वाले ज्यादातर फ्रॉड नहीं करते. अगर करेंगे भी तो उन पर हम दबाव बना सकते है. लेकिन बिल्डर, प्रॉपर्टी डीलर, फाइनेंसियर, पॉलिटिशियन या उस इलाके के दबंग व्यक्ति से प्रॉपर्टी नहीं खरीदनी.

  • लाल डोरे, हरे डोरे, अवैध जगहों में प्रोएर्टी नहीं खरीदनी. ऐसी प्रॉपर्टी ख़रीदे जिसे नेशनल बैंक लोन देता हो. अथॉरिटी से पास नक़्शे वाले प्लाट पर ही प्रॉपर्टी ख़रीदे. बिल्डर द्वारा एक दो साल पुरानी बसी हुई सोसाइटी में ही फ्लैट, विला आदि ख़रीदे. पॉवर ऑफ़ अटॉर्नी में प्रॉपर्टी ना ख़रीदे.

  • खरीदने से पहले एक दिन उस सोशायटी में बिना डीलर के जाए. वहां की RWA के लोगों से जानकारी जुटाए कि यहाँ कोई फ्लैट illegal अवैध आदि किसी तरह का डिस्प्यूट तो नहीं है. गूगल में भी सोसायटी का नाम और प्रॉब्लम लिखकर सर्च करे. जो प्रॉपर्टी खरीद रहे उसका पता लिखकर सर्च करे.

  • प्रॉपर्टी की कंसट्रकशन के बारे में लोगो से पूछे. प्रॉपर्टी में सीपेज आदि का देख ले.

  • कोशिश करे कि ऐसी जगह प्रॉपर्टी ले जहाँ कोई आपके जान पहचान वाला या किसी जानकार का जानने वाला रहता हो, आपको सारी जानकारी मिल जायेगी.

  • ऑनलाइन या डायरेक्ट डीलर के पास ना जाए. अपने किसी जानकार के साथ जाए जो उस डीलर से पहले कोई सौदा कर चूका हो.

  • प्रॉपर्टी के कागज़ पूरे चेक करे. वकील से भी चेक करा सकते है. बैंक से लोन ले रहे है तो और अच्छा क्योंकि बैंक भी प्रॉपर्टी की पूरी जांच पड़ताल करता है. कई बार प्रॉपर्टी में पहले से भी लोन होते है. इसको भी बैंक के जरिये चेक करा ले. हाउस टैक्स, सीवर, वाटर टैक्स के बिल चेक करे.

  • बिना रजिस्ट्री वाली प्रॉपर्टी ना ख़रीदे. पॉवर ऑफ़ अटॉर्नी में प्रॉपर्टी ना ख़रीदे. इसकी कोई वैल्यू नहीं है. कोर्ट इसको नहीं मानता. कई डीलर बेवकूफ बनाते है कि रजिस्ट्री अभी बंद है, कुछ दिनों में खुल जायेगी. जब आप रजिस्ट्री करा लेना, अभी पॉवर ऑफ़ अटोर्नी करा कर कब्ज़ा ले लो. ऐसा मत करना. ऐसी प्रॉपर्टी को बेचने में बहुत झंझट होते है.

  • प्रॉपर्टी खरीदते वक्त पहले प्रॉपर्टी की कीमत के 10 परसेंट बयाना दे दो. फिर दो से तीन महीने का समय लेकर पेमेंट की तारीख आने पर रजिस्ट्री करने से ठीक पहले पूरी पेमेंट कर दो. रजिस्ट्री से पहले ज्यादा या फिर पूरी पेमेंट करने की जरूरत नहीं है.

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