दिल्ली के आली गाँव में चले बुलडोजर से सीखने और म्यूच्यूअल फंड को समझने की जरुरत


Aali Village की कहानी से सीख

  • Aali Village में सैकड़ों परिवारों ने ऐसी ज़मीन पर मकान बना लिए जो DDA और यूपी सिंचाई विभाग की बताई जा रही है, कई प्लॉट सिर्फ power of attorney और बिना साफ़ title के खरीदे गए थे।​
  • कोर्ट के आदेश पर चल रही कार्रवाई में 300 से ज़्यादा मकानों को नोटिस देकर खाली कराया गया और कई मकान जमींदोज हो गए, लोगों की पूरी ज़िंदगी की कमाई मलबे में बदल गई।
  • बहुत से लोग कह रहे हैं कि उन्हें भरोसेमंद काग़ज़ नहीं दिखाए गए, बस “pandit ji” या local property dealer पर विश्वास करके करोड़ों लगा दिए, जबकि ज़मीन का असली मालिक और land title clear नहीं था।​

Real estate में सबसे बड़ी गलती

  • ज़्यादातर परिवारों ने ये मान लिया कि “ज़मीन में पैसा लगाओगे तो डूबेगा नहीं”, पर असली रिस्क था –
    • जमीन का नाम किसके नाम है?
    • क्या ये DDA/सरकारी/इrrigation department की तो नहीं?
    • registry है या सिर्फ GPA / power of attorney?
  • अंधाधुंध “plot/flat” के चक्कर में लोगों ने:
    • legal due diligence नहीं कराया
    • किसी financial planner या वकील से सलाह नहीं ली
    • सारे पैसे को एक ही asset (एक ही मकान) में लगा दिया, diversification नहीं किया

Financial planner की असली भूमिका

  • Financial planner का काम सिर्फ mutual fund बेच देना नहीं, बल्कि यह देखना है कि:
    • आपके goals क्या हैं (घर, बच्चों की पढ़ाई, रिटायरमेंट आदि)
    • कितनी saving को risky assets (property, equity) और कितनी को relatively safe व liquid जगह रखना है
    • किसी भी property deal से पहले legal risk समझा कर आपको over‑concentration से बचाना है
  • Planner यह सलाह देता कि:
    • पहले साफ़ title वाली property लो, या
    • अगर title doubtful है तो उसमें करोड़ों मत लगाओ;
    • उसी रकम का बड़ा हिस्सा regulated products (mutual funds, bonds, deposits) में रखो, जहाँ कम से कम demolition जैसा risk नहीं होता।

Mutual fund क्यों ज़्यादा सुरक्षित लगते हैं?

  • Mutual funds SEBI-regulated होते हैं, units demat या statement में दिखती हैं और इन्हें कोई बुलडोज़र नहीं गिरा सकता; market की volatility तो होती है, पर “काग़ज़ non‑legal” होने का risk नहीं होता।paytmmoney
  • बड़े नाम जैसे SBI, ICICI Prudential, HDFC AMC वगैरह के कई equity funds ने लम्बी अवधि (5–10 साल) में लगभग 12–15% सालाना के आसपास returns दिए हैं, हालांकि future returns guaranteed नहीं हैं।dezerv+2​
  • Property की तरह यहां भी risk है, पर:
    • कोई political या illegal encroachment वाला demolition risk नहीं
    • आसानी से छोटी–छोटी किस्तों (SIP) में invest कर सकते हैं
    • अलग-अलग sectors व कंपनियों में diversification मिलती है

10 साल में पैसा कितना बढ़ सकता था?

मान लीजिए किसी परिवार ने Aali Village जैसी doubtful ज़मीन पर 50 लाख–1 करोड़ लगा दिए। वही पैसा अगर mutual funds में लगता, तो 10 साल में 12%–15% CAGR पर लगभग कितना हो सकता था, यह देखिए (approx compound interest से):paytmmoney

1. 50 लाख की रकम का future value

  • Formula (approx):
    • Future value ≈ Principal × (1+r)10(1 + r)^{10}(1+r)10
    • जहाँ rrr = सालाना return (decimal में), अवधि = 10 साल
  1. 12% सालाना पर (r=0.12r = 0.12r=0.12):
  • (1.12)10≈3.11(1.12)^{10} \approx 3.11(1.12)10≈3.11 [approx maths]
  • Future value ≈ 50,00,000 × 3.11 ≈ 1,55,50,000 रुपये (लगभग 1.55 करोड़)
  1. 15% सालाना पर (r=0.15r = 0.15r=0.15):
  • (1.15)10≈4.05(1.15)^{10} \approx 4.05(1.15)10≈4.05 [approx maths]
  • Future value ≈ 50,00,000 × 4.05 ≈ 2,02,50,000 रुपये (लगभग 2.0 करोड़)

यानी:

  • 50 लाख को अगर 10 साल तक 12% पर छोड़ा होता, तो करीब 1.5 करोड़ बन जाते।
  • 50 लाख को 15% पर छोड़ा होता, तो करीब 2 करोड़ तक पहुँच सकता था।

2. 1 करोड़ की रकम का future value

अब वही calculation 1 करोड़ पर:

  1. 12% सालाना पर:
  • Future value ≈ 1,00,00,000 × 3.11 ≈ 3,11,00,000 रुपये (लगभग 3.1 करोड़)
  1. 15% सालाना पर:
  • Future value ≈ 1,00,00,000 × 4.05 ≈ 4,05,00,000 रुपये (लगभग 4.0 करोड़)

इसका मतलब:

  • जिन लोगों ने 1–1.5 करोड़ की kothi illegal या doubtful ज़मीन पर बना दी, उनका पैसा practically zero के बराबर हो गया, क्योंकि मकान गिर गया और legal लड़ाई का खर्च अलग।ndtv
  • वही रकम अगर 10 साल discipline के साथ अच्छे equity mutual funds (SBI, ICICI Prudential, HDFC जैसे houses के diversified funds) में रहती, तो आज उनके पास 3–4 करोड़ का financial asset होता, जो किसी बुलडोज़र से नहीं मिटता।bajajfinserv+2​

SIP से कितना बन सकता था?

मान लें, किसी ने घर बनाने के बजाय हर महीने 25,000 रुपये SIP की:

  • साधारण rule of thumb से 12% CAGR पर 10 साल की SIP:
    • approx future value ≈ 55–60 लाख के आसपास हो सकती है (exact figure fund performance पर depend करेगी, पर broadly यही range रहती है)।sbimf+1​
  • अगर कोई 50,000 रुपये/month SIP करता, तो यह लगभग 1–1.2 करोड़ के आसपास जा सकता था (same 10 साल, 12% के पास–पास)।sbimf+1​

यानी जिस EMI या cash में लोग doubtful plot पर कच्चा‑पक्का मकान बनाते रहे, वही discipline SIP में होता तो आज उनके पास मजबूत, legal और liquid wealth होती।paytmmoney+1​


Real estate बनाम Mutual fund (संक्षिप्त तुलना)

पहलूDoubtful real estate (जैसे Aali Village) ndtvRegulated mutual funds (SBI/ICICI/HDFC आदि) dezerv+1​
Ownership riskHigh – title unclear, सरकारी ज़मीन, demolition riskLow – units आपके नाम, regulated by SEBI
Legal protectionWeak – GPA, बेनाम, court casesStronger – clear account statements, legal framework
Liquidityकम, buyer ढूँढना पड़ता हैज़्यादा, कुछ दिन में redemption संभव (scheme के हिसाब से)
Diversificationएक–दो plots में सारा पैसासैकड़ों कंपनियों में बँटा हुआ risk
Return potentialकभी बहुत ज़्यादा, कभी पूरा डूब जाता हैLong term में 10–15% जैसी historical equity range संभव
Political riskज़्यादा – encroachment, bulldozer actionबहुत कम – market risk तो है, पर demolition नहीं

आम इंसान के लिए simple सुझाव

  • legal title समझे बिना किसी से ज़मीन न खरीदे, चाहे वो “pandit ji”, relative या कोई भी trusted dealer क्यों न हो; registry, map, authority का NOC और court order तक सब verify करे।​
  • ज़मीन या मकान में पैसा तभी लगाएँ जब:
    • location और title साफ़ हों
    • आपकी total net worth का बहुत बड़ा हिस्सा सिर्फ एक ही property में न फँस जाए
  • अपनी income का हिस्सा ऐसे बाँटे:
    • कुछ पैसा emergency fund / bank / FD में
    • long term goals के लिए mutual funds (equity + debt mix) में SIP
    • और सिर्फ सोची–समझी, legally clear property में ही बड़ा allocation

Mutual fund चुनते समय किन बातों पर ध्यान दें

  • AMC का नाम देखकर ही नहीं, इन बातों पर भी ध्यान ज़रूरी है:
    • fund का category (large cap, flexi cap, ELSS, index fund आदि)
    • 5–10 साल का consistency (sirf highest return नहीं, drawdown/volatility भी)groww+2​
    • expense ratio, AUM, portfolio diversification
  • Long term wealth बनाने के लिए simple approach:
    • 1–2 अच्छे large cap / index funds
    • 1 flexi cap / multi cap fund
    • goals और risk profile के हिसाब से 10+ साल SIP जारी रखना

निष्कर्ष: ज़मीन से ज़्यादा ज़रूरी ज़मीन की जानकारी

  • Aali Village का दुखद मामला दिखाता है कि सिर्फ “मकान” होने से सुरक्षा नहीं मिलती, असली सुरक्षा साफ़ ownership और सही financial planning से आती है।ndtv+1​
  • अगर वही करोड़ों रुपये legal risk वाले प्लॉट में लगाने के बजाय diversified mutual funds और legally clear assets में लगाए जाते, तो आज वो परिवार homeless नहीं, financially stronger होते।dezerv+2​
  • हर middle class परिवार को कम से कम basic finance और land law की जानकारी लेनी चाहिए, और बड़े decisions से पहले एक qualified financial planner और legal expert से सलाह ज़रूर करनी चाहिए।

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