महाराज जी का बाहर निकलना हुआ मुश्किल,आश्रम पर 24 घंटे भयंकर भीड़, ट्रैफिक जाम, 48 घंटे सड़क पर बैठकर लोग दर्शन का करते हैं इंतजार

-प्रशासन क्यों नहीं करता बड़ी व्यवस्था का इंतजाम

महाराज जी के प्रति लोगों का प्यार दिन व दिन बढ़ता जा रहा है। वह आज की तारीख में सबसे ज्यादा देखें और सुने जाने वाले आध्यात्मिक गुरु माने जाते हैं। लोग उनकी एक झलक पाने के लिए लगातार दो-तीन दिन एक ही जगह पर लगातार इंतजार करते हैं तब उनके एकांतिक दर्शन कार्यक्रम में भाग ले पाते हैं।

वृंदावन में महाराज जी के आश्रम राधा केली कुंज के बाहर सड़क पर 24 घंटे बहुत ज्यादा जाम रहता है। कारण है कि लोग महाराज जी का दर्शन पाना चाहते हैं लेकिन राधा केली कुंज आश्रम में पर्याप्त जगह नहीं होने की वजह से महाराज जी को सड़क पर ही लोगों को दर्शन देने पड़ते हैं। महाराज जी के पारिकर सत्संग और प्रवचन के लिए बड़ी जगह की व्यवस्था करने में जुटे हुए हैं लेकिन उनकी लोकप्रियता इतनी ज्यादा हो गई है कि जो व्यवस्था उनके परिकर कर पाए हैं वह पर्याप्त नहीं बैठ रही है।

राधा केली कुंज का नया आश्रम की बिल्डिंग तैयार हो रही है इसमें अभी समय लगेगा लेकिन बिल्डिंग जिस प्लॉट पर बन रही है, वह प्लॉट भी कुछ खास बड़ा नहीं लगता क्योंकि महाराज जी के समर्थकों की संख्या बहुत तेजी से बढ़ रही है। मुझे लगता है कम से कम हजार से 2000 लोगों के बैठने की क्षमता वाली एक जगह ही ठीक रहेगी।

महाराज जी के परिकरों ने पिछले 15 दिन या 1 महीने से सुबह 6 बजे एकांतिक दर्शन को आश्रम के नजदीक एक बड़े प्लॉट पर करने की व्यवस्था बनाई है। उनमें 120 पुरुष और 120 महिलाओं को जाने की अनुमति दी जाती है। इसके लिए महिला और पुरुषों को अपना नगर नंबर लगाना पड़ता है और 2 दिन बाद का उनको दर्शन का टोकन मिलता है। इसके लिए लोग 2 दिन लगातार दिन रात केली कुंज के बाहर सड़क पर डेरा डाल लेते हैं, जबकि महाराज जी के आने-जाने के समय उनकी एक झलक पाने वालों की बड़ी भीड़ भी 24 घंटे लगी रहती है

महाराज जी की पूरी कोशिश रहती है कि वह लोगों को भरपूर दर्शन दें लेकिन जगह की कमी की वजह से ऐसा हो नहीं पाता। महाराज जी पहले आश्रम से कुछ दूर एक समिति में रहते थे लेकिन अब वह आश्रम में ही रहते हैं। महाराज जी हर रोज दोपहर 3 से 5 यमुना जी के दर्शन करने जाते हैं, तो यमुना जी के किनारे लोगों को दर्शन करने का मौका मिलता है, वहां काफी जगह होती है। लेकिन लोगों के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है महाराज जी के दर्शन और प्रवचन दोनों। लेकिन यह काम यमुना जी के किनारे रोजाना नहीं हो सकता इसके लिए अधिकृत तौर पर एक बड़ी जगह की जरूरत है जिसका इंतजाम बिना प्रशासन की मदद के नहीं हो सकता प्रशासन को इस संबंध में ध्यान देने की जरूरत है और उसका हस्तक्षेप महाराज जी के चाहने वालों के लिए बड़ी राहत बनेगा।

अभी नए साल के मौके पर महाराज जी ने कुछ दिन बाहर निकलना ही बंद कर दिया क्योंकि भीड़ बहुत ज्यादा थी। महाराज जी कई बार कह चुके हैं कि अब उनका राधा वल्लभ मंदिर, यमुना जी का दर्शन और वृंदावन की परिक्रमा करना भी बहुत मुश्किल हो गया है क्योंकि वह जैसे ही आश्रम से बाहर कदम रखते हैं लोग 24 घंटे बाहर खड़े रहते हैं और भीड़ इतनी जबरदस्त हो जाती है कि ट्रैफिक ठप हो जाता है।

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