कैसे बैंक ने धोखाधड़ी से बेच दी प्रॉपर्टी, वापस करने पड़े 2 करोड़

यहाँ आपके अनुरोध के अनुसार संशोधित हिंदी लेख है, जिसमें किसी भी स्रोत या समाचार माध्यम का नाम शामिल नहीं है:

तेलंगाना हाई कोर्ट द्वारा हाल ही में दिए गए फैसले में एक बैंक को एक खरीदार को 2 करोड़ रुपये लौटाने का निर्देश दिया गया क्योंकि बैंक ने नीलाम की जा रही संपत्ति पर चल रहे कानूनी विवाद की जानकारी खरीदार को नहीं दी थी। यह मामला इसलिए खास है क्योंकि बैंक ने खरीदार को कई तथ्य छुपाकर सौदा किया और बाद में खरीदार का पैसा जब्त करने का प्रयास किया। नीचे इस फैसले का आसान भाषा में विस्तार से वर्णन किया गया है।

मामला क्या था

  • एक बैंक ने एक संपत्ति का ई-ऑक्शन आयोजित किया था।
  • श्री मोहन ने इस संपत्ति के लिए 8 करोड़ रुपये की बोली लगाई और उनको उच्चतम बोलीदाता घोषित किया गया।
  • नियमों के तहत, मोहन ने बोली राशि का 25% यानी करीब 2 करोड़ रुपये तुरंत जमा कर दिया।
  • बाद में पता चला कि इस संपत्ति पर डेब्ट रिकवरी ट्रिब्यूनल (DRT) और उच्च न्यायालय में केस चल रहा था और उच्च न्यायालय ने बैंक को संपत्ति की बिक्री से रोक दिया था।
  • बैंक ने यह जानकारी मोहन को नहीं दी और उनसे बाकी 75% राशि जमा करने को कहा।

कानून के क्या नियम हैं

  • “सिक्योरिटी इंटरेस्ट (एनफोर्समेंट) रूल्स, 2002” के नियम 9 के मुताबिक:
    • बैंक को सार्वजनिक नोटिस और उधारकर्ता को लिखित सूचना देना जरूरी है।
    • बोली के बाद, उच्चतम बोलीदाता की पुष्टि बैंक करेगा और 25% राशि तुरंत जमा करनी होगी।
    • शेष 75% राशि 15 दिन (या अधिकतम 3 महीने तक) में जमा करनी होती है।
    • यदि समय पर भुगतान नहीं होता है, तो 25% राशि जब्त की जा सकती है।
    • पूरा भुगतान होने पर बैंक बिक्री प्रमाण पत्र जारी करता है।

विवाद कैसे बढ़ा

  • मोहन को DRT के केस की जानकारी तो बैंक ने दी थी, लेकिन उच्च न्यायालय द्वारा जारी रोक की सूचना नहीं दी थी।
  • बैंक ने बिना जानकारी दिए 75% राशि जमा करने के लिए दबाव बनाया और बाद में 25% राशि जब्त कर ली।
  • मोहन ने इस जब्ती के खिलाफ उच्च न्यायालय में याचिका दायर की।

कोर्ट का फैसला

  • अदालत ने कहा कि बैंक की जिम्मेदारी थी कि किसी भी कानूनी रोक की पूरी जानकारी खरीदार को दे।
  • जब बैंक खुद न्यायालय की रोक का पालन कर रहा था, तब खरीदार से पैसे मांगना और जब्त करना अनुचित था।
  • कोर्ट ने कहा कि नियम 9(5) का उपयोग तभी हो सकता है जब खरीदार की गलती से भुगतान न हो, पर यहाँ गलती बैंक की थी क्योंकि उसने जानकारी छुपाई।
  • बैंक ने खरीदार और गारंटर दोनों से फायदा लेना चाहा, जो “अनुचित वर्धन” (unjust enrichment) है।
  • कोर्ट ने बैंक को 4 हफ्ते के भीतर मोहन को 2 करोड़ रुपये लौटाने का आदेश दिया।

इस फैसले के प्रमुख बिंदु

  • यदि किसी संपत्ति पर कानूनी विवाद चल रहा है और बैंक नीलामी में उसे छुपाता है, तो खरीदार की जमा राशि का हकदार नहीं है।
  • खरीदार को सभी कानूनी आदेशों और प्रतिबंधों की जानकारी देना बैंक की जिम्मेदारी है, नहीं तो वे रकम वापस करने को बाध्य होंगे।
  • बैंक द्वारा अनुचित लाभ उठाना और खरीदार को अंधेरे में रखना अदालत ने गलत माना।

निष्कर्ष

यह फैसला बैंकिंग और रियल एस्टेट लेन-देन में पारदर्शिता और नैतिकता का महत्व दर्शाता है। अगर आप ऐसा कोई सौदा करने जा रहे हैं, तो सुनिश्चित करें कि आपको संपत्ति से जुड़े सभी कानूनी मामलों की पूरी जानकारी मिले और अगर बैंक कोई जानकारी छुपाए, तो आप अदालत की शरण ले सकते हैं।

Related Posts

प्रॉपर्टी में तेजी का फायदा REITs के जरिये रेगुलर इनकम का मौका

REIT एक ऐसा ज़रिया है जिससे आप कम पैसों में बड़ी‑बड़ी कमर्शियल प्रॉपर्टीज़ (जैसे ऑफिस, मॉल, IT पार्क) के किराये और प्रॉपर्टी की बढ़ती कीमत से अप्रत्यक्ष रूप से फायदा…

Continue reading
20.5 लाख कर्ज़ में फंसी नेहा की सच्ची कहानी

Neha की रातों की नींद झारखंड के एक छोटे शहर में सरकारी दफ्तर से लौटती Neha के लिए शाम का मतलब होता था कैलकुलेटर, बैंक ऐप और बढ़ता हुआ ब्याज।…

Continue reading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

प्रॉपर्टी में तेजी का फायदा REITs के जरिये रेगुलर इनकम का मौका

प्रॉपर्टी में तेजी का फायदा REITs के जरिये रेगुलर इनकम  का मौका

क्या भगवान को भजन समर्पित करने से उसका ब्याज भी मिलेगा? Bhajan Marg

क्या भगवान को भजन समर्पित करने से उसका ब्याज भी मिलेगा? Bhajan Marg

2026 में लाखों कमाने वाली स्किल्स : Ankur Warikoo

2026 में लाखों कमाने वाली स्किल्स : Ankur Warikoo

इस भक्त ने भोजन क्यों त्याग दिया? गौमाता के लिए अद्भुत त्याग की भावनात्मक कथा

इस भक्त ने भोजन क्यों त्याग दिया? गौमाता के लिए अद्भुत त्याग की भावनात्मक कथा

कुछ लोग पूजा पाठ नहीं करते फिर भी सफल क्यों हैं – प्रेमानंद जी महाराज का भजन मार्ग उपदेश

कुछ लोग पूजा पाठ नहीं करते फिर भी सफल क्यों हैं – प्रेमानंद जी महाराज का भजन मार्ग उपदेश

गजेन्द्र कोठारी कौन हैं और उनकी 100 करोड़ वाली सोच क्या है?

गजेन्द्र कोठारी कौन हैं और उनकी 100 करोड़ वाली सोच क्या है?