School-College में बोलते हैं माँ-बहन की गाली देने से दोस्ती गहरी होगी (EN)

School-College में बोलते हैं माँ-बहन की गाली देने से दोस्ती गहरी होगी

महाराज जी से एक युवा भक्त ने पूछा कि महाराज जी School-College में बोलते हैं माँ-बहन की गाली देने से दोस्ती गहरी होगी, अब क्या करे, इसे कैसे बदले ?

महाराज जी ने बोला-

इसके बदलाव के लिए हम बदले और तुम बदले, ऐसा हम नहीं कह सकते कि हम समाज बदल सकते हैं.

पहले हम बदले फिर तुम बदलो ऐसे बदलेंगे तो समाज बदल जाएगा. पहले आप सुधरो.

सुधारने वाला पहले खुद नहीं बदलेगा तो उसके किसी को अच्छी बात समझाने का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा. अगर हम अपना सुधार करके बोलेंगे तो प्रभाव पड़ेगा.

अगर हम गंदे नहीं है और आपसे कहेंगे कि गंदा आचरण नहीं करना तो यह शब्द तुम्हारी खोपड़ी में हजारों बार राउंड मारेगा और चल बैठेगा.

तुम्हारे ऊपर और तुम्हारी गंदगी को दूर करेगा.

तो हमें लगता है कि पहले हम लोग सुधरे. जैसे आप 10 लोग हो 50 लोग हो आप सुधरो आप 50 को सुधारने की सामर्थ रखते हो.

अपनी बॉडी को संयम में रखो. अपने आचरण को पवित्र रखो.

यह सोचो किसी लड़की ने जीवन में कभी किसी को छुआ नहीं और वह लड़के से ब्याही गई और उसी को अपना भगवान मान लिया, वे कितना पवित्र जीवन होगा.

किसी पुरुष ने किसी को छुआ नहीं उसने लड़की को अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार किया, आजीवन प्यार किया. कितना बढ़िया जीवन होगा,

यह आज का जो समय चल रहा है बहुत खराब चल रहा है. 10 दिन तुमसे बॉयफ्रेंड और ब्रेकअप, 10 दिन किसी और से. यह क्या है।

वाणी को पवित्र रखा जाए चरित्र को पवित्र रखा जाए खान-पान को पवित्र रखा जाए तो एक अद्भुत आनंद रहता है. एक चेहरे पर प्रसन्नता टपकती है. आपका पवित्र जीवन हो तो आपका चेहरा खुशनुमा होगा. एक खिला हुआ फूल होगा.

आज कोई शायद ही ऐसा होगा जो शराब न पीता हो. नहीं तो हर पार्टी में हर रिश्ते नाते संबंधों में यही परोसा जाता है. तभी वीईपी माना जाता है.

हमारा सब मिलकर सहयोग करो एक अच्छा वातावरण बनाने के लिए।

हमारा उद्देश्य यह है कि हम किसी के ऊपर दबाव न डालें.

हम 10 लोग मिलकर इतने पवित्र और ओजस बने कि लोग देखकर हमारा अनुकरण करने लगे.

हम तुमको बोलेंगे नहीं. लेकिन तुम देखकर जब खुशबू में आओगे तो बोलोंगे यार तुम बहुत प्रसन्न रहते हो, यार तुम्हें कोई दुख नहीं रहता, तुम बड़े अच्छे हो तो आओ हमारे पंकज में आओ.

अब उपदेश काम करेगा, ऐसे हम जबरदस्ती थोपेंगे तो काम नहीं करेगा,

अच्छे ज्ञान को वही पड़ सकता है जो भागवत मार्ग का पतिक है.

नहीं तो यही लगता है कि सब प्रवचन हो रहे हैं. अब मान लो जैसे सांसारिक पार्टियों और क्लब में जाने वाला संचार का भोग करने वाला वह संतो को क्या समझेगा, अगर साथ भी होगा तो संतो की बात समझ पाएगा भगवान कभी ना कभी कृपा करेंगे.

पर हम यह जरूर कहते हैं कि अगर हम तुम बदले और किसी के बदलने की चेष्टा ना करें तो अपने आप समाज बदलेगा.

पहले हमें बदलना चाहिए, हम अगर परिपक्व है ना तो फिर समाज बदलेगा, हां संसार ऐसा है अगर हम बदल गए तो हमारे अनुयाई बदलेंगे, पक्का बदलेंगे और हमें लग रहा है कि भगवान की कृपा से जैसे सुनने को मिलता है, आप लोग जब आते हैं, बताते हैं, हम सब बदल रहे हैं तो लाखों लोग बदल रहे हैं. इसमें भगवान की कृपया है, लाखों लोग बदल रहे हैं, अगर यह लाखों लोग बदलेंगे तो यह लाखों पर अपना प्रभाव डालेंगे.

आपके एक तरफ विश्व है और एक तरफ विश्वात्मा भगवान है. विश्वात्मा भगवान की दोस्कती पककी है. संसार में गलत लोग आपको छोड़ देंगे लेकिन भगवान आपके साथ ही हो जाएंगे.

5 वर्ष प्रहलाद के सामने हिरण कश्यप की हार हुई. आप मजबूत रहेंगे तो भगवान आपके साथी रहेंगे और भगवान आपका साथ देंगे कोई परास्त नहीं कर सकता, यह पक्की बात है.

इसलिए नाम जाप करो, पवित्र भजन करो, पवित्र व्यवहार करो.

अगर हम 10 20 50 बदल गए तो 10 20 50 को बदल देंगे.

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