दिल्ली का O‑Zone संकट: 15 लाख घरों पर मंडराता ख़तरा, सच, कानून और आगे की राह


1. O‑Zone क्या है? परिभाषा और बुनियादी बातें

  • दिल्ली मास्टर प्लान‑2021 के अनुसार यमुना नदी के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र (फ्लड प्लेन) को “O‑Zone” घोषित किया गया है।[theprint]
  • यह इलाका मुख्य रूप से वज़ीराबाद से लेकर ओखला तक यमुना के किनारे करीब 22 किलोमीटर लंबे हिस्से में फैला हुआ है और लगभग 9,700–10,000 हेक्टेयर ज़मीन को कवर करता है।[timesofindia.indiatimes]
  • इसे पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र माना गया है, ताकि
    • बाढ़ के समय यमुना का पानी फैलकर यहाँ रुक सके
    • शहर के बाकी हिस्सों में बाढ़ का जोखिम कम हो
    • ग्राउंड वाटर (भूजल) रिचार्ज हो सके
    • नदी की जैव‑विविधता और पारिस्थितिकी (इकोसिस्टम) सुरक्षित रहे।[navbharattimes.indiatimes]

सरल भाषा में: O‑Zone यानी वह हिस्सा जहाँ यमुना जब उफान पर होती है तो उसका पानी स्वाभाविक रूप से फैलता है। यहां स्थायी पक्के मकान बनाना वैसा ही है जैसे नदी के पेट में कुर्सी रखकर बैठ जाना – आम हालात में ठीक लगेगा, लेकिन जब नदी अपने असली रूप में आएगी तो सब बहा ले जाएगी।


2. O‑Zone की इतिहास: कैसे शुरू हुआ पूरा मामला?

(क) मास्टर प्लान और O‑Zone का जन्म

  • दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने शहर के सुनियोजित विकास के लिए मास्टर प्लान तैयार किया – पहले MPD‑2001, फिर MPD‑2021।[ddaservices.dda.org]
  • MPD‑2021 में यमुना के फ्लडप्लेन को अलग से एक विशेष ज़ोन के रूप में चिन्हित किया गया, जिसे “Zone O” या O‑Zone कहा गया।[theprint]
  • उद्देश्य साफ था:
    • नदी के बाढ़ क्षेत्र में किसी भी नए अवैध/स्थायी निर्माण पर रोक
    • नदी किनारे “ग्रीन बफर” बनाए रखना
    • प्रदूषण नियंत्रित करना और शहर को बाढ़ से बचाना।[timesofindia.indiatimes]

(ख) धीरे‑धीरे अनधिकृत कॉलोनियों की बसावट

  • समय के साथ, यमुना के किनारे वाले इस क्षेत्र में अनधिकृत कॉलोनियाँ बसती चली गईं।[aajtak]
  • DDA व अन्य एजेंसियों की ढीली निगरानी, ज़मीन माफिया की सक्रियता और तीव्र जनसंख्या वृद्धि की वजह से लोग सस्ते प्लॉट और कमरे खरीदकर वहीं रहने लगे।[aajtak]
  • कई कॉलोनियों में न तो सीवर की उचित व्यवस्था है, न ही ड्रेनेज, जिसकी वजह से असंशोधित (अनट्रीटेड) गंदा पानी सीधे यमुना में गिरता है और नदी और ज़्यादा प्रदूषित होती है।[theprint]

(ग) कानूनी सुरक्षा और अस्थायी राहत

  • दिल्ली में अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित (रेगुलराइज़) करने के लिए समय‑समय पर केंद्र और दिल्ली सरकार ने विभिन्न कानून/एक्ट लाकर अस्थायी संरक्षण दिया है, जिनका प्रभाव दिसंबर 2026 तक कई जगह बढ़ाया गया है।[theprint]
  • PM‑UDAY (Pradhan Mantri – Unauthorized Colonies in Delhi Awas Adhikar Yojana) के तहत कुछ कॉलोनियों को मालिकाना अधिकार दिए गए, लेकिन O‑Zone की अधिकतर कॉलोनियाँ अभी भी इसके दायरे से बाहर हैं।[timesofindia.indiatimes]

3. वर्तमान स्थिति: घर टूटेंगे या नहीं?

(क) कितने लोगों पर खतरा?

  • अलग‑अलग रिपोर्टों के अनुसार O‑Zone के अंदर 90–94 अनधिकृत कॉलोनियाँ हैं।[navbharattimes.indiatimes]
  • इन कॉलोनियों में करीब 15 लाख लोगों के घर हैं, जिन पर डिमॉलिशन (ध्वस्तीकरण) का खतरा या कम से कम कानूनी अनिश्चितता ज़रूर बनी हुई है।[aajtak]

(ख) हाल की न्यायालय और एजेंसी की कार्रवाइयाँ

  • दिल्ली हाई कोर्ट ने हाल के आदेशों में साफ कहा कि यमुना फ्लडप्लेन में आवासीय कॉलोनियाँ “पूरी तरह से अवैध/अनुमति‑रहित” हैं और ऐसे निर्माण स्वीकार्य नहीं हो सकते।[navbharattimes.indiatimes]
  • नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने भी मार्च 2026 में अधिकारियों को निर्देश दिया कि यमुना के फ्लडप्लेन की सीमा (डिमार्केशन) को तेज़ी से पूरा किया जाए और अतिक्रमण हटाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएँ।[greentribunal.gov]
  • इसके जवाब में DDA ने:
    • ड्रोन सर्वे शुरू किए
    • कई जगह O‑Zone दर्शाने वाले बोर्ड लगाए
    • एक पब्लिक नोटिस जारी कर कहा कि O‑Zone से सभी अतिक्रमण हटाए जाएंगे, सिवाय उन संरचनाओं के जो PM‑UDAY आदि के तहत पहले ही सुरक्षित की जा चुकी हैं।[etvbharat]

(ग) दिल्ली सरकार और केंद्र/डीडीए के बयान

  • मीडिया रिपोर्टों के अनुसार दिल्ली सरकार ने बयान दिया है कि O‑Zone में आने वाली 91 अनधिकृत कॉलोनियों और पुराने गाँवों के मौजूदा घरों पर फिलहाल कोई डिमॉलिशन कार्रवाई नहीं होगी; लोगों से कहा गया कि वे अफवाहों से न डरें।[instagram][youtube]
  • दूसरी तरफ DDA और केंद्र से जुड़ी राजनीतिक नेतृत्व की ओर से कहा जा रहा है कि जहाँ‑जहाँ “गलती से” O‑Zone दिखाया गया है (यानी जो सच‑मुच फ्लडप्लेन में नहीं आते), वहाँ सुधार की प्रक्रिया चल रही है, पर असली फ्लडप्लेन को खाली कराना ज़रूरी है।[facebook]
  • नतीजा यह कि लोगों में भारी भ्रम है – सरकारें कह रही हैं “घर नहीं टूटेंगे”, लेकिन कोर्ट के आदेश और DDA के नोटिस बोर्ड लोगों के मन में डर पैदा कर रहे हैं।[youtube][etvbharat]

4. कौन‑कौन से इलाके प्रभावित हैं?

समाचार रिपोर्टों और DDA के रिकॉर्ड के आधार पर broadly जो इलाके O‑Zone/यमुना फ्लडप्लेन के दायरे में बताए जाते हैं, उनमें उदाहरण के तौर पर ये नाम बार‑बार सामने आते हैं:

  • मदनपुर खादर
  • जैतपुर
  • मीठापुर
  • झंगोला
  • सोनिया विहार के कुछ हिस्से
  • खजूरी खास
  • करावल नगर के नज़दीकी हिस्से
  • वज़ीराबाद, बुराड़ी, जगतपुर, संत नगर, संगम विहार के कुछ हिस्सों पर भी मीडिया रिपोर्टों में O‑Zone संबंधित नोटिस/चिंता का ज़िक्र किया गया है।[youtube][reddit]

महत्वपूर्ण बात:

  • हर कॉलोनी या गाँव पूरा‑का‑पूरा O‑Zone में नहीं होता; कई बार केवल नदी के नज़दीक वाला हिस्सा ही फ्लडप्लेन/Zone O का हिस्सा है।[timesofindia.indiatimes]

5. O‑Zone में लोगों की क्या “गलती” है?

यह सवाल संवेदनशील है, क्योंकि यहाँ “गलती” दो स्तर पर है – सिस्टम की भी और नागरिकों की भी।

(क) सिस्टम/प्रशासन की जिम्मेदारी

  • DDA और अन्य एजेंसियाँ समय रहते फ्लडप्लेन की स्पष्ट सीमा तय करने, ज़मीन माफियाओं पर कार्रवाई करने और अवैध निर्माण रोकने में नाकाम रही हैं।[navbharattimes.indiatimes]
  • पर्याप्त किफायती और वैकल्पिक आवास उपलब्ध न होने से लोगों को मजबूरी में सस्ती, लेकिन जोखिम भरी जगहों पर बसना पड़ा।[theprint]
  • लंबे समय तक वोट‑बैंक राजनीति, चुनावी वादों और अस्थायी “रेगुलराइज़ेशन” घोषणाओं ने भी लोगों को ये भरोसा दिया कि “कुछ नहीं होगा”, जबकि मास्टर प्लान साफ कह रहा था कि यह क्षेत्र निर्माण के लिए नहीं है।[navbharattimes.indiatimes]

(ख) आम लोगों की तरफ से क्या चूक रही?

  • बिना यह जाँच किए कि ज़मीन/प्लॉट की कानूनी स्थिति क्या है, केवल “सस्ता मिल रहा है” देखकर मकान खरीद लेना।
  • बैनर‑पोस्टर, लोकल प्रॉपर्टी डीलरों और “मुहल्ले में सब बना रहे हैं” वाली मानसिकता पर भरोसा कर लेना, बजाय मास्टर प्लान/ DDA/राजस्व रिकॉर्ड देखने के।
  • कई लोगों ने दोबारा निर्माण, फ्लोर ऐडिशन, कॉमर्शियल शॉप्स आदि बनाकर और ज़्यादा लोड बढ़ा दिया, जबकि लिखित में कई दस्तावेज़ों में पहले से साफ था कि यह फ्लड जोन/पर्यावरणीय क्षेत्र है।

आम भाषा में: सिस्टम ने रास्ता गलत दिखाया, पर हममें से कई लोगों ने भी बिना नक्शा देखे उस रास्ते पर दौड़ लगा दी।


6. मास्टर प्लान, आधिकारिक दस्तावेज़ और O‑Zone

(क) मास्टर प्लान 2021 क्या कहता है?

  • MPD‑2021 में यमुना फ्लडप्लेन को O‑Zone घोषित किया गया और इसे “इको‑सेंसिटिव” ज़ोन माना गया।[theprint]
  • यहाँ मूल सिद्धांत:
    • कोई नया स्थायी आवासीय निर्माण नहीं
    • पर्यावरण संरक्षण, बाढ़ नियंत्रण, ग्राउंड वाटर रिचार्ज, जैव‑विविधता बनाए रखने को प्राथमिकता
    • केवल ऐसे उपयोग (यूज़) की अनुमति, जो नदी और पर्यावरण के अनुकूल हों – जैसे हरियाली, पार्क, वेटलैंड, कुछ विशेष पब्लिक यूटिलिटी आदि (विस्तृत सूची मास्टर प्लान में निर्धारित होती है)।[timesofindia.indiatimes]

(ख) मास्टर प्लान 2041 (ड्राफ्ट) की दिशा

  • ड्राफ्ट मास्टर प्लान 2041 में DDA ने Zone O को दो हिस्सों में बाँटने का प्रस्ताव दिया है: Zone O‑I (River Zone) और Zone O‑II (Regulated Riverfront)।[timesofindia.indiatimes]
    • Zone O‑I: कोर फ्लडप्लेन/रिवर ज़ोन, जहाँ किसी तरह का निर्माण बिल्कुल प्रतिबंधित रहेगा।
    • Zone O‑II: वह हिस्सा जहाँ पिछले 25 सालों में बाढ़ नहीं आई; यहाँ “regulated development” की बात की जा रही है, यानी सीमित और शर्तों के साथ विकास।[timesofindia.indiatimes]
  • एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि अगर फ्लडप्लेन को बहुत ज़्यादा “रेगुलेटेड डेवलपमेंट” के नाम पर निर्माण‑योग्य बना दिया गया, तो भविष्य में बाढ़ का खतरा और बढ़ सकता है।[timesofindia.indiatimes]

7. सरकार, कोर्ट और एजेंसियों के “वर्शन” में फर्क

(क) सरकार का वर्शन

  • दिल्ली सरकार की ओर से:
    • बयान आए हैं कि O‑Zone में रहने वाले करीब 15 लाख लोगों के मौजूदा घरों पर फिलहाल डिमॉलिशन नहीं होगा।[instagram][youtube]
    • 91 अनधिकृत कॉलोनियाँ और एक दर्जन पुराने गाँवों के मौजूदा निर्माणों को “सुरक्षित” बताया गया है, जबकि नए अवैध निर्माण पर सख्ती जारी रहेगी।[youtube][instagram]
  • राजनीतिक तौर पर विपक्ष और सत्तापक्ष एक‑दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं – कोई कहता है नोटिस बोर्ड लगाकर जनता को डराया जा रहा है, तो कोई कहता है कि पहले की सरकारों ने ज़मीन माफिया को खुला छोड़ा।[facebook][youtube]

(ख) DDA और केंद्र/राज्य एजेंसियों का वर्शन

  • DDA का कहना है कि वह केवल अदालतों (HC/NGT) और मास्टर प्लान के नियमों को लागू कर रहा है।[navbharattimes.indiatimes]
  • जहाँ‑जहाँ O‑Zone की सीमा गलत मापी गई है या गाँवों के सुरक्षित हिस्से को गलती से O‑Zone में दिखा दिया गया है, उसे “करेक्ट” करने की प्रक्रिया शुरू है।[facebook]
  • लेकिन वास्तविक फ्लडप्लेन में बने अवैध निर्माणों और अतिक्रमणों को समय‑बद्ध तरीके से हटाने के लिए नोटिस, सर्वे और बोर्ड लगाए जा रहे हैं।[etvbharat]

(ग) अदालतों का वर्शन

  • दिल्ली हाई कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा है कि यमुना फ्लडप्लेन में कॉलोनियाँ बसाना कानून और पर्यावरण दोनों के खिलाफ है, और इस तरह के निर्माण को प्रोत्साहित नहीं किया जा सकता।[theprint]
  • NGT भी समय‑समय पर कह चुका है कि यमुना की सफाई और फ्लडप्लेन से अतिक्रमण हटाना पर्यावरणीय अनिवार्यता है।[greentribunal.gov]

8. आम लोगों को अभी क्या करना चाहिए? (सबसे ज़रूरी हिस्सा)

आपने खासकर पूछा है – “लोगों को अब क्या करें? (इस पर पूरा ध्यान दें)”। नीचे पॉइंट‑वाइज़, प्रैक्टिकल बातें:

(1) कानूनी स्थिति स्पष्ट करें

  • सबसे पहले यह पता करें कि आपका घर/प्लॉट सचमुच O‑Zone/फ्लडप्लेन में आता है या नहीं।
    • DDA की वेबसाइट, ज़ोनल प्लान, रेवेन्यू मैप या प्रमाणित सर्वे मैप देखें।[ddaservices.dda.org]
    • यदि संभव हो तो किसी रिटायर्ड/सर्विंग सर्वेयर, राजस्व विभाग के ज्ञानी व्यक्ति, या शहरी नियोजन (अर्बन प्लानिंग) के प्रोफेशनल से नक्शा पढ़वाकर सीमा समझें।[theprint]
  • केवल लोकल प्रॉपर्टी डीलर या “किराये पर देने वाले” की बात पर भरोसा न करें; लिखित और आधिकारिक रिकॉर्ड देखना ज़रूरी है।[youtube][reddit]

(2) दस्तावेज़ व्यवस्थित रखें

  • जिन घरों को किसी योजना (PM‑UDAY आदि) के तहत कुछ संरक्षण/मालिकाना अधिकार मिले हैं, उनके सभी डॉक्युमेंट्स (रजिस्ट्रेशन, सर्टिफिकेट, प्रॉपर्टी आईडी) सुरक्षित रखें और उनकी कापियाँ अलग सुरक्षित डिजिटल रूप में स्कैन करके रखें।[theprint]
  • यदि अभी तक किसी स्कीम के लिए आवेदन नहीं किया है और आपका क्षेत्र पात्र (eligible) है, तो समय रहते आवेदन कर दें – इससे भविष्य में कानूनी स्थिति मजबूत हो सकती है।[theprint]

(3) कोई नया अवैध निर्माण न करें

  • इस समय सबसे बड़ी गलती यही होगी कि डर के बावजूद लोग “चलो एक मंज़िल और डाल लें, बाद में देखेंगे” जैसी सोच रखें।
  • कोर्ट और एजेंसियों के हालिया रुख को देखते हुए नए निर्माण, प्लॉट काटना, ऊँचाई बढ़ाना आदि पर भविष्य में सख्त कार्रवाई लगभग तय है, खासकर फ्लडप्लेन के भीतर।[youtube][navbharattimes.indiatimes]

(4) सामूहिक रूप से संगठित हों

  • अकेले‑अकेले भागने के बजाय RWA/कॉलोनी एसोसिएशन, गाँव की पंचायत, निवासी समूह बनाकर:
    • DDA, दिल्ली सरकार, लोकल सांसद/विधायक, पर्यावरण विभाग आदि के साथ आधिकारिक मीटिंग कीजिए।[etvbharat]
    • उनसे लिखित में स्थिति स्पष्ट करने, ज़ोन की सही‑सही लिमिट जारी करने और पुनर्वास/विकल्प की योजना बताने की माँग कीजिए।[etvbharat]
  • शांतिपूर्ण, कानूनी दायरे में रहकर धरना‑प्रदर्शन, ज्ञापन देना आदि लोकतांत्रिक अधिकार हैं; पर हिंसक या अवैध रास्ता उल्टा नुकसान करेगा।[etvbharat]

(5) व्यक्तिगत वित्तीय प्लानिंग

  • अपने घर को अभी “100% सेफ एसेट” मत मानिए, खासकर यदि वह कन्फर्म O‑Zone/फ्लडप्लेन में आता है।
  • अपने समग्र पोर्टफोलियो में:
    • इमरजेंसी फंड को मज़बूत कीजिए (कम से कम 6–12 महीनों के खर्च की व्यवस्था)
    • घर के अलावा म्यूचुअल फंड्स, बॉन्ड, फिक्स्ड डिपॉज़िट आदि में भी विविधता (डाइवर्सिफिकेशन) रखिए, ताकि यदि भविष्य में घर की वैल्यू या स्थिति पर असर पड़े तो पूरा जीवन अस्त‑व्यस्त न हो।
  • यदि कॉलोनी की कानूनी स्थिति बहुत अनिश्चित लग रही हो और आपको वैकल्पिक लोकेशन अफोर्डेबल और बेहतर दिखे, तो लॉन्ग‑टर्म में धीरे‑धीरे शिफ्ट प्लान करने पर भी विचार किया जा सकता है – पर यह बहुत व्यक्तिगत निर्णय है, जल्दबाज़ी नहीं करनी चाहिए।

(6) बाढ़ और आपदा की तैयारी

  • यदि आप ऐसे हिस्से में हैं जो वास्तव में हर कुछ साल में बाढ़ झेलता है, तो:
    • महत्त्वपूर्ण दस्तावेज़, सोना, कैश, डिजिटल बैक‑अप आदि ऊँचे और सुरक्षित स्थान पर रखें
    • परिवार के साथ “इमरजेंसी प्लान” बनाकर रखें – अगर अचानक बाढ़ आती है तो कहाँ जाना है, किसे कॉल करना है, किन चीज़ों को पहले सुरक्षित रखना है
    • मॉनसून के समय लोकल प्रशासन की एडवाइजरी पर ध्यान दें, अफवाहों के बजाय आधिकारिक अलर्ट पर भरोसा करें।[navbharattimes.indiatimes]

9. आगे क्या हो सकता है? संभावित परिदृश्य

यह हिस्सा अनुमान आधारित है, पर वर्तमान दस्तावेज़ों और रुझान से broadly कुछ परिदृश्य दिखते हैं:

  • कोर फ्लडप्लेन (River Zone / Zone O‑I) में बने निर्माणों पर आने वाले वर्षों में चरणबद्ध तरीके से कड़ी कार्रवाई हो सकती है, खासकर जहाँ कोर्ट के आदेश सीधे लागू हैं।[timesofindia.indiatimes]
  • जो कॉलोनियाँ बहुत गहरे अंदर नदी की ओर हैं, और जिनके पास कोई रेगुलराइजेशन, स्कीम या टाइटल नहीं है, वहाँ जोखिम अपेक्षाकृत ज़्यादा है।[aajtak]
  • कुछ हिस्सों को “रेगुलेटेड रिवरफ्रंट” (Zone O‑II) के रूप में भविष्योन्मुखी प्लानिंग के तहत विकसित करने की कोशिश हो सकती है, जहाँ सख्त नियमों के साथ कुछ विकास की अनुमति दी जाए – लेकिन यह काफी हद तक आने वाले मास्टर प्लान, कोर्ट और पर्यावरणीय स्टडी पर निर्भर करेगा।[timesofindia.indiatimes]
  • राजनीतिक‑सामाजिक दबाव के चलते सरकारें डिमॉलिशन की स्पीड को सीमित रख सकती हैं, पर कानूनी अनिश्चितता और लटकन बनी रह सकती है, जब तक स्पष्ट, दीर्घकालिक पॉलिसी नहीं बनती।[youtube][facebook]

10. निष्कर्ष: सीख क्या है?

  1. O‑Zone कोई रहस्यमयी “साज़िश” नहीं, बल्कि यमुना का प्राकृतिक फ्लडप्लेन और मास्टर प्लान का एक पर्यावरण‑केंद्रित ज़ोन है।
  2. सिस्टम की लापरवाही और लोगों की मजबूरी/अनदेखी मिलकर आज 15 लाख से अधिक लोगों को कानूनी और भावनात्मक दुविधा में ले आई है।
  3. अभी के लिए:
    • घबराहट से ज़्यादा सूचना पर ध्यान देना ज़रूरी है
    • अपने क्षेत्र की असली कानूनी स्थिति समझना ज़रूरी है
    • सामूहिक रूप से अधिकार भी माँगने हैं, और पर्यावरणीय वास्तविकता को भी स्वीकार करना है।

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