नीचे पूरी कथा को छोटे–छोटे वाक्यों में, बिंदुवार और सरल भाषा में लिखा जा रहा है।
1. कहानी की भूमिका
- एक चोर रात में चोरी करने निकलता है।
- रास्ते में एक साधु (महात्मा) की कुटिया आती है।
- अभी पूरा अँधेरा नहीं हुआ था।
- चोर सोचता है कि पहले महात्मा के पास बैठते हैं।
- वह कुटिया में जाकर महात्मा को प्रणाम करता है।
2. चोर और साधु की पहली बात
- महात्मा पूछते हैं – तुम कौन हो?
- चोर सोचता है कि महात्मा से झूठ बोलना ठीक नहीं।
- वह साफ–साफ कहता है – मैं चोर हूँ।
- महात्मा पूछते हैं – चोरी क्यों करते हो?
- चोर कहता है – मुझे कोई और काम आता नहीं।
- इसी से मेरा और मेरे परिवार का पेट चलता है।
- चोरी में अलग से पैसा नहीं लगता, बस शरीर और मेहनत लगती है।
3. साधु की शर्त – चोरी मत छोड़ो, झूठ छोड़ो
- महात्मा कहते हैं – अगर हम तुमसे कुछ मांगें तो दोगे?[youtube]
- चोर कहता है – महात्मा जो मांगें, देना चाहिए, नहीं तो पाप लगता है।[youtube]
- वह विनती करता है – कुछ भी माँग लेना, पर चोरी छोड़ने को मत कहना।[youtube]
- कारण बताता है – अगर चोरी छोड़ दी तो मैं और मेरा परिवार भूखे मर जाएँगे।[youtube]
- महात्मा कहते हैं – ठीक है, हम तुमसे चोरी छोड़ने को नहीं कहेंगे।[youtube]
- महात्मा कहते हैं – हम तुमसे केवल इतना मांगते हैं कि तुम कभी झूठ मत बोलना।[youtube]
- चोर घबरा जाता है।[youtube]
- कहता है – महाराज, चोर होकर भी अगर झूठ न बोलूँ, तो आप तो मुझे मरवा ही देंगे।[youtube]
- पहले ही चोरी, ऊपर से सत्यवादिता, तब तो जल्दी पकड़ा जाऊँगा।[youtube]
- महात्मा आग्रह करते हैं – अब तो तुम्हें यह वचन देना पड़ेगा।[youtube]
- अंत में चोर मान जाता है।[youtube]
- वह कहता है – आज के बाद मैं आपसे वचन देता हूँ कि झूठ नहीं बोलूँगा।[youtube]
4. चोर की योजना – कम बार पर बड़ी चोरी
- चोर महात्मा को प्रणाम करके चल देता है।[youtube]
- अब वह सोचता है – जब हमेशा सत्य ही बोलना है, तो जल्दी पकड़ा जाऊँगा।[youtube]
- वह सोचता है – क्यों न एक–दो बड़ी चोरी कर लूँ, ताकि बार–बार चोरी करने की ज़रूरत न पड़े।[youtube]
- वह जगह ढूँढने लगता है कि कहाँ चोरी की जाए।[youtube]
5. राजा से मुलाक़ात
- उसी समय उस राज्य का राजा भी वेश बदलकर रात में नगर का भ्रमण कर रहा था।[youtube]
- पहले के राजा दिन में नहीं, रात में भेष बदलकर जनता के बीच निकलते थे।[youtube]
- राजा की नज़र चोर पर पड़ती है।[youtube]
- राजा पूछता है – कौन है तू?[youtube]
- चोर को महात्मा का दिया वचन याद आता है।[youtube]
- वह तुरंत कहता है – मैं चोर हूँ।[youtube]
- राजा चकित हो जाता है।[youtube]
- वह सोचता है – गजब का चोर है, एकदम हरिश्चंद्र की तरह साफ–साफ बोल रहा है कि मैं चोर हूँ।[youtube]
6. राजा भी चोर बन गया
- अब चोर पूछता है – तुम कौन हो?[youtube]
- राजा, अपनी पहचान छिपाने के लिए, नाटक करता है।[youtube]
- वह कहता है – हम भी चोर हैं।[youtube]
- राजा कहता है – आज हमारा चोरी में पहला दिन है।[youtube]
- चोर कहता है – एक से अच्छे दो, चलो दोनों मिलकर चोरी करेंगे।[youtube]
- चोर पहले हिचकिचाता है – वह कहता है कि मैं तुम्हें जानता भी नहीं।[youtube]
- राजा कहता है – मैं पहले महल में काम करता था।[youtube]
- राजा झूठी कहानी गढ़ता है कि राजा ने मेरा अपमान करके मुझे निकाल दिया।[youtube]
- वह कहता है – आज मैं तुम्हें महल में चोरी करवाऊँगा।[youtube]
- चोर डर जाता है – कहता है, पागल हो क्या, महल में चोरी करोगे?[youtube]
- वह तर्क देता है – कहीं और चोरी करेंगे तो राजा दया भी कर सकता है, पर महल में पकड़े गए तो प्राण ही चले जाएँगे।[youtube]
- राजा उसे भरोसा दिलाता है – मैं महल को अच्छी तरह जानता हूँ, चोरी भी फर्स्ट क्लास करवाऊँगा।[youtube]
7. सौदा – रास्ता मेरा, खजाना तुम्हारा, हिस्सा आधा–आधा
- राजा कहता है – मैं महल में बहुत दिनों तक काम कर चुका हूँ।[youtube]
- मुझे गुप्त रास्ते भी पता हैं, मुझे मालूम है खजाना कहाँ रखा है।[youtube]
- वह कहता है – मुझे राजा से बदला लेना है।[youtube]
- चोर सोचता है – शायद महात्मा के दर्शन का फल मिल रहा है।[youtube]
- पहले तो महल के बारे में कुछ नहीं पता था, अब तो पूरा गुप्त विभाग मिल गया।[youtube]
- चोर पूछता है – तुम्हें क्या चाहिए?[youtube]
- राजा कहता है – मैं चोरी नहीं करूँगा, बस तुम्हें खजाने तक पहुँचा दूँगा।[youtube]
- सौदा तय होता है – जो भी चोरी करोगे, उसमें से 50–50 हिस्सा होगा।[youtube]
- चोर राज़ी हो जाता है।[youtube]
8. खजाने तक पहुँचना
- राजा चोर को पीछे की तरफ से महल में ले जाता है।[youtube]
- राजा को पहले से गुप्त द्वार का ज्ञान होता है।[youtube]
- पीछे की ओर एक दरवाज़ा था, जो सीधे खजाने में खुलता था।[youtube]
- राजा चोर से कहता है – मैं बाहर खड़ा रहता हूँ, कोई आए तो इशारा कर दूँगा, तुम भीतर जाओ।[youtube]
- चोर खजाने के कमरे में प्रवेश करता है।[youtube]
- वह देखता है – बहुत सारा सोना, चाँदी और अन्य धन वहाँ रखा है।[youtube]
9. तीन हीरों वाला डिब्बा
- खजाने के बीच में उसे एक विशेष डिब्बा दिखाई देता है।[youtube]
- डिब्बा सबसे ऊपर रखा होता है, तो वह सोचता है – इसमें ज़रूर कोई खास चीज़ होगी।[youtube]
- वह वह डिब्बा उतारता है।[youtube]
- डिब्बे के अंदर एक और डिब्बा निकलता है।[youtube]
- वह सोचता है – इसमें और भी कीमती चीज़ होगी।[youtube]
- उस डिब्बे के भीतर तीसरा डिब्बा निकलता है।[youtube]
- उसे आश्चर्य होता है – ये बॉक्स ही बॉक्स हैं, या इनमें कुछ है भी?[youtube]
- अंत में बहुत छोटा सा डिब्बा निकलता है।[youtube]
- उस छोटे डिब्बे में तीन अनमोल हीरे होते हैं।[youtube]
10. चोर का संतोष – तीन की जगह दो हीरे
- चोर अब गणित सोचता है – अगर मैं तीनों हीरे चुरा लूँ, तो 50–50 बाँटना मुश्किल होगा।[youtube]
- अगर हीरे तोड़ दूँ, तो उनकी कीमत कम हो जाएगी।[youtube]
- इसलिए वह निश्चय करता है कि तीन की जगह केवल दो हीरे चुराएगा।[youtube]
- वह दो हीरे उठा लेता है।[youtube]
- एक हीरा उसी डिब्बे में छोड़ देता है।[youtube]
- वह सोचता है – एक हीरा भी मेरे पूरे जीवन के लिए काफी है।[youtube]
- कथा में समझाया जाता है कि चोर भी कभी–कभी संतोषी हो सकते हैं।[youtube]
- अगर वह बहुत लोभी होता, तो तीनों हीरे चुराकर, दो दिखाकर, एक छिपा सकता था।[youtube]
11. बाहर आकर बँटवारा
- चोर हीरे लेकर बाहर आता है।[youtube]
- वह एक हीरा खुद रखता है।[youtube]
- दूसरा हीरा उस “दूसरे चोर” यानी राजा को दे देता है।[youtube]
- राजा को पहले से मालूम था कि डिब्बे में तीन हीरे हैं।[youtube]
- लेकिन चोर कहता है – दो ही हीरे हमने चोरी किए, एक तुम्हारा, एक मेरा।[youtube]
- राजा सब जानते हुए भी कुछ नहीं कहता, बस “इट्स ओके” कह देता है।[youtube]
- फिर राजा कहता है – आज से तू मुझे नहीं जानता, और मैं तुझे नहीं जानता, यहीं बात खत्म।[youtube]
- चोर मान जाता है और वहाँ से चला जाता है।[youtube]
12. राजा की नज़र में चोर की इज़्ज़त
- चोर के जाने के बाद राजा स्वयं खजाने के कमरे में जाता है।[youtube]
- वह देखता है – डिब्बा खुला पड़ा है, और अंदर एक हीरा अभी भी रखा है।[youtube]
- राजा को विश्वास हो जाता है कि चोर ने सचमुच केवल दो हीरे चुराए।[youtube]
- राजा के मन में उस चोर के प्रति आदर बढ़ जाता है।[youtube]
- वह सोचता है – यह चोर है पर सच बोलने वाला है, और बँटवारे के लिए ही दो हीरे लिए।[youtube]
- यह बड़ी बात है कि जिसके खजाने से चोरी हुई, उसी की नज़रों में चोर की इज्जत बढ़ जाती है।[youtube]
13. सुबह का हंगामा
- सुबह होते ही महल में शोर मचता है – खजाने में चोरी हो गई।[youtube]
- खजाने का दरवाज़ा खुला मिलता है।[youtube]
- राज्य का मुख्य मंत्री भागा–भागा खजाने के पास पहुँचता है।[youtube]
- वह देखता है कि कहाँ–कहाँ से चोरी हुई है।[youtube]
- उसे पहले से मालूम होता है कि वहाँ तीन हीरे रखे हैं।[youtube]
- गिनने पर पता चलता है – दो हीरे गायब हैं, एक हीरा मौजूद है।[youtube]
14. मंत्री की लालच और झूठ
- मंत्री सोचता है – अगर कोई चोर पकड़ा भी गया, तो कौन मानेगा कि उसने केवल दो हीरे चुराए?[youtube]
- वह मौके का फ़ायदा उठाता है।[youtube]
- वह बचे हुए एक हीरे को भी उठा लेता है।[youtube]
- अब वहाँ से वास्तव में तीनों हीरे गायब हो जाते हैं।[youtube]
- राजा अभी तक खजाने की जगह पर नहीं आया होता।[youtube]
- बाद में राजा के सामने मंत्री झूठ बोलता है – महाराज, यहाँ के तीनों हीरे चोरी हो गए हैं।[youtube]
- वह कहता है – तीनों हीरे गायब हैं, एक भी नहीं बचा।[youtube]
15. राजा का सच और मंत्री का पर्दाफाश
- राजा मंद–मंद मुस्कुराता है।[youtube]
- वह सोचता है – मुझे तो पता है कि चोर ने केवल दो हीरे लिए थे, तीसरा मैंने स्वयं देखा था।[youtube]
- राजा कहता है – हाँ, चोरी तीन ही हुई हैं।[youtube]
- वह बताता है – जब चोर को विदा करके मैं स्वयं खजाने में आया था, तब एक हीरा मौजूद था।[youtube]
- अब तीन गायब हैं, मतलब एक तुमने भी चुराया है, मंत्री जी।[youtube]
- राजा साफ़ कहता है – चोरी तो तीन हीरों की हुई है, और यह भी सत्य है कि इस चोर ने केवल दो ही चुराए।[youtube]
- तीसरा हीरा तुमने लिया है।[youtube]
- मंत्री तिलमिला जाता है।[youtube]
- वह अपनी वफादारी का रोना रोता है – महाराज, आप मेरी जीवन भर की निष्ठा पर उंगली उठा रहे हैं।[youtube]
16. चोर की गिरफ़्तारी और सत्यवादिता
- प्रशासन की तलाश में चोर पकड़ लिया जाता है।[youtube]
- चोर से पूछताछ होती है – क्या तुमने रात को चोरी की?[youtube]
- वह वचन के अनुसार स्वीकार करता है – हाँ, चोरी की।[youtube]
- पूछा जाता है – अकेले थे या और कोई था?[youtube]
- चोर सच–सच कहता है – हम दो चोर थे।[youtube]
- उससे पूछा जाता है – दूसरा चोर कहाँ है?[youtube]
- वह जवाब देता है – मुझे नहीं पता, वहीं मिला था, वहीं अलग हो गया।[youtube]
- उससे पूछा जाता है – हीरे कहाँ हैं?[youtube]
- वह एक हीरा निकालकर देता है – कहता है, यह रहा, जो मैंने अपने पास रखा था।[youtube]
- फिर पूछा जाता है – कितने हीरे चोरी किए थे?[youtube]
- वह कहता है – दो हीरे।[youtube]
17. मंत्री का दबाव और झूठा आरोप
- मंत्री गुस्सा हो जाता है।[youtube]
- वह कहता है – तीन हीरे गायब हैं, और तू कह रहा है दो चुराए।[youtube]
- वह चोर को झूठा बताता है – कहता है, चोर होकर हरिश्चंद्र बन रहा है, सच बोल रहा है, ऐसा नहीं हो सकता।[youtube]
- मंत्री धमकी देता है – सच–सच बता, नहीं तो आज तुझे फाँसी पर चढ़वा दूँगा।[youtube]
- चोर फिर भी अपना सच दोहराता है – दो हीरे चोरी किए, एक मैंने रखा, एक दूसरे चोर को दिया, तीसरा वहीं छोड़ दिया था।[youtube]
18. राजा का हस्तक्षेप – असली दूसरा चोर
- जब मंत्री बहुत ज़्यादा गुस्सा करने लगता है, तब राजा बोल उठता है।[youtube]
- राजा कहता है – मंत्री जी, चोरी तीन ही हुई हैं, और यह भी सत्य है कि इसने केवल दो ही चुराए।[youtube]
- मंत्री चौंक जाता है – कहता है, महाराज, आप क्या कह रहे हैं? तीनों हीरे तो गायब हैं।[youtube]
- राजा कहता है – तीसरा हीरा तुमने चुराया है।[youtube]
- फिर राजा सच प्रकट करता है – दूसरा चोर कौन था।[youtube]
- राजा कहता है – अभी दूसरा चोर पकड़ा नहीं गया, पर तुम जानते भी हो कि दूसरा चोर कौन है?[youtube]
- फिर स्वयं कहता है – वह दूसरा चोर मैं ही हूँ।[youtube]
- मैं ही इसके साथ रात को चोरी करने गया था।[youtube]
- राजा चोर की प्रशंसा करता है – कहता है, भला हो इस चोर का, यह तुमसे ज़्यादा सत्यवादी है।[youtube]
- इसने एक भी शब्द झूठ नहीं कहा।[youtube]
- और तुम, मंत्री होकर भी झूठ बोलते हो, तुम्हें शर्म आनी चाहिए।[youtube]
19. चोर बना मंत्री, मंत्री गया जेल
- राजा तुरंत निर्णय लेता है।[youtube]
- वह चोर को मंत्री बना देता है।[youtube]
- पुराने मंत्री को जेल में डाल देता है।[youtube]
- यह सच्चा न्याय है – जहाँ सत्य के आधार पर फैसला किया जाता है।[youtube]
20. कथा की शिक्षा
- महाराज जी समझाते हैं – न्याय हमेशा सत्य के ऊपर होना चाहिए, केवल सबूत के ऊपर नहीं।[youtube]
- आजकल की न्याय–प्रणाली सबूत मांगती है, पर सबूत बनाए जा सकते हैं।[youtube]
- झूठी गवाही के लिए लोग पैसे लेकर कोर्ट में आ जाते हैं।[youtube]
- अगर न्याय केवल कागज़ी सबूत पर होगा, तो कई बार सच हार जाएगा।[youtube]
- इसलिए असली न्याय सत्य के आधार पर होना चाहिए।[youtube]
- वे कहते हैं – जिस गीता की कसम खाकर लोग कोर्ट में झूठ बोलते हैं, अगर वही गीता हम बच्चों को पढ़ा दें, तो कोर्ट और जेल दोनों खाली हो जाएँ।[youtube]
अगर आप चाहें, तो मैं इसी कहानी से “मुख्य शिक्षाएँ” अलग से 10–15 छोटे बिंदुओं में भी लिख सकता हूँ, जिन्हें आप बच्चों को या कक्षा में समझा सकें।








