2026 में पैसे कमाने और करियर बनाने पर यह पॉडकास्ट युवाओं के लिए बेहद प्रेरक है, क्योंकि इसमें Ankur Warikoo ने स्किल्स, AI, फ्रीलांसिंग और सीखने की आदतों पर साफ़ और प्रैक्टिकल बातें की हैं।
2026 की नई सोच और करियर का ट्रेंड
- आज के समय में करियर का सबसे बड़ा बदलाव नज़रिए का है, सिर्फ स्किल्स का नहीं। पहले माना जाता था कि अगर JEE/NEET क्लियर नहीं हुआ या सरकारी नौकरी नहीं मिली तो जिंदगी बर्बाद है।
- अब लैपटॉप और इंटरनेट के ज़रिए छोटे शहर से भी इंटरनेशनल क्लाइंट्स को सर्विस देना संभव है, जैसे Anchal सागर जैसे शहर से एजेंसी चला रही हैं।
- जनरेशन Z के अंदर उम्मीद की एक नई लहर दिखती है – लोग मानते हैं कि 22–25 साल की उम्र में भी करोड़पति बना जा सकता है, फ्रीलांसिंग, कंटेंट क्रिएशन, डिजाइन, राइटिंग जैसी स्किल्स से अच्छी कमाई संभव है।
2026 में जरूरी स्किल्स और AI का रोल
- Warikoo के अनुसार किसी भी स्किल में अगर टेक्नोलॉजी जोड़ दी जाए तो उसकी वैल्यू कई गुना बढ़ जाती है, चाहे वह मैन्युफैक्चरिंग हो, थेरेपी हो, कंटेंट राइटिंग हो या कोई और फील्ड।
- 2025–26 में सबसे इंपॉर्टेंट स्किल है अपने करियर को बार‑बार reinvent करने की क्षमता, क्योंकि दुनिया इतनी तेजी से बदल रही है कि एक ही स्किल पर टिके रहना रिस्की हो चुका है।
- AI को सिर्फ ChatGPT टाइप LLM तक सीमित न रखकर टूल‑स्पेसिफिक स्किल बनाना ज़रूरी है – जैसे प्रेज़ेंटेशन के लिए Gamma, कंटेंट राइटिंग के लिए Grammarly/अन्य टूल्स, वॉइस‑टू‑टेक्स्ट के लिए Whisper, Canva से विज़ुअल्स वगैरह।
- जो लोग अभी AI टूल्स को स्मार्ट तरीके से यूज़ कर लेते हैं, उनके पास 1–3 साल की एक छोटी सी विंडो में बहुत बड़ा एडवांटेज है, क्योंकि आगे चलकर यह सब कॉमन हो जाएगा।
कैसे सीखें कोई भी स्किल (स्टेप बाय स्टेप)
- Warikoo कहते हैं कि आज की दुनिया में “सीखने” के लिए कोई बहाना नहीं बचा, क्योंकि YouTube और इंटरनेट पर बेहतरीन फ्री कंटेंट उपलब्ध है।
- नया स्किल सीखने की उनकी सुझाई हुई स्टेप‑बाय‑स्टेप प्रोसेस:
- Step 1: YouTube से फ्री वीडियो देखकर शुरुआत करो, यह चेक करो कि मजा आ रहा है या नहीं, दिमाग खुल रहा है या नहीं।
- Step 2: अगर इंट्रेस्ट बना रहे तो छोटे, सस्ते ऑनलाइन कोर्स लो (Coursera, Udemy, ओपन सोर्स कोर्स आदि)।
- Step 3: फिर उस स्किल से जुड़ी कम्युनिटीज जॉइन करो – Twitter, LinkedIn, Reddit, Facebook ग्रुप्स, जहां उसी फील्ड के लोग डिस्कशन करते हैं।
- Step 4: एक–दो महीने लगातार ऐसे सीखने और माहौल में रहने से आप उस स्किल के बारे में ज़्यादातर लोगों से ज़्यादा जानने लगते हैं।
- Step 5: जब क्लैरिटी आ जाए कि यह स्किल आपके लिए सही है, तभी कोई बड़ा, ऑर्गेनाइज़्ड कोर्स लो (3–6 महीने या 1 साल वाला), ताकि करियर‑लेवल डेप्थ मिल सके।
आदतें, डर, फेलियर और लोगों की बातें
- उनकी नज़र में असली फेलियर का मतलब है “हार मान लेना”; रेस हारना लॉस है, लेकिन दौड़ना छोड़ देना फेलियर है।
- ज़िंदगी में सीखने के दो तरीके बताए गए हैं – या तो किसी और का ज्ञान सुनकर, या खुद अनुभव करके; और वे मानते हैं कि अपना अनुभव करके सीखना ज़्यादा गहरा होता है, भले उसमें गिरना और गलतियाँ शामिल हों।
- हर Learner के लिए ज़रूरी आदतें फोर्स नहीं की जा सकतीं; लाइफ किसी मोड़ पर मजबूर करके पूछती है कि क्या तुम ये अच्छी आदतें अपनाना चाहोगे या नहीं, और उसी जवाब से आगे की जीत तय होती है।
- डर (जैसे क्लाइंट मीटिंग का डर) का एक ही इलाज बताया गया है – डर का सामना करना; कितनी भी किताबें और पॉडकास्ट सुन लो, डर तभी कम होगा जब आप वही काम बार‑बार करके देखें।
- लोगों के ताने और ट्रोलिंग को वे “कवच” बनाने जैसा बताते हैं – जितना आप उन्हें झेलकर, समझकर और प्रोसेस करके आगे बढ़ते हैं, उतना आपका मानसिक कवच बड़ा और मजबूत होता जाता है।
स्कूल, कॉलेज और लाइफ़टाइम लर्निंग
- Warikoo मानते हैं कि स्कूल/कॉलेज की असली ताकत फिजिक्स–केमिस्ट्री नहीं, बल्कि रोज सुबह उठने, तैयार होने, समय पर पहुँचने और रूटीन फॉलो करने की डिसिप्लिन सिखाना है।
- वे एक ऐसे स्कूल की कल्पना करते हैं जहाँ हर बच्चे को तीन बेसिक चीजें मजबूत कराई जाएं:
- Maths – ताकि नंबर और लॉजिक समझ सकें।
- Science – यानी दुनिया कैसे काम करती है, यह समझना, सिर्फ फॉर्मूला नहीं।
- Communication – अपने आइडियाज को साफ़ तरीके से लोगों तक पहुँचाने की कला।
- बाकी सब्जेक्ट बच्चे की पसंद के हिसाब से हों – किसी को फिजिक्स पसंद हो, किसी को फिलॉसफी, किसी को खेल – और सीखने का माहौल डर से नहीं, जिज्ञासा और मज़े से भरा हो।
- उनकी अंतिम सलाह यह है कि दुनिया इतनी तेज़ बदल रही है कि जीतने का एक ही रास्ता है – अपनी ग्रोथ में लगातार निवेश करना और जिंदगी भर स्टूडेंट बने रहना, क्योंकि जिस दिन आपने सीखना छोड़ दिया, उसी दिन से आप पीछे छूटने लगते हैं।








