बजट में ड्रीम डेस्टिनेशन वेडिंग: पुराने रुझानों को पीछे छोड़ते हुए टियर 2-3 शहरों की बढ़ती लोकप्रियता

धीरज कनोजिया, फाइनेंसियल और लाइफ कोच, जो आपको अध्यात्म से लेकर पर्सनल फाइनेंस में आपकी मदद करेगा, आपको मन और धन की शांति देने की पूरी कोशिश करेगा. Contact. 9953367068, dheerajkanojia810@gmail.com

परिचय

भारतीय शादियों का भव्य आयोजन अब सिर्फ अमीरों का विशेषाधिकार नहीं रह गया है। पिछले कुछ वर्षों में डेस्टिनेशन वेडिंग्स को लेकर हमारी सोच में बड़ा बदलाव आया है। जहाँ कभी ये ट्रेंड राजसी महलों और लग्ज़री होटलों तक सीमित था, आज यह देश के आम परिवारों के लिए भी उपलब्ध हो गया है। इसका प्रमुख कारण है टियर 2 और टियर 3 शहरों में 3 और 4 स्टार रिसॉर्ट में शादी करने का चलन, जिसने ड्रीम वेडिंग को साकार करना काफी आसान बना दिया है। अब विदेशों या फाइव स्टार पैलेस गज़ब खर्च के बजाय देश के ही खूबसूरत और किफायती स्थानों पर शादी आयोजित करना सुविधाजनक और बजट फ्रेंडली साबित हो रहा है।

डेस्टिनेशन वेडिंग्स का भारत में बदलता स्वरूप

पिछले कुछ वर्षों में ‘Wed in India’ अभियान और घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ ही भारत में डेस्टिनेशन वेडिंग्स का सीन पूरी तरह बदल गया है। नए रुझान के मुताबिक, दिल्ली के वेडिंग क्यूरेटर निश्चय गांधी के अनुसार, “बड़ी हाई-प्रोफाइल शादियाँ अब देश में ही हो रही हैं। इससे न सिर्फ लागत कम होती है, बल्कि परिवारों के लिए यह आयोजन ज्यादा सुविधाजनक भी है।” अब विदेशी वेडिंग्स की जगह घरेलू डेस्टिनेशन वेडिंग्स का क्रेज लगातार बढ़ रहा है। यही वजह है कि 2023-24 में WedMeGood के एक सर्वे के अनुसार, भारत में 21% शादियाँ डेस्टिनेशन वेडिंग्स थीं, जबकि 2022 में यह आंकड़ा 18% था।

लोकप्रिय डेस्टिनेशन: महंगे के बजाय बजट विकल्प की ओर

कुछ वर्ष पूर्व तक उदयपुर, जयपुर और गोवा जैसी जगहों की डेस्टिनेशन वेडिंग्स को ही प्रीमियम माना जाता था। इन स्थानों की राजसी शान, फाइव स्टार पैलेसेस और लग्ज़री रिसॉर्ट्स का खर्च आम आदमी की पॉकेट से बहुत ऊपर था। लेकिन अब इन जगहों की बजाय लोग निम्नलिखित बजट फ्रेंडली स्थलों को चुन रहे हैं:

राज्य/शहरलागत (2 दिन, 70-150 मेहमान)प्रमुख आकर्षण
राजस्थान (उदयपुर, जयपुर, जोधपुर)₹3-5 करोड़ (पैलेस), ₹50 लाख-2 करोड़ (छोटे होटल)राजसी महल, ऊँचे बजट
गोवा (साउथ गोवा)₹20-60 लाखसमुद्र तट पर वेडिंग, एयरफेयर खर्च ज्यादा
केरल (कोवलम, कोचि, कुमारकोम)₹75 लाख-2 करोड़खूबसूरत बैकड्रॉप, एयरफेयर खर्च ज्यादा
हिमाचल (कसौली, शिमला)₹20-40 लाखहिल रिसॉर्ट्स, ट्रैन/रोड एक्सेस
उत्तराखंड (रिषिकेश, देहरादून, जिम कार्बेट, मसूरी)₹25-60 लाखविविध रिसॉर्ट्स, बजट में कस्टमाइजेशन
ओडिशा (पुरी, गोपलपुर-ऑन-सी)₹15-30 लाखसमुद्री किनारा, बड़े व छोटे रिसॉर्ट्स
कर्नाटक (कोडागु/कूर्ग)₹25-50 लाखहिल स्टेशन, प्लेट प्रति व्यक्ति ₹600-3500
महाराष्ट्र (अलीबाग, करजत)₹20-40 लाखमुंबई के पास, समुद्री किनारे या हिल स्टेशन

टिप्स:

  • बड़े पैलेस या फाइव स्टार होटल्स के बजाय छोटे, बुटीक रिसॉर्ट चुनें
  • रिषिकेश, कसौली, शिमला जैसे स्थान ट्रेन एवं रोड से आसानी से पहुंच सकते हैं
  • ऑफ़ सीजन में होटल बुकिंग से 50-60% तक की बचत हो सकती है
  • बजट शादी में आमतौर पर 2-3 दिन और 3-4 आयोजन होते हैं​

खर्च बचाने के उपाय

डेस्टिनेशन वेडिंग को बजट फ्रेंडली बनाने के लिए कई उपाय अपनाए जा सकते हैं:

  • टियर 2/3 शहर एवं 3/4-स्टार रिसॉर्ट्स चुनें: बड़े होटल्स की तुलना में छोटे होटल्स में कुल खर्च एक तिहाई हो सकता है।
  • शोल्डर सीजन में आयोजन करें: भीड़ व उच्च दरों से बचने हेतु ऑफ सीजन चुनें; जैसे रिषिकेश के लिए अप्रैल या सितंबर।
  • लोकल टैलेंट हायर करें: मेक-अप, मेहंदी, फोटोग्राफर, डीजे इत्यादि स्थानीय कलाकारों/टीम से लें जिससे यात्रा व रहने का अतिरिक्त खर्च बच सके।
  • डिजिटल आमंत्रण, आउटडोर डेकोर: डिजिटल निमंत्रण, फूलों से सजावट की जगह प्राकृतिक बैकड्रॉप, हैंडमेड गिफ्ट्स, सजावट की रिपर्पजिंग और किराये के कपड़े व आभूषण।
  • वेडिंग ऐप्स का इस्तेमाल: WedMeGood, Wedding Wire India आदि ऐप्स से वेन्यू एवं वेंडर मैनेजमेंट, मेहमानों की लिस्ट, बजट ट्रैकिंग, वेबसाइट क्रिएशन आदि।
  • आसान एक्सेस वाले स्थान चुनें: अपने शहर के पास ट्रेन/बस सेजाने योग्य स्थान जिससे ट्रैवल कॉस्ट मिनिमल हो ।​

बजट ब्रेकअप और टिपिकल खर्च

आम तौर पर होटल में ठहरना और भोजन कुल खर्च का 40-60% हिस्सा होते हैं, जबकि सजावट और मनोरंजन पर 30% तक खर्च आता है। शेष ट्रैवल व अन्य व्यवस्थाएँ होती हैं। डेस्टिनेशन वेडिंग्स के तीन प्रमुख बजट कैटेगरी हैं:

  • लक्सरी: 3-5 करोड़ (100-300 मेहमान, पैलेस/फाइव स्टार)
  • मिडरेंज: 70 लाख – 2 करोड़ (100-300 मेहमान, छोटे होटल/रिसॉर्ट्स)
  • बजट: 20-60 लाख (70-150 मेहमान, टियर 2/3 रिसॉर्ट्स)

ये खर्च अधिकांशतः विवाह स्थल, साज सज्जा, खानपान, मनोरंजन, और कलाकारों की फीस को कवर करते हैं। व्यक्तिगत खर्च जैसे उपहार, गहने, ड्रेस इस बजट के बाहर होते हैं।

  • उदाहरण: कसौली में 80 मेहमानों के दो दिवसीय आयोजन में सिर्फ सीमित खर्च और सुंदर हिल बैकग्राउंड मिला ।​

प्रमुख डेस्टिनेशन में पैकेज और सीजन की भूमिका

अधिकांश रिसॉर्ट्स/होटल्स ऑल-इनक्लूसिव पैकेज ऑफर करते हैं जिसमें होटल ठहराव, भोजन, जगह, सजावट व मनोरंजन शामिल होता है। खुद से सारी व्यवस्था करने के बजाय ऐसे पैकेज ज्यादा सस्ते पड़ते हैं। वेडिंग प्लानर लोकेशन, डेकोर व लॉजिस्टिक्स में मदद व खर्च की बचत करता है, पर वेडिंग ऐप्स अत्यंत बजट फ्रेंडली हैं।

सीजन और होटल की लोकप्रियता के आधार पर कीमत बदलती है। ऑफ-सीजन में होटल, कैटरिंग, डेकोर व एंटरटेनमेंट 50-60% तक सस्ता हो जाता है।

किस बजट के लिए कितनी SIP आवश्यक?

अगर आपकी योजना 10 वर्षों के बाद शादी करने की है, तो 7% मुद्रास्फीति के हिसाब से, आज 1 करोड़ का बजट दस साल में ₹1.96 करोड़ हो जाएगा। निवेश योजना (SIP) के तहत 12% की वार्षिक बढ़ोतरी के साथ इस लक्ष्य के लिए ₹84,000/माह निवेश करना होगा। 30 लाख के बजट के लिए यह महीना ₹26,000/माह होगा ।​

चुनौतियां एवं समाधान

कुछ टियर 2 शहर जैसे रिषिकेश, कोडागु, गोपलपुर-ऑन-सी आदि में बड़े और महंगे रिसॉर्ट्स भी उपलब्ध हैं। इसलिए, लोकेशन चुनते समय मुख्य रूप से मेहमानों की संख्या, एक्सेसिबिलिटी, कमरों की उपलब्धता व मनपसंद बैकड्रॉप पर ध्यान दें।

  • सस्ते विकल्प के लिए छोटे होटल व कस्बों, हिल स्टेशनों, या सागर तट को चुनें।
  • मेहमानों की संख्या सीमित रखें, जिससे स्थान व इंतजामों पर खर्च कम आए।
  • सजावट और कलाकारों के लिए लोकल टीम को प्राथमिकता दें।

योजना कैसे बनायें?

  • आयोजन से 6-12 माह पूर्व प्लानिंग शुरू करें।
  • सभी संभावित होटल्स की विजिट करें और आवश्यक व्यवस्थाओं की सूची बनायें।
  • स्पष्ट बजट निर्धारित करें और 10-20% अतिरिक्त फंड की प्लानिंग रखें।
  • वेडिंग प्लानर या ऐप का चयन करें।
  • मेहमानों को आमंत्रण, यात्रा-प्रबंध, भोजन, ठहराव और समय-समय पर अपडेट्स भेजें।
  • आपात खर्च एवं अंतिम क्षण के बदलावों के लिए लचीलापन रखें ।​

निष्कर्ष

डेस्टिनेशन वेडिंग अब आम परिवारों के लिए भी एक साकार सपना है। बस सही समय, स्थान, बजट और आयोजन के साथ आप अपने जीवन के इस सबसे ख़ास पल को यादगार और बजट फ्रेंडली बना सकते हैं। स्मार्ट प्लानिंग, लोकल रिसॉर्ट्स/कलाकार और डिजिटल साधनों के इस्तेमाल से आप अपनी ड्रीम वेडिंग को ना सिर्फ किफायती बना सकते हैं, बल्कि उसे एक खूबसूरत और यादगार अनुभव भी दे सकते हैं।


इस लेख में डेस्टिनेशन वेडिंग्स के ट्रेंड, बजट, स्थल-विकल्प, लागत बचाने के उपाय, SIP से भविष्य की योजना, और आयोजन संबंधी रोडमैप को विस्तार से प्रस्तुत किया गया है ।​

  1. https://economictimes.indiatimes.com/wealth/plan/dream-wedding-on-a-budget-move-over-udaipur-goa-as-tier-2/3-cities-make-destination-weddings-finally-affordable/articleshow/125340591.cms

Related Posts

वेस्टर्न मीडिया इस भारत को नहीं दिखाता, जहाँ मेहमान सचमुच भगवान होता है

भारत को समझने के लिए कभी‑कभी आँकड़े नहीं, कहानियाँ ज़्यादा सच्ची तस्वीर दिखाती हैं। यह वीडियो एक विदेशी यात्री की नजर से वही भारत दिखाता है, जहाँ सचमुच अतिथि देवो…

Continue reading
New Income Tax Rules 2026 | Ab Income छुपाना नामुमकिन | Pre Filled ITR Explained| टैक्स चोरी पर लगाम

​नया इनकम टैक्स कानून 2025–26 प्री‑फिल्ड ITR और ऑटो‑फिल सिस्टम एक्टिव व पैसिव इनकम पर कड़ी नजर टैक्स चोरी अब क्यों मुश्किल होगी? सैलरीड लोगों के लिए राहत और जिम्मेदारी…

Continue reading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

वेस्टर्न मीडिया इस भारत को नहीं दिखाता, जहाँ मेहमान सचमुच भगवान होता है

वेस्टर्न मीडिया इस भारत को नहीं दिखाता, जहाँ मेहमान सचमुच भगवान होता है

अपराधों के युग में अध्यात्म का सहारा: क्यों महाराज जी का मार्ग ही मानवता की सच्ची दिशा है

अपराधों के युग में अध्यात्म का सहारा: क्यों महाराज जी का मार्ग ही मानवता की सच्ची दिशा है

भगवान कृष्ण बहुत कठिन परीक्षाएँ लेते हैं और परिवार तथा आर्थिक संपत्ति भी छीन लेते हैं!

भगवान कृष्ण बहुत कठिन परीक्षाएँ लेते हैं और परिवार तथा आर्थिक संपत्ति भी छीन लेते हैं!

गूगल, ज़ोमैटो, अमेज़न, फ्लिपकार्ट पर रिव्यू का नया जुगाड़: तारीफ या ठगी?

गूगल, ज़ोमैटो, अमेज़न, फ्लिपकार्ट पर रिव्यू का नया जुगाड़: तारीफ या ठगी?

क्या हम सच में समझदार खरीददार हैं?

क्या हम सच में समझदार खरीददार हैं?

मन ने जीना हराम कर दिया है, क्या करूँ?

मन ने जीना हराम कर दिया है, क्या करूँ?