अंतरात्मा की आवाज़ और कामना-जनित आवाज़ का भेद: श्री हित प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज का दृष्टिकोण (EN)

#Antaratma #InnerVoice #PremanandMaharaj #Spirituality #Bhakti #आत्मा #मन #प्रवचन #हृदय_की_आवाज़ #श्रीहितप्रेमानंद

अंतरात्मा की आवाज़ और कामना-जनित आवाज़: कैसे करें पहचान?

मानव जीवन में अक्सर यह भ्रम रहता है कि हमारे भीतर जो आवाज़ उठ रही है, वह सचमुच आत्मा की है या केवल मन की इच्छाओं की उपज। श्री हित प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज ने अपने प्रवचन (06:39 से 09:50 मिनट) में इस गूढ़ विषय को अत्यंत सरलता और स्पष्टता से समझाया है1।

1. अंतरात्मा की आवाज़ क्या है?

महाराज जी कहते हैं, “विपरीत या विकट परिस्थिति में जो आदेश या प्रेरणा हमारे भीतर से आती है, और वह शास्त्रों द्वारा प्रमाणित, सत्य, और मंगलकारी हो—वही अंतरात्मा की आवाज़ है।”
अर्थात्, जब कोई स्थिति सामने आती है और भीतर से ऐसा संकेत मिलता है कि यह कार्य उचित नहीं है, यह पाप है, यह शास्त्र-विरुद्ध है—तो वह आवाज़ अंतरात्मा की मानी जाएगी।
अंतरात्मा की आवाज़ हमेशा पवित्र, निष्पाप, और मंगलमय होती है। उसमें कभी भी वासना, स्वार्थ या इंद्रियजन्य सुख की प्रेरणा नहीं होती। वह परमात्मा की आवाज़ होती है, जो हमारे भीतर विराजमान है।

2. कामना-जनित आवाज़ क्या है?

इसके विपरीत, जो आवाज़ इंद्रियों को भोगों की ओर आकर्षित करे, “चलो यह खा लेते हैं, यह देख लेते हैं, यह भोग लेते हैं,”—वह मन की आवाज़ है।
मन की यह आवाज़ वासनाओं, इच्छाओं, और भोग की प्रेरणा से उत्पन्न होती है। इसमें शास्त्रों का कोई प्रमाण नहीं होता, न ही यह मंगलमय होती है।
महाराज जी स्पष्ट करते हैं कि मन की आवाज़ हमें अक्सर पाप की ओर ले जाती है, जबकि अंतरात्मा की आवाज़ हमें पवित्रता और धर्म की ओर प्रेरित करती है।

3. पहचानने का व्यावहारिक तरीका

  • शास्त्र प्रमाण: अंतरात्मा की आवाज़ हमेशा शास्त्र-सम्मत होती है। कोई भी आदेश या प्रेरणा जो शास्त्रों के विरुद्ध है, वह मन की उपज है।

  • निर्वासनिकता: अंतरात्मा की आवाज़ कभी भी वासना या भोग की ओर नहीं ले जाती।

  • अंतर्मन की पीड़ा: यदि कभी भूलवश मन की आवाज़ पर चलकर पाप हो जाए, तो अंतरात्मा में तुरंत पश्चाताप, जलन और गलती दोहराने का डर उत्पन्न होता है।

  • नाम जप का प्रभाव: महाराज जी कहते हैं, “जो नाम जप करता है, वही अंतरात्मा की आवाज़ को ठीक से पहचान सकता है।”

  • विपत्ति में समाधान: जब कोई विषम परिस्थिति आती है और समझ नहीं आता कि क्या करें, तो एकाग्र होकर भगवान से प्रार्थना करें—”हे प्रभु, मुझे सही मार्गदर्शन दें।”कभी-कभी समाधान भीतर से आता है, कभी शास्त्र या संत के वचन से, और कभी किसी व्यक्ति के माध्यम से। यह भी परमात्मा की प्रेरणा ही होती है।

    4. उदाहरण द्वारा समझाइए

    महाराज जी उदाहरण देते हैं:”मान लीजिए आप किसी स्त्री की ओर दोष दृष्टि से देखते हैं, भीतर से आवाज़ आती है—यह गलत है। यह अंतरात्मा की आवाज़ है, क्योंकि शास्त्र भी यही आदेश देते हैं। लेकिन अगर मन कहे—कोई बात नहीं, ऐसा कर लो—तो वह कामना-जनित आवाज़ है।”

    5. भगवान का आश्रय ही सर्वोत्तम उपाय

    महाराज जी कहते हैं कि विपत्ति में सबसे पहले भगवान का आश्रय लें, उनसे प्रार्थना करें। जब कोई मार्ग न दिखे, तब नहीं, बल्कि विपत्ति आते ही प्रभु का स्मरण करें।भगवान अवश्य मार्गदर्शन देंगे—भीतर से, शास्त्र से, संत के वचन से, या किसी व्यक्ति के माध्यम से।

    6. निष्कर्ष

    • अंतरात्मा की आवाज़ शुद्ध, शास्त्र-सम्मत, और मंगलमय होती है।

    • कामना-जनित आवाज़ मन की इच्छाओं, वासनाओं और भोग से उत्पन्न होती है।

    • पहचान का सबसे बड़ा आधार है—क्या वह प्रेरणा शास्त्र-सम्मत है? क्या उसमें पवित्रता है? क्या उसमें स्वार्थ या वासना है?

    • नाम जप और भगवान का आश्रय लेने से अंतरात्मा की आवाज़ को पहचानना सरल हो जाता है।

    अंतिम विचार

    आध्यात्मिक साधना में सबसे बड़ा मार्गदर्शन हमारी अंतरात्मा की शुद्ध आवाज़ है। जब भी कोई निर्णय लें, उसे शास्त्र, संत, और अपने भीतर की पवित्र प्रेरणा की कसौटी पर परखें। मन की इच्छाओं और वासनाओं से ऊपर उठकर, अंतरात्मा की आवाज़ को सुनें—यही सच्चा धर्म है, यही जीवन की सफलता का रहस्य है1।

  • Related Posts

    मांस बिक्री पर रोक: शास्त्र, अहिंसा और राष्ट्रीय चेतना की ओर लौटता भारत

    ओडिशा के कोरापुट जिले में 26 जनवरी को मांस‑मछली‑अंडे की बिक्री पर एक दिन की रोक का निर्णय पूरे देश के लिए एक मजबूत नैतिक मिसाल है, इसे राष्ट्रीय स्तर…

    Continue reading
    Bhajan Clubbing से क्या सचमुच यूथ कुछ सुधरेगा?

    प्रधान मंत्री मोदी जी ने मन की बात कार्यक्रम में Bhajan clubbing की तारीफ़ की, Gen-Z के लिए आध्यात्मिकता की एक नई, आकर्षक शुरुआत है, लेकिन इससे हर युवा के…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    पूर्व की बुरी आदतें छोड़कर नई दैवी आदतें कैसे अपनाएं? | श्री हित प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज का मार्गदर्शन

    पूर्व की बुरी आदतें छोड़कर नई दैवी आदतें कैसे अपनाएं? | श्री हित प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज का मार्गदर्शन

    भारत में रियल एस्टेट से अमीर कैसे बनें? आसान भाषा में एक्सपर्ट की पूरी प्लेबुक

    भारत में रियल एस्टेट से अमीर कैसे बनें? आसान भाषा में एक्सपर्ट की पूरी प्लेबुक

    मांस बिक्री पर रोक: शास्त्र, अहिंसा और राष्ट्रीय चेतना की ओर लौटता भारत

    मांस बिक्री पर रोक: शास्त्र, अहिंसा और राष्ट्रीय चेतना की ओर लौटता भारत

    क्या SIP से अमीर बनने की बात झूठ है ?

    क्या SIP से अमीर बनने की बात झूठ है ?

    2026 में भारत में पैसा कमाने के सच्चे बिज़नेस लेसन: अटेंशन, ब्रांडिंग और प्राइसिंग की पूरी गाइड

    2026 में भारत में पैसा कमाने के सच्चे बिज़नेस लेसन: अटेंशन, ब्रांडिंग और प्राइसिंग की पूरी गाइड

    ज़हरीले ब्यूटी प्रोडक्ट छोड़ें: नेल पॉलिश से फेयरनेस क्रीम तक 7 चीज़ें और उनके नेचुरल विकल्प

    ज़हरीले ब्यूटी प्रोडक्ट छोड़ें: नेल पॉलिश से फेयरनेस क्रीम तक 7 चीज़ें और उनके नेचुरल विकल्प